Stock Market Closing Bell, Monday, April 6, 2026: एशियाई बाजारों से पॉजिटिव रुख के बीच भारतीय शेयर बाजार हफ्ते के पहले ट्रेडिंग सेशन यानी सोमवार (6 अप्रैल) को सपाट खुलने के बाद जोरदार बढ़त के साथ बंद हुए। अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की रविवार को धमकी के बीच निवेशक शुरूआती कारोबार में सतर्क नजर आये। हालांकि, भूराजनीतिक तनाव कम होने की उम्मीद से बाजार का माहौल बेहतर हुआ। साथ ही तिमाही नतिजों से पहले फाइनेंशियल सर्विसेज और बैंकिंग शेयरों में तेज खरीदारी से बाजार में जोरदार रिकवरी देखने को मिली।
तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) मामूली गिरावट के साथ 73,477 अंक पर खुला। शुरूआती मिनटों में कोई पॉजिटिव ट्रिगर नहीं मिलने के बाद इंडेक्स में गिरावट बढ़ गई। कारोबार के दौरान यह 72,728 अंक तक फिसल गया था। अंत में 787.30 अंक या 1.07 प्रतिशत बढ़कर 74,106.85 पर बंद हुआ।
इसी तरह, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी-50 (Nifty-50) भी सपाट रुख के साथ 22,780 पर खुला। कारोबार के दौरान यह 22,542 अंक के लो और 22,998 अंक के हाई तक गया। अंत में 255.15 अंक या 1.12 प्रतिशत की बढ़त के साथ 22,968.25 पर बंद हुआ।
सेंसेक्स की कंपनियों में ट्रेंट लिमिटेड सबसे ज्यादा चढ़ा। इसमें 7.83 फीसदी की तेजी आई। एक्सिस बैंक, टाइटन, अल्ट्रा सीमेंट, एलएंडटी, बजाज फाइनेंस, एचडीएफसी बैंक और इंडिगो प्रमुख रूप से लाभ में रहे। दूसरी तरफ, सिर्फ रिलायंस इंडस्ट्रीज और एचडीएल टेक गिरावट में बंद हुए।
ब्रॉडर मार्केट में निफ्टी मिडकैप और निफ्टी स्मॉलकैप क्रमशः 1.52 प्रतिशत और 1.29 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए। सेक्टर के लिहाज से निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स ने बेहतर प्रदर्शन किया। निफ्टी पीएसयू बैंक और निफ्टी बैंक भी बढ़त में रहे। वहीं, निफ्टी ऑयल एंड गैस इंडेक्स कमजोर प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा।
युद्धविराम की उम्मीद
भूराजनीतिक तनाव कम होने की उम्मीद से बाजार का माहौल बेहतर हुआ है। रिपोर्ट्स में अमेरिका और ईरान के बीच संभावित संघर्षविराम की दिशा में प्रगति के संकेत मिले हैं। रॉयटर्स के मुताबिक, संघर्ष खत्म करने के लिए एक प्रस्तावित ढांचा दोनों पक्षों को दिया गया है। इसे जल्द लागू किया जा सकता है।
इससे रणनीतिक रूप से अहम स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के दोबारा खुलने की संभावना बढ़ी है। इस शांति योजना में दो चरण शामिल हैं। पहले तत्काल संघर्षविराम होगा, फिर व्यापक समझौता किया जाएगा। हालांकि, ईरान ने साफ कहा है कि वह अस्थायी संघर्षविराम के तहत स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को नहीं खोलेगा।
रुपये में मजबूती
भारतीय रुपया 33 पैसे मजबूत होकर डॉलर के मुकाबले 92.85 पर पहुंच गया। यह बढ़त तब आई जब आरबीआई ने सट्टेबाजी पर लगाम लगाने के लिए सख्त कदम उठाए। आरबीआई ने बैंकों की ओपन पोजिशन की सीमा 10 करोड़ डॉलर तक तय कर दी है। हालांकि, इस मजबूती के बावजूद रुपये पर दबाव बना हुआ है। फॉरेक्स ट्रेडर्स का कहना है कि विदेशी निवेश की निकासी, मजबूत डॉलर और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों की वजह से रुपये पर असर पड़ रहा है। भूराजनीतिक तनाव भी इस दबाव को बढ़ा रहा है।
बैंकिंग-फाइनेंशियल स्टॉक्स में तेजी
निफ्टी बैंक इंडेक्स करीब 1.5 प्रतिशत चढ़कर दिन के दौरान 52,339 के हाई स्तर तक पहुंच गया। इसमें बैंक ऑफ बड़ौदा, एक्सिस बैंक, केनरा बैंक, एचडीएफसी बैंक, फेडरल बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक और यस बैंक में करीब 3 प्रतिशत तक की तेजी देखी गई। वहीं, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज इंडेक्स भी करीब 1.7 प्रतिशत तक चढ़ा। इसमें एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस, श्रीराम फाइनेंस, बीएसई, मुथूट फाइनेंस, बजाज फाइनेंस, एचडीएफसी लाइफ, मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज और चोलामंडलम इन्वेस्टमेंट एंड फाइनेंस कंपनी में बढ़त रही।
जापान और दक्षिण कोरिया के बाजारों में सोमवार को शुरुआती कारोबार में तेजी देखी गई। निक्केई 225 और कोस्पी इंडेक्स क्रमशः 1.19 प्रतिशत और 1.36 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे।डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज पिछले शुक्रवार को 0.13 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ। एस एंड पी 500 और नैस्डैक कंपोजिट इंडेक्स क्रमशः 0.11 प्रतिशत और 0.18 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए। वहीं, अमेरिकी स्टॉक फ़्यूचर्स में गिरावट आई। अमेरिका और ईरान के बीच नए सिरे से बढ़े तनाव ने जोखिम के माहौल को बिगाड़ दिया। एसएंडपी 500 और डाउ जोन्स फ्यूचर्स क्रमशः 0.10 प्रतिशत और 0.09 प्रतिशत की गिरावट के साथ ट्रेड कर रहे थे।
इस बीच, ब्रेंट क्रूड का अप्रैल अनुबंध इंटरकॉन्टिनेंटल एक्सचेंज पर 1.15 प्रतिशत बढ़कर 110.68 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। कारोबारियों को आशंका है कि बढ़ता तनाव आपूर्ति की स्थिति को और बिगाड़ सकता है।