शुक्रवार को सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) शेयर दबाव में रहे और निफ्टी आईटी सूचकांक दिन के कारोबार में 3 प्रतिशत गिरकर 30,680.8 पर पहुंच गया। बाजार बंद होने के समय यह सूचकांक 1.91 प्रतिशत की गिरावट के साथ 31,030.6 पर टिका। इसकी तुलना में एनएसई का निफ्टी 50 सूचकांक 0.87 प्रतिशत की बढ़कर 23,982.45 पर पहुंचा।
आज निफ्टी आईटी सूचकांक के 10 में से आठ शेयरों में गिरावट आई। इनमें कोफोर्ज और इन्फोसिस 3 प्रतिशत से अधिक की गिरावट के शिकार हुए। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) और एमफेसिस में 2 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई। इसी तरह एलटीआईमाइंडट्री, एचसीएल टेक्नॉलजीज और टेक महिंद्रा 1 प्रतिशत से अधिक गिरे।
वेल्थ मिल्स सिक्योरिटीज के इक्विटी रणनीतिकार क्रांति बाथिनी ने कहा कि आईटी शेयर मौजूदा समय में भू-राजनीतिक अनिश्चितता और अल्पावधि से मध्यावधि में खरीदारी की दिलचस्पी घटने के कारण ठहराव के चरण में हैं, हालांकि टीसीएस के नतीजे काफी हद तक उम्मीदों के अनुरूप रहे हैं।
बाथिनी ने कहा, ‘अनिश्चितता के कारण मध्यावधि से अल्पावधि में आईटी शेयरों के संबंध में इस समय खरीदारी का रुझान नहीं देखा जा रहा है। आईटी शेयर अभी कंसॉलिडेशन के चरण में हैं।’
इसी तरह की राय जताते हुए मिेरे ऐसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक मानव मेडेवाला ने कहा कि भारतीय आईटी क्षेत्र एक साथ तीन तरह के दबाव का सामना कर रहा है- भू-राजनीतिक संघर्ष, एक ऐसा आर्थिक परिवेश जिसमें कंपनियों अपने बजट को लेकर सतर्कता बरत रही हैं और जो 2025 से अब तक ज्यादातर अपरिवर्तित हैं। और सबसे अहम बात,एआई से होने वाले बदलावों की चर्चा, जो इस सेक्टर के लिए मूल्यांकन को लेकर भरोसे का असली संकट पैदा कर रही है।
मोतीलाल ओसवाल फाइनैंशियल सर्विसेज ने 8 अप्रैल, 2026 की अपनी रिपोर्ट में बताया कि एंथ्रोपिक ने नया एआई मॉडल माइथोस जारी किया है, जिसमें आईटी सेवाओं की वैल्यू चेन के कुछ हिस्सों को, खासकर साइबर सुरक्षा और सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग के क्षेत्र में नया रूप देने की क्षमता है। निवेशकों को चिंता है कि ऐसे एआई टूल्स के विकास से सॉफ्टवेयर कंपनियों और पूरे उद्योग के मुनाफे को नुकसान पहुंचेगा।
हालांकि, ब्रोकरेज ने बताया कि एआई के कारण होने वाले बदलावों का आईटी सेक्टर पर तुरंत कोई असर नहीं पड़ेगा, लेकिन आगे चलकर उस पर खुद को बदलने का दबाव जरूर बढ़ जाएगा।