Stock Market Today, June 1: भारतीय शेयर बाजार सोमवार के सेशन में दबाव में रहा और प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए। FMCG और PSU बैंक शेयरों में तेज बिकवाली देखने को मिली, जबकि निवेशक अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते को लेकर चल रही चर्चाओं का आकलन करते रहे।
निफ्टी 50 में 165.15 अंक यानी 0.70 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई और यह 23,382.60 पर बंद हुआ। वहीं सेंसेक्स 508.40 अंक यानी 0.68 प्रतिशत टूटकर 74,267.34 के स्तर पर आ गया।
निफ्टी 50 के प्रमुख लूजरों में हिंदुस्तान यूनिलीवर, श्रेयम फाइनेंस और टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स शामिल रहे। इन शेयरों में बिकवाली का दबाव बाजार की कमजोरी का प्रमुख कारण बना।
ब्रॉडर मार्केट में भी कमजोरी देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 1.45 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप में 0.88 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
इससे साफ है कि गिरावट सिर्फ बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रही, बल्कि छोटे और मध्यम वर्ग के शेयर भी दबाव में रहे।
सेक्टरों की बात करें तो FMCG, PSU बैंक, ऑटो और रियल्टी इंडेक्स सबसे ज्यादा कमजोर रहे और इनमें अच्छी खासी गिरावट देखने को मिली। इसके विपरीत आईटी, मेटल और मीडिया सेक्टर ने बेहतर प्रदर्शन किया और बाजार को कुछ हद तक सहारा देने की कोशिश की।
Enrich Money के CEO पोनमुडी आर के अनुसार, निफ्टी 50 पूरे कारोबारी सत्र में कमजोर रुख के साथ ट्रेड करता रहा और लगातार बिकवाली के दबाव में रहा। बाजार बंद होते समय यह दिन के निचले स्तर के करीब पहुंच गया। शुरुआती गिरावट के बाद भी इसमें कोई मजबूत रिकवरी देखने को नहीं मिली, जिससे बाजार में मंदी का रुझान साफ दिखाई देता है।
निफ्टी ने 23,500 के अहम सपोर्ट लेवल को तोड़ दिया है। अब यह स्तर रेजिस्टेंस के रूप में काम कर सकता है। इसके बाद 23,600 से 23,750 का दायरा मजबूत रेजिस्टेंस जोन माना जा रहा है। अगर इंडेक्स इन स्तरों तक पहुंचता है, तो वहां फिर से बिकवाली का दबाव बन सकता है, जब तक कि यह इन स्तरों के ऊपर मजबूती से टिक न जाए।
23,500 के नीचे टूटने से शॉर्ट टर्म स्ट्रक्चर कमजोर हो गया है। अब निफ्टी के लिए अगला सपोर्ट 23,300 से 23,250 के बीच माना जा रहा है। अगर यह स्तर भी टूटता है, तो गिरावट तेज होकर 23,000 तक जा सकती है।
तकनीकी संकेतकों के अनुसार, RSI अब 40 के करीब पहुंच गया है, जो यह दिखाता है कि बाजार में तेजी की ताकत कम हो रही है और मंदी का दबाव बढ़ रहा है।
बाजार सहभागियों की निगाहें अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते पर टिकी हुई हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने हाल ही में कहा है कि अमेरिका ऐसा समझौता चाहता है, जिससे ईरान कभी परमाणु हथियार हासिल न कर सके।
हालांकि उन्होंने यह भी संकेत दिया कि समझौते को जल्द अंतिम रूप देने की इच्छा के बावजूद अमेरिका किसी प्रकार की जल्दबाजी नहीं करेगा। इस बयान के बाद निवेशक आगे की प्रगति का इंतजार कर रहे हैं।