घरेलू शेयर बाजार में आज भारी गिरावट आई क्योंकि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी रहीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस अपील से भी निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई जिसमें उन्होंने ईंधन बचाने और आयात कम करने पर जोर दिया था।
नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का सूचकांक निफ्टी आज 1.5 फीसदी यानी 360 अंक गिरकर 23,816 पर बंद हुआ। इसी तरह, बंबई स्टाॅक एक्सचेंज (बीएसई) का सेंसेक्स 1.7 फीसदी यानी 1,313 अंक गिरावट के साथ 76,015 पर बंद हुआ।
यह इन सूचकांकों में 30 मार्च के बाद से किसी एक सत्र के दौरान हुई सबसे बड़ी गिरावट है। इससे निवेशकों की परिसंपत्तियों में करीब 6.2 लाख करोड़ रुपये की कमी आ गई। ब्रेंट क्रूड में लगभग 3 फीसदी की उछाल के बाद निवेशकों का भरोसा काफी डगमगा गया। इसकी कीमत करीब 104 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई।
ब्रेंट क्रूड में यह उछाल अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के उस बयान के बाद आई जिसमें शांति वार्ता के लिए अमेरिकी प्रस्ताव पर ईरान की प्रतिक्रिया को अस्वीकार्य बताया गया था। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी कहा कि ईरान के साथ संघर्ष अभी खत्म नहीं हुआ है।
जानकारों ने कहा कि बाजार ने कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और भारत में महंगाई, चालू खाते के घाटे और राजकोषीय स्थिति पर उसके प्रभाव की चिंताओं पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। यात्रा और ज्वैलरी क्षेत्र के शेयर सबसे अधिक प्रभावित हुए क्योंकि प्रधानमंत्री ने ईंधन की खपत को कम करने और सोने की खरीद में संयम बरतने की अपील की थी।
इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो) और टाइटन कंपनी के शेयर सेंसेक्स और निफ्टी में सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयरों में शामिल रहे। रिलायंस इंडस्ट्रीज में 3.3 फीसदी और एचडीएफसी बैंक में 2.1 फीसदी की गिरावट आई। मगर सन फार्मास्युटिकल्स इंडस्ट्रीज के शेयर में 1.4 फीसदी और हिंदुस्तान यूनिलीवर में 0.9 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई।