Stock Market Closing Bell, April 2, 2026: एशियाई बाजारों से कमजोर रुख के बीच भारतीय शेयर बाजार गुरुवार (2 अप्रैल) को जोरदार रिकवरी लेते हुए बढ़त में बंद हुए। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के ईरान पर हमले के ताजा बयान के बाद बाजार ने भारी गिरावट में शुरुआत की। हालांकि, डॉलर के मुकाबले रुपये में मजबूती और आईटी शेयरों जोरदार तेजी से बाजार निचले स्तर से उठ खड़ा हुआ। कारोबार के आखिरी चरण में वैल्यू बायिंग जोरदार तरीके से देखने को मिली, जिसमें सभी सेक्टरों में खरीदारी नजर आई। रियल्टी और मेटल शेयरों में खरीदारी ने भी बाजार को सपोर्ट दिया।
तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) करीब 900 अंक की गिरावट लेकर 72,262 पर खुला। खुलते ही इंडेक्स में गिरावट और बढ़ गई और कारोबार के दौरान यह 71,545.81 अंक तक गिर गया था। लेकिन दोपहर के कारोबार में निचले स्तर से जबरदस्त रिकवरी देखी गई। अंत में सेंसेक्स 185.23 अंक या 0.25 प्रतिशत चढ़कर 73,319.55 पर बंद हुआ।
इसी तरह, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी-50 (Nifty-50) भी कमजोरी के साथ 22,383 पर खुला। कारोबार के दौरान यह 22,182 अंक तक फिसल गया था। अंत में यह 33.70 अंक या 0.15 फीसदी की बढ़त लेकर 22,713.10 पर बंद हुआ।
| Index | Open | Day’s Low | Close |
|---|---|---|---|
| Sensex | 72,262 | 71,545 | 73,319 |
| Nifty 50 | 22,383 | 22,713 | 22,912 |
तीस शेयरों वाले बीएसई सेंसेक्स में एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा, इंफोसिस और टीसीएस शीर्ष बढ़त वाले शेयर रहे। इसके बाद एचडीएफसी बैंक, बजाज फाइनेंस, मारुति और टाइटन का स्थान रहा। दूसरी तरफ, एशियन पेंट्स, इटरनल, सन फार्मा, एनटीपीसी, रिलायंस इंडस्ट्रीज, पावर ग्रिड, महिंद्रा एन्ड महिंद्रा और अल्ट्रा सीमेंट प्रमुख रूप से गिरावट में रहे।
हालांकि, ब्रोडर मार्केट इंडेक्स कमजोर रहे। निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 क्रमशः 0.26 प्रतिशत और 0.38 प्रतिशत गिर गए। सेक्टोरल नजरिए से निफ्टी आईटी सबसे ज्यादा बढ़त वाला इंडेक्स रहा। इसमें 2.50 प्रतिशत से अधिक की तेजी आई। इसके अलावा निफ्टी मेटल, रियल्टी और एफएमसीजी भी बढ़त के साथ बंद हुए।
| Top Gainers | Top Losers |
|---|---|
| HCL Tech | Asian Paint |
| Tech Mahindra | Eternal |
| Infosys | Sun Pharma |
| TCS | NTPC |
| HDFC Bank | RIL |
निफ्टी आईटी इंडेक्स ने बाजार में बिकवाली के रुख को नजरअंदाज करते हुए कारोबार के दौरान 2.5 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की। चौथी तिमाही के नतीजों से पहले आईटी शेयरों में खरीदारी देखी गई।
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में गुरुवार (2 अप्रैल) को जोरदार मजबूती आई। रुपया खुलते ही 1.4 प्रतिशत मजबूत होकर डॉलर के मुकाबले 93.53 पर पहुंच गया। इसी के साथ रुपये ने 2013 के बाद अपनी सबसे बड़ी एकदिनी बढ़त दर्ज की। तब आरबीआई ने रुपये को स्थिरता देने के लिए असाधारण कदम उठाए थे।
कारोबार के आखिरी चरण में वैल्यू बायिंग जोरदार तरीके से देखने को मिली, जिसमें सभी सेक्टरों में खरीदारी नजर आई। निफ्टी मेटल इंडेक्स, जो दिन में पहले करीब 3 प्रतिशत गिर गया था और अंत में 0.39 प्रतिशत चढ़कर बंद हुआ।
निफ्टी ऑटो इंडेक्स में भी तेज रिकवरी देखने को मिली और यह केवल 0.62 प्रतिशत की गिरावट पर रह गया। इसी तरह निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स में भी यही रुझान देखने को मिला, जो इंट्राडे में 3.5 प्रतिशत गिरने के बाद संभलकर केवल 0.37 प्रतिशत की गिरावट पर बंद हुआ।
एशियाई बाजारों में शुरुआती बढ़त खत्म हो गई। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका अगले 2 से 3 हफ्तों में ईरान पर कड़ा हमला कर सकता है। इससे पश्चिम एशिया में जल्दी युद्धविराम की उम्मीदों पर पानी फिर गया। ट्रंप ने यह भी कहा कि तेहरान के साथ बातचीत जारी है और युद्ध ज्यादा लंबा नहीं चल सकता। इन विरोधाभासी बयानों से निवेशकों की चिंता बढ़ गई। जापान का निक्केई 225 और दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स क्रमशः 1.33 प्रतिशत और 2.61 प्रतिशत की गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे।
अमेरिका के शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद हुए। निवेशकों को उम्मीद थी कि अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच चल रहा युद्ध जल्द खत्म हो सकता है। एस एंड पी 500 और डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज क्रमशः 0.72 प्रतिशत और 0.48 प्रतिशत ऊपर बंद हुए। वहीं नैस्डैक कंपोजिट 1.16 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ।
इजराइल के साथ मिलकर ईरान पर ज्वाइंट सैन्य हमले शुरू करने के बाद अपने पहले संबोधन में अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका अपने सैन्य उद्देश्यों को हासिल करने के करीब है। और अगर जारी वार्ता विफल होती है तो आने वाले हफ्तों में हमले और तेज किए जाएंगे।
ट्रंप ने बुधवार को कहा, “हम अपने सभी उद्देश्यों को पूरा करने की दिशा में हैं। हम अगले दो से तीन हफ्तों में उन पर जोरदार हमला करेंगे और उन्हें वहीं भेज देंगे जहां वे हैं, यानी स्टोन एज में।” ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत जारी है, लेकिन चेतावनी दी कि अगर कोई समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका हमलों को और बढ़ाएगा। उन्होंने संकेत दिया कि बिजली उत्पादन जैसी अहम बुनियादी सुविधाओं को भी निशाना बनाया जा सकता है।