facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

अप्रैल में सूचकांकों की पहली साप्ताहिक नरमी, थमी IT शेयरों की तेजी

Advertisement
Last Updated- April 21, 2023 | 10:02 PM IST
Stock Market Today

सूचना प्रौद्योगिकी दिग्गजों के कमजोर तिमाही नतीजे और आने वाले समय के लिए कुछ फर्मों के नरम अनुमान के कारण तकनीकी शेयरों में बिकवाली हुई और भारतीय बाजारों में तीन हफ्ते से चली आ रही तेजी थम गई।

सेंसेक्स शुक्रवार को 22 अंकों की बढ़त के साथ 59,655 पर बंद हुआ जबकि निफ्टी ने 17,624 पर कारोबार की समाप्ति की। लेकिन सप्ताह के दौरान सेंसेक्स में 1.3 फीसदी और निफ्टी में 1.1 फीसदी की गिरावट आई। अप्रैल में इन दोनों सूचकांकों की पहली साप्ताहिक गिरावट है।

विकसित दुनिया में बैंकिंग संकट के कारण इन्फोसिस जैसे आईटी दिग्गजों ने कमजोर नतीजे दर्ज किए और आने वाले समय के लिए राजस्व नरम रहने की भविष्यवाणी की, लिहाजा बाजारों में इस हफ्ते उतारचढ़ाव में इजाफा हुआ।

कई विश्लेषकों ने इस डर से आईटी शेयरों की लक्षित कीमत में कमी कर दी कि विकसित दुनिया में मंदी का आईटी सेवा निर्यातकों की मांग पर गंभीर असर पड़ सकता है।

विश्लेषकों ने कहा, आईटी कंपनियों के राजस्व पर उम्मीद से ज्यादा चोट पड़ी, ऐसे में उनकी दोबारा रेटिंग जरूरी हो गई। सप्ताह के दौरान निफ्टी आईटी इंडेक्स 5 फीसदी टूटा।

एक नोट में कोटक इंस्टिट्यूशनल इक्विटीज ने कहा कि अमेरिका के क्षेत्रीय बैंकों व यूरोपीय बैंकों में मार्च में आए संकट ने सतर्कता बरतना जरूरी कर दिया है और इसका असर जून 2023 की तिमाही में दिख सकता है।

अल्फानीति के सह-संस्थापक यू आर भट्ट ने कहा, भारतीय सूचकांकों में आईटी का अच्छा खासा भारांक है। आईटी दिग्गजों ने लगातार दो अंकों में राजस्व वृद्धि दर्ज की है। अब हम उनकी आय पर काफी ज्यादा दबाव देख रहे हैं। इन आईटी फर्मों के ग्राहक बड़े अंतरराष्ट्रीय कॉरपोरेशन हैं और वे अपने कर्मचारियों की छंटनी कर रहे हैं। ऐसे परिदृश्य में मौजूदा परियोजनाएं पर भी जोखिम है। बाजार ने जिस तरह के परिदृश्य का अनुमान लगाया था, यह उससे ज्यादा खराब है।

पिछले तीन हफ्तों में सेंसेक्स व निफ्टी ने विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की खरीदारी के दम पर बढ़त दर्ज की थी। हालांकि पिछले चार कारोबारी सत्रों में वे 928 करोड़ रुपये के शुद्ध‍ बिकवाल रहे हैं। शुक्रवार को एफपीआई 2,116 करोड़ रुपये के शुद्ध‍ बिकवाल रहे। यह जानकारी एक्सचेंज के आंकड़ों से मिली।

भट्ट ने कहा, मजबूत तेजी के बाद बाजार के प्रतिभागी विराम ले रहे हैं और परख रहे हैं कि क्या अंतर्निहित मान्यताएं वैध हैं। साथ ही क्या इस वजह से और गिरावट हो सकती है।

ब्याज दरों में बढ़ोतरी को लेकर चिंता ने निवेशकों को सप्ताह के दौरान परेशान रखा क्योंकि विकसित दुनिया के कुछ केंद्रीय बैंक अधिकारियों ने महंगाई पर लगाम कसने की खातिर मौद्रिक नीति में सख्ती की बात कही।

हालांकि अमेरिका में बेरोजगारी के लाभ को लेकर दावे में उछाल से संकेत मिला कि श्रम बाजार में कुछ नरमी आई है। पर फेड के अधिकारी ने सख्त मौद्रिक नीति की दलील दी।

फेडरल रिजर्व बैंक ऑफ क्लेवरलैंड की अध्यक्ष लॉरेटा मेस्टर ने गुरुवार को एक बार और ब्याज बढ़ोतरी को लेकर अपने समर्थन का संकेत दिया था, वहीं डलास की उनकी समकक्ष लॉरी लोगान ने कहा कि महंगाई अभी भी काफी ऊंची है।

विश्लेषकों ने कहा ​कि आने वाले समय में बाजार की चाल मौद्रिक नीति और कंपनियों के नतीजे पर निर्भर करेगी।

जियोजित फाइनैंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, देसी बाजारों का सेंटिमेंट आईटी दिग्गजों के कमजोर नतीजों की शुरुआत से खराब हो गया, साथ ही उनके सतर्क परिदृश्य का भी इस पर असर पड़ा। आज बाजार के लिए सबसे बड़ा जोखिम कंपनियों की आय अनुमान में डाउनग्रेडिंग का है।

शुक्रवार को बाजार में चढ़ने व गिरने वाले शेयरों का अनुपात कमजोर रहा। कुल 1,985 शेयर टूटे जबकि 1,477 में बढ़ोतरी दर्ज हुई। आईटीसी में करीब दो फीसदी की उछाल आई और यह सेंसेक्स के शेयरों में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला रहा और सेंसेक्स की बढ़त में भी उसका योगदान सबसे ज्यादा रहा।

Advertisement
First Published - April 21, 2023 | 10:02 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement