Closing Bell: भारतीय शेयर बाजार हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को हरे निशान पर बंद हुए। बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी 0.65 फीसदी की बढ़त लेकर बंद हुए। शुरूआती कारोबार में सुस्त चाल के बाद एफएमसीजी और मेटल और ऑयल एंड गैस शेयरों में खरीदारी से बाजार को सपोर्ट मिला। साथ ही रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में तेजी ने भी बाजार को ऊपर की तरफ खींचा। हालांकि, निवेशक अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत को लेकर और अधिक स्पष्टता के इंतजार के बीच सतर्क रुख अपना रहे हैं।
तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) सपाट रुख के साथ 77,976.13 अंक पर खुला। दिन के दौरान इंडेक्स ने 78,553.45 के हाई और 77,726.23 का निचला स्तर छुआ। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 504.86 अंक यानी 0.65 फीसदी की उछाल लेकर 78,493 पर बंद हुआ।
इसी तरह, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 (Nifty-50) 24,165 अंक पर लगभग सपाट खुला। ट्रेडिंग सेशन के दौरान निफ्टी ने 24,371.90 का हाई और 24,096.05 के लो रेंज में कारोबार किया। अंत में यह इंडेक्स 156.80 अंक यानी 0.65 फीसदी की बढ़त लेकर 24,353 अंक पर बंद हुआ।
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ब्रॉडर मार्केट ने बेंचमार्क इंडेक्स से बेहतर प्रदर्शन किया। Nifty MidCap और Nifty SmallCap इंडेक्स क्रमशः 1.27 फीसदी और 1.48 फीसदी की बढ़त के साथ बंद हुए।
सेक्टर के लिहाज से, निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी ऑयल एंड गैस और निफ्टी मीडिया ने अच्छा प्रदर्शन किया, जबकि निफ्टी आईटी सबसे कमजोर सेक्टर रहा।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा, “घरेलू बाजार बढ़त के साथ बंद हुआ, जिसे पश्चिम एशिया में समाधान की बेहतर उम्मीदों और FIIs के फिर से शुद्ध खरीदार बनने से समर्थन मिला। इजराइल और लेबनान के बीच युद्धविराम से कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे रहीं, जिससे आयात पर निर्भर अर्थव्यवस्थाओं पर दबाव कम हुआ।”
उन्होंने आगे कहा कि आरबीआई के कदमों और भू-राजनीतिक तनाव में नरमी के चलते रुपया भी मजबूत हुआ। FMCG सेक्टर ने बढ़त का नेतृत्व किया, जिसे कीमतों में बढ़ोतरी, बेहतर बिजनेस अपडेट और आकर्षक वैल्यूएशन का समर्थन मिला।
अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने दोहराया कि ईरान के साथ चल रहा युद्ध जल्द खत्म होना चाहिए। उन्होंने गुरुवार को यह भी घोषणा की कि लेबनान और इज़राइल 10 दिनों के युद्धविराम पर सहमत हो गए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इज़राइल द्वारा लेबनान पर हमले रोकना, ईरान की उन प्रमुख शर्तों में से एक था, जिसके बाद वह युद्ध खत्म करने को तैयार हुआ। इसके अलावा, अमेरिका और ईरान इस मुद्दे पर चर्चा के लिए सप्ताहांत में बैठक करने वाले हैं।
एशियाई बाजार शुक्रवार सुबह गिरावट के साथ खुले। जबकि वॉल स्ट्रीट में रातभर रिकॉर्ड तेजी देखी गई थी। निवेशक अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते को लेकर और स्पष्टता का इंतजार कर रहे हैं। जापान का निक्केई 225 और दक्षिण कोरिया का कोस्पी क्रमशः 0.83 प्रतिशत और 0.33 प्रतिशत नीचे कारोबार कर रहे थे। वहीं, सीएसआई 300 में 0.16 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
गुरुवार को एसएंडपी 500 और नैस्डैक कंपोजिट ने अपनी रिकॉर्ड तेजी को आगे बढ़ाया और क्रमशः 0.26 प्रतिशत और 0.36 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.24 प्रतिशत ऊपर बंद हुआ।
ब्रेंट क्रूड की कीमतों में गिरावट देखी गई। अमेरिका और ईरान के बीच समाधान की उम्मीद से सप्लाई को लेकर स्थिति बेहतर होने की संभावना बनी। इसका अप्रैल फ्यूचर कॉन्ट्रैक्ट 1.10 प्रतिशत गिरकर 98.30 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।सोने और चांदी के वायदा भाव क्रमशः 0.06 प्रतिशत और 0.32 प्रतिशत की गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे।
सिटियस ट्रांसनेट इनविट का प्रारंभिक सार्वजनिक प्रस्ताव शुक्रवार को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा। कंपनी प्राइमेरी बाजार से 1105 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रख रही है। यह आईपीओ 21 अप्रैल को बंद होगा।
इसी तरह, मेहुल टेलीकॉम का आईपीओ भी सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा। यह 27.73 करोड़ रुपये का बुक-बिल्ट इश्यू है। इसका सब्सक्रिप्शन भी 21 अप्रैल को समाप्त होगा। वहीं, ओम पावर ट्रांसमिशन शुक्रवार को शेयर बाजार में लिस्ट होगा। इस इश्यू को अंतिम दिन 3.33 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था।