Wipro share buyback: देश की चौथी सबसे बड़ी आईटी कंपनी विप्रो ने गुरुवार को वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही के नतीजों के ऐलान के साथ ही 15,000 करोड़ रुपये के शेयर बायबैक की घोषणा की। कंपनी ने बायबैक का मूल्य 250 प्रति शेयर तय किया है। हालांकि विप्रो ने बायबैक के लिए अभी रिकॉर्ड डेट की घोषणा नहीं की है। मार्च तिमाही में कंपनी के मुनाफे में 2 फीसदी की मामूली गिरावट देखने को मिली। हालांकि ऑपरेशन से रेवेन्यू 7.6 फीसदी बढ़कर 24,236.3 करोड़ रुपये हो गया।
कंपनी के बोर्ड ने अपनी बैठक में प्रस्ताव को मंजूरी दी कि अधिकतम 60,00,00,000 पूरी तरह चुकता इक्विटी शेयर (कुल चुकता पूंजी का 5.7%) वापस खरीदे जाएंगे। इस बायबैक की कुल राशि 15,000 करोड़ से ज्यादा नहीं होगी। हालांकि, इसके लिए कंपनी के शेयरधारकों की मंजूरी जरूरी होगी।
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विप्रो के बायबैक का मूल्य 250 प्रति शेयर तय किया गया है, जो बीएसई पर पिछले बंद भाव 210.20 रुपये के मुकाबले करीब 19 फीसदी प्रीमियम दर्शाता है। यह बायबैक कंपनी के मौजूदा शेयरधारकों से रिकॉर्ड डेट के अनुसार, टेंडर ऑफर मार्ग के तहत अनुपातिक आधार पर किया जाएगा।
कंपनी के प्रमोटर और प्रमोटर समूह के सदस्यों ने भी प्रस्तावित बायबैक में भाग लेने की अपनी मंशा जताई है।
कंपनी ने अभी तक बायबैक के लिए रिकॉर्ड डेट की घोषणा नहीं की है। कंपनी ने अपनी फाइलिंग में कहा, “बायबैक से जुड़ी प्रक्रिया, रिकॉर्ड डेट, समयसीमा और अन्य जरूरी विवरण सार्वजनिक घोषणा और लेटर ऑफ ऑफर में बताए जाएंगे, जो बायबैक नियमों के अनुसार प्रकाशित किए जाएंगे।”
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शेयर बाजार को दी सूचना में कंपनी ने बताया कि मार्च तिमाही (Q4FY26) में कंपनी का मुनाफा (नेट प्रॉफिट) 1.8 फीसदी घटकर 3,501.8 करोड़ रुपये रह गया। एक साल पहले की समान तिमाही में यह 3,569 करोड़ रुपये था। हालांकि ऑपरेशन से रेवेन्यू 7.6 फीसदी बढ़कर 24,236.3 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले की समान तिमाही में यह 22,504.2 करोड़ रुपये था।
पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में विप्रो ने 13,197.4 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो FY25 के मुकाबले मामूली 0.47 फीसदी ज्यादा है। वहीं, FY26 में कंपनी का कुल रेवेन्यू 3.96 फीसदी बढ़कर 92,624 करोड़ रुपये रहा।