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Steel Stocks: सरकार के एक फैसले से बदल गया स्टील बाजार, नोमुरा ने इन 4 कंपनियों पर जताया भरोसा

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सस्ते आयात पर रोक और बढ़ती मांग से एचआरसी की कीमतें 12% बढ़ीं, स्टील कंपनियों के मार्जिन में सुधार: नोमुरा रिपोर्ट

Last Updated- March 10, 2026 | 10:56 AM IST
Steel Metal sector

भारत के स्टील बाजार में पिछले कुछ महीनों से कीमतों में बढ़त देखने को मिल रही है। ब्रोकरेज फर्म नोमुरा की रिपोर्ट के मुताबिक सरकार ने सस्ते स्टील आयात को रोकने के लिए सेफगार्ड ड्यूटी को तीन साल के लिए बढ़ा दिया है। इस फैसले से देश में स्टील की कीमतों को सहारा मिला है और घरेलू स्टील कंपनियों की बाजार में स्थिति भी मजबूत हुई है।

रिपोर्ट के अनुसार चालू वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में हॉट रोल्ड कॉइल (एचआरसी) की औसत कीमत बढ़कर लगभग 52,860 रुपये प्रति टन हो गई है। पिछली तिमाही में इसकी औसत कीमत करीब 47,100 रुपये प्रति टन थी। इस तरह कीमतों में करीब 12 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई है। नोमुरा का कहना है कि सस्ते आयात पर रोक लगने से घरेलू बाजार में कीमतें मजबूत हुई हैं। वहीं चीन में स्टील की मांग कमजोर रहने और वहां से निर्यात बढ़ने का असर भी दुनिया के स्टील कारोबार और कीमतों पर पड़ रहा है।

मार्जिन में तेज सुधार

कीमतों में इस बढ़त का सीधा फायदा स्टील कंपनियों के मार्जिन में भी दिखाई दे रहा है। मार्च 2026 में भारतीय एचआरसी का स्पॉट मार्जिन बढ़कर करीब 34,180 रुपये प्रति टन हो गया है। यह पिछली तिमाही के औसत से लगभग 6,100 रुपये प्रति टन यानी करीब 22 प्रतिशत ज्यादा है।

नोमुरा के अनुसार इस सुधार के पीछे दो प्रमुख कारण हैं। पहला, सरकार द्वारा सेफगार्ड ड्यूटी का विस्तार और दूसरा, कोकिंग कोल की कीमतों में बढ़ोतरी। इसके अलावा मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण कच्चे माल की लागत को लेकर भी चिंताएं बढ़ी हैं, जिससे बाजार में लागत दबाव बना हुआ है।

फरवरी के बाद कीमतों में और तेजी

रिपोर्ट के मुताबिक फरवरी 2026 के अंत से घरेलू एचआरसी कीमतों में लगभग 1,000 रुपये प्रति टन की और बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मौजूदा समय में घरेलू कीमतें आयात कीमतों से थोड़ा ऊपर स्तर पर कारोबार कर रही हैं। इससे संकेत मिलता है कि भारतीय बाजार में मांग मजबूत है और कीमतों को समर्थन मिल रहा है।

मांग और उत्पादन में बढ़ोतरी

भारत में स्टील की मांग और उत्पादन दोनों लगातार बढ़ रहे हैं। जनवरी 2026 में फिनिश्ड स्टील की खपत सालाना आधार पर 3 प्रतिशत बढ़कर 14.16 मिलियन टन हो गई। वहीं क्रूड स्टील का उत्पादन 4.1 प्रतिशत बढ़कर 14.27 मिलियन टन तक पहुंच गया। इससे संकेत मिलता है कि देश में उद्योग और निर्माण गतिविधियों में मांग बनी हुई है, जिससे स्टील सेक्टर को सहारा मिल रहा है।

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स्टील सेक्टर से अच्छी उम्मीद

नोमुरा का कहना है कि दुनिया भर में चुनौतियां होने के बावजूद भारत का स्टील सेक्टर मजबूत स्थिति में है। देश में स्टील की मांग बढ़ रही है और कीमतों में भी सुधार हो रहा है, जिससे बड़ी स्टील कंपनियों की कमाई बेहतर रहने की उम्मीद है। इसी वजह से ब्रोकरेज ने टाटा स्टील, जेएसडब्ल्यू स्टील, जिंदल स्टील और लॉयड्स मेटल्स के शेयरों पर अपनी खरीद की सलाह बरकरार रखी है।

डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।

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First Published - March 10, 2026 | 10:47 AM IST

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