Stock Market Closing Bell, Wednesday, April 22, 2026: एशियाई बाजारों से कमजोर संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार बुधवार (22 अप्रैल) को गिरावट में बंद हुए। इसी के साथ बाजार में तीन ट्रेडिंग सेशन से जारी बढ़त का सिलसिला थम गया। अमेरिका और ईरान के बीच मंगलवार को समझौता नहीं हो पाने के बाद निवेशकों को डर है कि यह भू-राजनीतिक तनाव लंबे समय तक चल सकता है। इसका असर बाजार की चाल पर पड़ा। इसके अलावा एचसीएल टेक के नेतृत्व में आईटी शेयरों में बिकवाली ने बाजार को नीचे खींचा। रुपये में गिरावट ने भी बाजार पर दबाव डाला।
तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 79,019 पर खुला। जबकि मंगलवार को यह 79,273 पर बंद हुआ था। कारोबार के दौरान यह 78,442 अंक के निचले स्तर तक गया। अंत में 756.84 अंक या 0.95 फीसदी की गिरावट लेकर 78,516.49 पर बंद हुआ।
इसी तरह, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी-50 (Nifty-50) 24,470 पर खुला। जबकि मंगलवार को यह 24,500 के ऊपर बंद हुआ था। कारोबार के दौरान यह 24,352 अंक के इंट्रा-डे लो और 24,515 अंक के इंट्रा-डे हाई तक गया। अंत में 198.50 अंक या 0.81 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,378 पर बंद हुआ।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा, ”युद्धविराम बढ़ने के बावजूद वैश्विक बाजारों में जोखिम से बचने (रिस्क-ऑफ) का रुख बना रहा। अमेरिका–ईरान वार्ता को लेकर अनिश्चितता और शिपिंग में जारी बाधाओं ने निवेशकों को सतर्क रखा। कच्चे तेल की कीमतें फिर से करीब 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचने और भू-राजनीतिक अनिश्चितता बने रहने से, निवेशकों ने हालिया निचले स्तरों से शेयर बाजार में आई करीब 10 प्रतिशत की तेजी के बाद मुनाफावसूली की।”
उन्होंने कहा, ”निफ्टी आईटी इंडेक्स कमजोर रहा, जिसका कारण सतर्क प्रबंधन टिप्पणी और वित्त वर्ष 2027 के लिए सीमित गाइडेंस रहा, जो कमजोर मांग और निकट अवधि की अनिश्चितता को दर्शाता है। इसके बावजूद, व्यापक बाजार ने मजबूती दिखाई, जिसे आकर्षक वैल्यूएशन और निचले स्तरों पर चुनिंदा खरीदारी का समर्थन मिला।”
सेंसेक्स के शेयरों में एचसीएल टेक सबसे ज्यादा टूट गया। इसमें 10.76 फीसदी की गिरावट आई। इंफोसिस, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टीसीएस, टेक महिंद्रा, आईसीआईसीआई बैंक और एचसीएफ़सी बैंक सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयर रहे। वहीं, हिंदुस्तान यूनिलीवर, एनटीपीसी, इटरनल, ट्रेंट और रिलायंस में बढ़त रही।
ब्रॉडर मार्केट ने बेंचमार्क इंडेक्स के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया। निफ्टी मिडकैप और निफ्टी स्मॉलकैप क्रमशः 0.19 प्रतिशत और 1.13 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए। सेक्टोरल आधार पर निफ्टी आईटी सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा। इसके अलावा निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज और निफ्टी ऑटो इंडेक्स ने भी कमजोर प्रदर्शन किया।
अमेरिका ने ईरान के साथ युद्धविराम को तब तक बढ़ा दिया है, जब तक ईरान एक साझा समाधान प्रस्ताव पेश नहीं करता। राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने इस विस्तार की घोषणा करते हुए ‘ईरान की सरकार में गंभीर अंदरूनी विभाजन’ का हवाला दिया और यह जानकारी ट्रुथ सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में दी। निवेशकों को चिंता है कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत विफल होने के बाद भू-राजनीतिक तनाव लंबे समय तक बना रह सकता है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा युद्धविराम बढ़ाने के बाद एशियाई सत्र में अमेरिकी शेयर फ्यूचर्स में तेजी देखी गई। यह फैसला तब तक लागू रहेगा, जब तक ईरान एक साझा समाधान प्रस्ताव पेश नहीं करता। एसएंडपी 500 और डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल फ्यूचर्स क्रमशः 0.60 प्रतिशत और 0.51 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। वहीं, पिछले सेशन में नैस्डैक कंपोजिट और डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज दोनों 0.59 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए। एसएंडपी 500 भी 0.63 प्रतिशत नीचे बंद हुआ।
ज्यादातर एशियाई बाजारों में बुधवार सुबह गिरावट देखी गई। निवेशकों को चिंता है कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत विफल होने के बाद भू-राजनीतिक तनाव लंबे समय तक बना रह सकता है। हैंग सेंग और कोस्पी क्रमशः 1.11 प्रतिशत और 0.54 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। वहीं, इस रुझान के उलट जापान का निक्केई 225 सूचकांक 0.83 प्रतिशत चढ़ गया।