Wipro Share Price: शेयर बाजार में गिरावट ले बावजूद आईटी सेक्टर किओ दिग्गज कंपनी विप्रो लिमिटेड के शेयर सोमवार को शुरूआती कारोबार में 2 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ गए। कंपनी के शेयरों में तेजी सिंगापुर के एक ग्रुप के साथ 1 अरब डॉलर की डील के चलते दिखाई दे रही है।
आईटी सर्विसेज देने वाली कंपनी विप्रो ने सिंगापुर स्थित फूड और एग्री-बिजनेस की बड़ी कंपनी ओलम ग्रुप के साथ आठ साल का ट्रांसफॉर्मेशन समझौता किया है। इस डील की कुल कीमत 1 अरब डॉलर (करीब 9,314 करोड़ रुपये) से अधिक होने की उम्मीद है। इस समझौते के तहत विप्रो ओलम ग्रुप के आईटी और डिजिटल सेवाओं के कारोबार माइंडस्प्रिंट प्राइवेट लिमिटेड का 37.5 करोड़ डॉलर (करीब 3,494 करोड़ रुपये) में अधिग्रहण करेगी।
विप्रो ने सोमवार को नियामकीय फाइलिंग में कहा कि उसने ओलम ग्रुप के साथ बहुवर्षीय रणनीतिक ट्रांसफॉर्मेशन डील हासिल की है। ओलम ग्रुप 50 अरब डॉलर से अधिक का फूड और एग्री-बिजनेस समूह है। इसका हेड ऑफिस सिंगापुर में है और इसमें लगभग 40,000 कर्मचारी काम करते हैं। यह कंपनी मुख्य रूप से टेमासेक होल्डिंग्स के मालिकाना हक में है। इस 8 साल की डील का मूल्य 1 अरब डॉलर से अधिक होने का अनुमान है, जिसमें 80 करोड़ डॉलर का सुनिश्चित खर्च शामिल है।
माइंडस्प्रिंट की स्थापना 2007 में हुई थी। इसका मुख्यालय सिंगापुर में है। कंपनी भारत, सिंगापुर, अमेरिका, ब्रिटेन और मिडिल ईस्ट में काम करती है। इसमें 3,200 से ज्यादा पेशेवर कार्यरत हैं। वर्ष 2025 में कंपनी ने 13.56 करोड़ डॉलर का समेकित राजस्व दर्ज किया।
विप्रो के सीईओ और एमडी श्रीनी पलिया ने कहा कि ओलम ग्रुप के साथ यह रणनीतिक साझेदारी फूड और एग्री-बिजनेस क्षेत्र में उनकी क्षमताओं को बढ़ाने और विप्रो इंटेलिजेंस के प्रभाव को विस्तार देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। माइंडस्प्रिंट की विशेषज्ञता और विप्रो की एआई व कंसल्टिंग क्षमताओं के मेल से नए विकास अवसर पैदा होंगे और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।
इस रणनीतिक डील के तहत विप्रो, ओलम ग्रुप को एंड-टू-एंड ट्रांसफॉर्मेशन सर्विसेज देगी। यह सर्विसेज कंसल्टिंग आधारित और एआई-संचालित होंगी। इसमें इंडस्ट्री की विशेषज्ञता का उपयोग किया जाएगा। साथ ही प्रमुख टेक्नोलॉजी पार्टनर्स के साथ सहयोग भी होगा। विप्रो इंटेलिजेंस का भी इस्तेमाल किया जाएगा। यह एआई आधारित प्लेटफॉर्म और समाधान का इंटीग्रेट सेट है।
माइंडस्प्रिंट का अधिग्रहण पूरी तरह नकद सौदे के जरिए किया जाएगा। इसमें 100 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदी जाएगी। यह सौदा 30 जून 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है। हालांकि, यह जरूरी मंजूरियों और शर्तों पर निर्भर करेगा। इसमें सऊदी अरब और ऑस्ट्रेलिया में एंटी-ट्रस्ट मंजूरी भी शामिल है।