facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

टॉप कंपनियों की मार्केट वैल्यू में ₹3.12 लाख करोड़ की गिरावट, RIL को सबसे बड़ा झटका

Advertisement

पश्चिम एशिया तनाव, महंगे कच्चे तेल और कमजोर रुपये के दबाव में शेयर बाजार टूटने से शीर्ष 10 में शामिल 9 कंपनियों के बाजार पूंजीकरण में भारी गिरावट दर्ज की गई।

Last Updated- May 17, 2026 | 11:49 AM IST
Retail Investors
Representational Image

Top 10 Valued Firms: पिछले सप्ताह शीर्ष 10 सबसे मूल्यवान कंपनियों में से 9 के संयुक्त मार्केट कैप में 3.12 लाख करोड़ रुपये की गिरावट आई, जिसमें रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) को सबसे बड़ा नुकसान हुआ। पिछले सप्ताह 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 2,090.2 अंक यानी 2.7 प्रतिशत गिर गया, जबकि 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 532.65 अंक यानी 2.2 प्रतिशत टूट गया।

रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के SVP (रिसर्च) अजीत मिश्रा ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव, रुपये की लगातार कमजोरी और बढ़ती महंगाई की चिंताओं के बीच बाजार तीन सप्ताह के कंसोलिडेशन फेज से बाहर निकलते हुए गिरावट के साथ बंद हुए। कच्चे तेल की कीमतें 105 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंचने से आयातित महंगाई, राजकोषीय दबाव और कॉरपोरेट मार्जिन पर असर को लेकर चिंता बढ़ गई।

भारती एयरटेल ही फायदे में रही

शीर्ष 10 कंपनियों में केवल भारती एयरटेल ही फायदे में रही। रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केट कैप 1,34,445.77 करोड़ रुपये घटकर 18,08,420.81 करोड़ रुपये रह गया। SBI का मार्केट कैप 52,245.3 करोड़ रुपये घटकर 8,88,862.32 करोड़ रुपये हो गया। TCS का मार्केट कैप 47,415.04 करोड़ रुपये घटकर 8,19,062.65 करोड़ रुपये रह गया, जबकि बजाज फाइनेंस का मार्केट कैप 27,892.28 करोड़ रुपये घटकर 5,66,717.74 करोड़ रुपये पर आ गया।

एचडीएफसी बैंक का मार्केट कैप 20,630.01 करोड़ रुपये घटकर 11,82,069.25 करोड़ रुपये हो गया। आईसीआईसीआई बैंक का मार्केट कैप 14,290 करोड़ रुपये घटकर 8,92,385.39 करोड़ रुपये रह गया। लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) का मार्केट कैप 9,078.87 करोड़ रुपये घटकर 5,37,542.34 करोड़ रुपये रह गया, जबकि हिंदुस्तान यूनिलीवर का मार्केट कैप 3,970.8 करोड़ रुपये घटकर 5,33,592.18 करोड़ रुपये पर आ गया।

LIC का मार्केट कैप 2,182.12 करोड़ रुपये घटकर 5,05,367.32 करोड़ रुपये रह गया। हालांकि, भारती एयरटेल का मार्केट कैप 42,470.13 करोड़ रुपये बढ़कर 11,60,525.16 करोड़ रुपये पहुंच गया। रिलायंस इंडस्ट्रीज सबसे मूल्यवान कंपनी बनी रही। इसके बाद एचडीएफसी बैंक, भारती एयरटेल, आईसीआईसीआई बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, टीसीएस, बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो, हिंदुस्तान यूनिलीवर और एलआईसी का स्थान रहा।

Advertisement
First Published - May 17, 2026 | 11:49 AM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement