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Closing Bell: कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से बाजार पर दबाव, सेंसेक्स 582 अंक गिरा; निफ्टी 23997 पर बंद

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Closing Bell: कच्चे तेल की कीमतों में भारी तेजी और डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट का बाजार के सेंटीमेंट्स पर नेगेटिव असर पड़ा।

Last Updated- April 30, 2026 | 4:00 PM IST
Stock Market Crash

Stock Market Closing Bell, Thursday, April 30, 2026: वैश्विक बाजारों में कमजोर रुख के साथ भारतीय शेयर बाजारों में भी गुरुवार (30 अप्रैल) को गिरावट में बंद हुए। कच्चे तेल की कीमतों में भारी तेजी और डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट का बाजार के सेंटीमेंट्स पर नेगेटिव असर पड़ा। साथ ही ऑटो, मेटल और बैंकिंग शेयरों में बिकवाली ने बाजार को नीचे खींचा है। ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत रुक जाने से दुनिया भर के बाजारों में अनिश्चिता बढ़ गई है। हालांकि, आईटी शेयरों में खरीदारी से बाजार को थोड़ा सपोर्ट भी मिला।

तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 77,014 पर खुला। बुधवार को यह 77,496 पर बंद हुआ था। कारोबार के दौरान यह 1,200 अंक से भी ज्यादा गिर गया था। अंत में कुछ रिकवरी दिखाते हुए 582.86 अंक या 0.75 फीसदी की गिरावट लेकर 76,913.50 पर बंद हुआ।

इसी तरह, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी-50 (Nifty-50) 23,996 पर खुला और इसी के साथ फिर 24 हजार के लेवल के नीचे चला गया। जबकि इंट्रा-डे ट्रेड में यह 23,796 तक फिसल गया था। अंत में 180.10 अंक या 0.74 फीसदी गिरकर 23,997 पर बंद हुआ।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा, ”अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और प्रमुख समुद्री व्यापार मार्गों में जारी बाधाओं के कारण वैश्विक माहौल में तेज गिरावट देखी गई। ब्रेंट कच्चा तेल चार साल में पहली बार 120 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर गया, जिससे महंगाई को लेकर चिंता बढ़ गई और वैश्विक जोखिम वाली परिसंपत्तियों पर दबाव आया। भारत में, तेल की बढ़ती कीमतों का असर रुपये पर पड़ा और विदेशी पूंजी की बिकवाली तथा बढ़ते चालू खाते के घाटे को लेकर चिंताएं फिर उभर आईं।”

उन्होंने कहा, ”अमेरिकी केंद्रीय बैंक ने ब्याज दरों को यथावत रखा, लेकिन सख्त नीतिगत रुख बनाए रखा, जिससे डॉलर को मजबूती मिली और उभरते बाजारों के लिए वित्तीय परिस्थितियां और कड़ी हो गईं। घरेलू बाजार में वाहन, बैंक, मेटल और रियल एस्टेट क्षेत्रों में गिरावट रही, जबकि आईटी और फार्मा सेक्टर में चुनिंदा खरीदारी देखी गई। सेशन के अंत में हल्की रिकवरी जरूर देखने को मिली, लेकिन लंबे अवकाश से पहले कुल मिलाकर बाजार का रुख सतर्क बना रहा।”

टॉप लूजर्स एंड गेनर्स

सेंसेक्स की कंपनियों में इटरनल सबसे ज्यादा 2.84 फीसदी गिरकर बंद हुआ। हिंदुस्तान यूनिलीवर, टाटा स्टील, एलएंडटी, अल्ट्रा सीमेंट, महिंद्रा एंड महिंद्रा, ट्रेंट, एसबीआई और एक्सिस बैंक प्रमुख रूप से नुकसान में रहे। दूसरी तरफ, सन फार्मा, इन्फोसिस, बजाज फाइनेंस, अदाणी पोर्ट्स और टेक महिंद्रा बढ़त में रहे।

ब्रोडर मार्केटस भी प्रमुख इंडेक्स के साथ गिरावट में रहे। निफ्टी मिडकैप और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स क्रमशः 0.98 प्रतिशत और 0.48 प्रतिशत गिरकर बंद हुए। सेक्टोरल मोर्चे पर निफ्टी आईटी और निफ्टी फार्मा ने बेहतर प्रदर्शन किया, जबकि निफ्टी मेटल और निफ्टी कंस्ट्रक्शन ड्यूरेबल में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई।

Global Markets

ज्यादातर एशियाई बाजारों में गुरुवार सुबह गिरावट देखी गई। यह वॉल स्ट्रीट के रात के रुझान के अनुरूप रही। निक्केई 225 और हैंग सेंग क्रमशः 1.24 प्रतिशत और 0.71 प्रतिशत नीचे रहे, जबकि कोस्पी 0.01 प्रतिशत की हल्की बढ़त के साथ बंद हुआ।

अमेरिकी स्टॉक फ्यूचर्स गुरुवार सुबह मिले-जुले रहे। S&P 500 फ्यूचर्स में 0.36 प्रतिशत की बढ़त रही, जबकि डॉव जोन्स फ्यूचर्स 0.39 प्रतिशत नीचे रहे। पिछले सेशन में S&P 500 और डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज क्रमशः 0.04 प्रतिशत और 0.57 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए। वहीं, इसके विपरीत रुख दिखाते हुए नैस्डैक कंपोजिट 0.04 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ। अमेरिकी फेडरल ओपन मार्केट कमेटी ने 8-4 के मत से फेडरल फंड्स रेट को 3.5–3.75 प्रतिशत के दायरे में स्थिर रखने का फैसला किया है।

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First Published - April 30, 2026 | 8:10 AM IST

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