भारत से होने वाली कमाई के दम पर वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में अच्छी वृद्धि के कारण ब्रोकरेज फर्में टॉरंट फार्मा को इस क्षेत्र में सबसे अच्छी पसंद मान रही हैं। शेयर के बेहतर प्रदर्शन ने सकारात्मक माहौल बनाने में मदद की है।
निफ्टी फार्मा और उन कंपनियों के मामले में ब्रोकरेज फर्में बाजार पूंजीकरण के हिसाब से तीसरी सबसे बड़ी फार्मा कंपनी को लेकर सकारात्मक हैं। इस शेयर ने पिछले एक साल में 44 फीसदी का रिटर्न दिया है। इसकी तुलना में, इसी दौरान निफ्टी फार्मा ने 12 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। हालांकि वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही के नतीजे और मई की घरेलू बिक्री इसके लिए तुरंत असर डालने वाले कारण हैं, लेकिन मुख्य श्रेणी और भौगोलिक इलाकों में अच्छी वृद्धि की उम्मीद से शेयर की कीमत को सहारा मिलने की संभावना है।
भारतीय बाजार में दो अंकों की वृद्धि से भारतीय फार्मा कंपनियों के कुल राजस्व पर दबाव कम करने में मदद मिली, जबकि अमेरिकी बाजार में कीमतों के दबाव का असर बिक्री पर पड़ा। मार्च तिमाही में, पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले अमेरिकी राजस्व में तो अच्छी-खासी गिरावट आई, लेकिन भारत से होने वाली कमाई में 14 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।
घरेलू बाजार में जबरदस्त बढ़त का सिलसिला जून तिमाही में भी जारी रहा। घरेलू कंपनियों ने अप्रैल में 10.3 प्रतिशत और मई में 10.9 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की। भारतीय फार्मा सेक्टर के लिए सालाना आधार पर दो अंक में बढ़त की यह लगातार छठी तिमाही है। ब्रोकरेज का अनुमान है कि क्रोनिक थेरेपी की बेहतर बिक्री के कारण वित्त वर्ष 2027 में भी मजबूत वृद्धि बरकरार रहेगी।
नोमूरा रिसर्च के सायन मुखर्जी और कुशल चोवतिया ने बताया कि मई 2026 में शीर्ष कंपनियों में टॉरंट फार्मा ने वैल्यू के हिसाब से सालाना आधार पर सबसे ज्यादा 17.8 फीसदी की वृद्धि दर्ज की। मूविंग एनुअल टोटल के आधार पर भी टॉरंट की वृद्धि सबसे ज्यादा 14.1 प्रतिशत रही। ब्रोकरेज ने कंपनी को ‘न्यूट्रल’ रेटिंग दी है और कीमत लक्ष्य 4,670 रुपये तय किया है।
ऐंटीक स्टॉक ब्रोकिंग के सुमित गुप्ता और अंकुर भाडेकर ने इस सेक्टर में अच्छी वृद्धि की संभावना और बेहतर उत्पाद व थेरेपी मिश्रण को देखते हुए अपनी कवरेज सूची में टॉरंट फार्मा को प्राथमिकता दी है। ब्रोकरेज ने इस शेयर के लिए 5,230 रुपये के कीमत लक्ष्य के साथ ‘खरीदें’ रेटिंग दी है। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि कार्डियक, न्यूरो/सेंट्रल नर्वस सिस्टम और एंटी-डायबिटिक थेरेपी में लगातार सुधार के कारण भारतीय दवा बाजार वित्त वर्ष 2027 में भी अच्छी रफ्तार बनाए रखेगा।
इन सेगमेंटों को मुख्य उत्पादों की एक्सक्लूसिविटी खत्म होने और नई दवाओं के लगातार पेश होने से फायदा मिल रहा है, जिससे बाजार का विस्तार जारी रहने की उम्मीद है। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2027 में इस सेक्टर में 12 प्रतिशत की वृद्धि होगी, जिसकी वजह कीमतें और नए उत्पाद होंगे और जीएलपी जेनेरिक लॉन्च का इस वृद्धि में 1-2 फीसदी का योगदान होगा। वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में, टॉरंट उन कुछ फार्मा कंपनियों में से एक थी जिसने राजस्व में 16 प्रतिशत की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की। इसमें जेबी केमिकल्स का अधिग्रहण शामिल नहीं है। इसकी वृद्धि अलग-अलग इलाकों में शानदार प्रदर्शन की वजह से हुई।
भारत में 15 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि ब्राजील में यह 17 फीसदी रही। अमेरिका और जर्मनी के परिचालन में 16-16 प्रतिशत की वृद्धि हुई। मुख्य व्यवसाय के लिए सकल मार्जिन में सालाना आधार पर 220 आधार अंक का सुधार हुआ, जबकि परिचालन लाभ में 16 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। आईसीआईसीआई डायरेक्ट के विश्लेषक सिद्धांत खांडेकर ने बताया कि भारतीय कंपनियों के बीच टॉरंट का भारत में ब्रांडेड जेनेरिक बिजनेस पर फोकस उसे दूसरों से अलग बनाता है, क्योंकि इस व्यवसाय से उसे अच्छा रिटर्न मिला है। ब्रोकरेज ने इस शेयर लिए 5,100 रुपये के कीमत लक्ष्य के साथ ‘खरीदें’ रेटिंग दी है।