facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

गैर सूचीबद्ध शेयरों की मंजूरी प्रक्रिया होगी सरल, IPO लाने के लिए करना होगा कम इंतजार

Advertisement
Last Updated- May 29, 2023 | 11:16 PM IST
NSE made great earnings, profits improved

अपना IPO लाने के लिए अब भी मंजूरी का इंतजार कर रहे नैशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (NSE) ने अब कंपनी के गैर-सूचीबद्ध शेयरों की खरीदारी प्रक्रिया आसान बनाने पर जोर दिया है। इससे ऐसे सौदों में लगने वाला करीब चार महीने का समय घटकर महज एक सप्ताह रह जाएगा।

भारत के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज के प्रबंधन ने इसकी पु​ष्टि की है कि वह इस प्रक्रिया में लगने वाला समय घटाने की दिशा में काम कर रहा है। विश्लेषकों के अनुसार, मौजूदा समय में शेयर खरीदने के लिए NSE से कुछ मंजूरियां लेने की जरूरत होती है।

तिमाही नतीजों के बाद विश्लेषकों से बात करते हुए एक्सचेंज के प्रबंध निदेशक (MD) एवं मुख्य कार्या​धिकारी (CEO) आ​शिष कुमार चौहान ने कहा, ‘कुछ नियामकीय शर्तें हैं। हमने अब इस प्रक्रिया को आसान बनाया है और इसमें तेजी आएगी। यह मंजूरी प्रक्रिया एक सप्ताह से भी कम समय में पूरी की जाएगी।’चौहान ने कहा कि यदि एक सप्ताह के अंदर एनएसई की मंजूरी मिलने में कोई समस्या आती है तो निवेशक या विश्लेषक इसके समाधान के लिए एक्सचेंज को सूचित कर सकते हैं।

Also read: IPO में तेजी से बढ़ेगी छोटे निवेशकों की दिलचस्पी

हालांकि गैर-सूचीबद्ध शेयरों से जुड़े उद्योग के कारोबारियों को अगले तीन महीने से पहले नई समय-सीमा प्रभावी होने के आसार नहीं दिख रहे हैं। उन्हें मांग बढ़ने और एक्सचेंज के शेयरों के लिए लॉट आकार घटने का अनुमान है।

अपलिस्टेड ऐसेट्स के सह-संस्थापक मनीष खन्ना ने कहा, ‘यदि गैर-सूचीबद्ध शेयरों के स्थानांतरण का समय घटकर एक सप्ताह रह जाता है तो इससे निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ेगी, ब्रोकरेज कीमत अंतर और लॉट आकार घटेगा, तथा कारोबार बढ़ जाएगा।’कारोबारियों के अनुसार, एक्सचेंज ऐसे स्थानांतरण के लिए जरूरी केवाईसी प्रक्रिया में लगने वाला समय घटाने पर भी काम कर रहा है।

Advertisement
First Published - May 29, 2023 | 11:16 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement