facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

H-1B वीजा फीस से टूटा शेयर बाजार: आईटी शेयरों ने सेंसेक्स और निफ्टी को नीचे खींचा

Advertisement

सेंसेक्स 466 अंक यानी 0.56 फीसदी गिरकर 82,160 पर आ गया जबकि निफ्टी 50 इंडेक्स 125 अंक यानी 0.5 फीसदी फिसलकर 25,202 पर टिका

Last Updated- September 22, 2025 | 10:06 PM IST
Stock market today

घरेलू शेयर सूचकांकों में सोमवार को गिरावट आई। इसकी वजह एच-1बी वीजा आवेदन शुल्क में तीव्र बढ़ोतरी की अमेरिका की घोषणा रही जिससे सूचना प्रौद्योगिकी शेयरों में तेज फिसलन हुई और निवेशकों के सेंटिमेंट पर असर पड़ा। सेंसेक्स 466 अंक यानी 0.56 फीसदी गिरकर 82,160 पर आ गया जबकि निफ्टी 50 इंडेक्स 125 अंक यानी 0.5 फीसदी फिसलकर 25,202 पर टिका।

निफ्टी आईटी इंडेक्स 2.95 फीसदी लुढ़क गया। उसके 10 में से नौ शेयर लाल निशान के साथ बंद हुए। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, इन्फोसिस और विप्रो जैसे दिग्गज शेयरों में करीब 3 फीसदी की गिरावट आई। इस बिकवाली से निफ्टी आईटी शेयरों का बाजार मूल्यांकन करीब 85,000 करोड़ रुपये घट गया। बैंकिंग के बाद बेंचमार्क सूचकांकों में आईटी का दूसरा सबसे बड़ा भार है और इसलिए आईटी शेयरों के प्रदर्शन का समग्र बाजार के प्रदर्शन पर असर पड़ता है।

वॉलैटिलिटी में इजाफा हुआ और इंडिया वीआईएक्स 6 फीसदी बढ़कर 10.6 पर पहुंच गया। अन्य सूचकांकों का प्रदर्शन भी निराशाजनक रहा। निफ्टी मिडकैप 100 में 0.7 फीसदी और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 1.2 फीसदी की नरमी आई।

Also Read | Diwali Muhurat Trading 2025: शेयर बाजार में इस दिन होगी ‘मुहूर्त ट्रेडिंग’ जानें क्या है समय?

यह गिरावट शुक्रवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप प्रशासन की ओर से नए एच-1बी वीजा आवेदनों पर 1,00,000 डॉलर का शुल्क लगाने की घोषणा के बाद आई है। पिछले साल स्वीकृत एच-1बी लाभार्थियों में 71 फीसदी भारतीय थे। भारत का 283 अरब डॉलर का आईटी उद्योग (जिसकी 57 फीसदी आय अमेरिका से होती है) अपनी वृद्धि को बरकरार रखने के लिए वीजा कार्यक्रम और आउटसोर्सिंग पर बहुत अधिक निर्भर रहा है।

अमेरिका में कारोबार पर निर्भर दवा कंपनियों के शेयरों में दूसरी सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी फार्मा इंडेक्स 1.41 फीसदी नीचे आया और उसके 20 में से 18 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। फिर भी, विश्लेषकों का रुख सकारात्मक बना हुआ है। यूबीएस ग्लोबल वेल्थ मैनेजमेंट ने एक नोट में कहा, कारोबारी अनिश्चितता और एच-1बी वीजा शुल्क में बढ़ोतरी के बावजूद, कर कटौती और नीतिगत नरमी के जरिए सरकार का वृद्धि समर्थक रुख भारतीय शेयरों को आकर्षक बनाए हुए है।

Advertisement
First Published - September 22, 2025 | 10:00 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement