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PSU के शेयरों में तेजी की क्या है वजह?

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बीएचईएल, एसजेवीएन, कोचीन शिपयार्ड, एमएमटीसी, एमआरपीएल, हिंदुस्तान कॉपर और पावर फाइनैंस कॉरपोरेशन में 74 फीसदी से 99 फीसदी के बीच बढ़ोतरी दर्ज हुई है

Last Updated- September 05, 2023 | 11:07 PM IST
PSU Stocks
Business Standard

सार्वजनिक उपक्रमों (पीएसई) के शेयरों में वित्त वर्ष 2024 में अब तक अच्छी खासी तेजी देखने को मिली है। एक ओर जहां एसऐंडपी बीएसई पीएसयू इंडेक्स 26 फीसदी से ज्यादा उछला है, वहीं बेंचमार्क एसऐंडपी बीएसई सेंसेक्स में इस अवधि में 11 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज हुई है।

विश्लेषकों का मानना है कि इस साल कई राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव और मई 2024 में होने वाले आम चुनाव के कारण सरकार की तरफ से बुनियादी ढांचा और पूंजीगत खर्च पर जोर दिया जाना इसकी प्रमुख वजहों में से एक है। इसके चलते पिछले कुछ महीनों में पीएसयू शेयरों की फिर से रेटिंग हुई है।

आईडीबीआई कैपिटल के शोध प्रमुख ए के प्रभाकर के मुताबिक, सरकार सक्रिय है और स्वदेशीकरण/मेक इन इंडिया थीम पर जोर दे रही है। इसके परिणामस्वरूप कई पीएसयू कंपनियों को अनुबंध मिले हैं और उनकी ऑर्डर बुक का आकार बेहतर बना हुआ है। उनका मानना है कि इन सभी चीजों ने पिछले कुछ महीनों में पीएसयू शेयरों को आगे बढ़ाया है।

प्रभाकर ने कहा, तेजी के अगले चरण के लिए अब पीएसयू को अपनी ऑर्डर बुक के मुताबिक डिलिवर करने की दरकार है। हम पूरे कुनबे को एक ही नजरिये से नहीं देख सकते, लेकिन अब काफी पीएसयू शेयर महंगे नजर आ रहे हैं। ऐसे में हमें इनमें से चुनना होगा।

अल्पावधि के कुछ अवरोध हैं, जो तेजी को सीमित कर सकते हैं, लेकिन अगर निवेश के नजरिया 3 से 5 साल का हो तो पीएसयू की खरीदारी गिरावट में की जा सकती है। रक्षा क्षेत्र से जुड़े चुनिंदा शेयर मसलन इरकॉन, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और कोचीन शिपयार्ड निवेश के लिहाज से बेहतर नजर आ रहे हैं।

इलारा सिक्योरिटीज की रिपोर्ट के मुताबिक, कुल खर्च में पूंजीगत व्यय का हिस्सा वित्त वर्ष 24 (अप्रैल-मई) में करीब 27 फीसदी बढ़कर 56.7 अरब रुपये पर पहुंच गया जबकि इस अवधि में पिछले पांच साल का औसत करीब 13 फीसदी रहा है।

अप्रैल-मई वित्त वर्ष 2024 के दौरान बजट अनुमान के प्रतिशत के तौर पर पूंजीगत खर्च की अगुआई करने वाले मंत्रालयों में तीन अग्रणी रहे हैं – बंदरगाह, जहाजरानी व जलमार्ग (करीब 31 फीसदी), रेल मंत्रालय (करीब 23 फीसदी) और सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (करीब 22 फीसदी)।

कुल खर्च में रेल और सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रलय के साथ रक्षा मंत्रालय तीन अग्रणी मंत्रालयों में शामिल हुआ है और बजट अनुमान के प्रतिशत के तौर पर इनका खर्च अप्रैल-मई वित्त वर्ष 24 में क्रमश: 29.4 फीसदी, 21.4 फीसदी और 16.5 फीसदी रहा है। ईलारा सिक्योरिटीज के नोट में ये बातें कही गई है।

एक्सचेंजों में मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स, इंडियन रेलवे फाइनैंस कॉरपोरेशन, मिश्र धातु निगम, इरकॉन इंटरनैशनल, रेल विकास निगम लिमिटेड, इंजीनियर्स इंडिया और आरईसी ने वित्त वर्ष 24 में अब तक 100 फीसदी से 190 फीसदी तक की बढ़त के साथ निवेशकों की रकमदोगुनी कर दी है। ऐस इक्विटी के आंकड़ों से यह जानकारी मिली।

इस अवधि में बीएचईएल, एसजेवीएन, कोचीन शिपयार्ड, एमएमटीसी, एमआरपीएल, हिंदुस्तान कॉपर और पावर फाइनैंस कॉरपोरेशन में 74 फीसदी से 99 फीसदी के बीच बढ़ोतरी दर्ज हुई है।

इक्विनॉमिक्स रिसर्च के संस्थापक जी. चोकालिंगम के मुताबिक, ज्यादातर पीएसयू मिड व स्मॉलकैप बास्केट का हिस्सा हैं, जिनमें पिछले कुछ महीनों में अच्छी तेजी दर्ज हुई है। उनका मानना है कि यह भी एक अहम वजह है, जिससे निवेशक पीएसयू शेयरों की तरफ बढ़े हैं।

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First Published - September 5, 2023 | 11:07 PM IST

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