Vedanta Demerger का असर शेयरधारकों पर: वेदांता के शेयरों की कीमत कंपनी के पांच हिस्सों में डीमर्जर के बाद एडजस्ट हो गई है। इस कॉर्पोरेट कदम का सीधा असर कंपनी के 20 लाख से अधिक शेयरधारकों की होल्डिंग पर पड़ा है। आइए समझते हैं कि इस डीमर्जर से शेयरधारकों को क्या फायदा होगा।
30 अप्रैल को वेदांता के शेयरों में गिरावट देखी गई, क्योंकि यह दिन डीमर्जर के लिए एक्स-डेट था। वेदांता का शेयर 30 अप्रैल को ₹289.50 पर खुला और दिन के दौरान 7.1 प्रतिशत तक गिरकर ₹268.70 के निचले स्तर तक पहुंच गया। हालांकि, इंट्राडे में यह ₹292 तक भी गया।
डीमर्जर एडजस्टमेंट के बाद शेयर ₹271.50 पर बंद हुआ, जबकि पिछला बंद भाव ₹773.60 था। बीएसई पर यह ₹271.60 पर बंद हुआ।
इस डिमर्जर के अंतर्गत वेदांता के शेयरधारकों को चार नई कंपनियों के शेयर 1:1 अनुपात में मिलेंगे। यानी हर पात्र शेयरधारक को प्रत्येक नई कंपनी का एक-एक शेयर मिलेगा। हालांकि, इन चार कंपनियों के शेयर फिलहाल डिमैट खाते में फ्रीज रहेंगे और इनमें ट्रेडिंग की अनुमति नहीं होगी।
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वेदांता से अलग हुई चार नई कंपनियां हैं
वहीं, पैरेंट कंपनी वेदांता लिमिटेड में जिंक/सिल्वर और बेस मेटल का कारोबार रहेगा और इसमें सामान्य रूप से ट्रेडिंग जारी रहेगी। इस तरह अब एक वेदांता शेयरधारक को कुल पांच कंपनियों में बराबर हिस्सेदारी मिलेगी।
एनॉलिस्ट के अनुसार, जैसे ही इन चार कंपनियों की लिस्टिंग होगी, निवेशकों का पोर्टफोलियो सामान्य रूप से एडजस्ट हो जाएगा। वेदांता रिसोर्सेज की सीईओ देशनी नायडू के मुताबिक, कंपनी इस सप्ताह स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टिंग के लिए आवेदन करेगी और जून के मध्य तक शेयरों की लिस्टिंग और ट्रेडिंग शुरू होने की उम्मीद है।
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एसबीआई सिक्योरिटीज के फंडामेंटल रिसर्च हेड सनी अग्रवाल ने डीमर्जर के बाद वेदांता लिमिटेड पर ‘BUY’ रेटिंग दी है। उन्होंने कहा कि जिंक बिजनेस मजबूत कमाई की क्षमता रखता है। खासकर कम उत्पादन लागत और सिल्वर सेगमेंट के बढ़ते कंट्रीब्यूशन के चलते बिजसेन को बूस्ट मिलेगा। उन्होंने वेदांता लिमिटेड के शेयर का मिडियम से लॉन्ग टर्म के लिए फेयर वैल्यू ₹320-₹330 के बीच बताया है।