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निवेशकों को बड़ा झटका! एक दिन में ₹12 लाख करोड़ साफ, एक्सपर्ट ने बताया अब क्या करें निवेशक

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पश्चिम एशिया तनाव से बाजार में भारी गिरावट, जानिए एक्सपर्ट की निवेशकों को क्या सलाह

Last Updated- March 23, 2026 | 2:47 PM IST
stock market

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच निवेशकों ने जोखिम कम करने के लिए शेयरों में बिकवाली शुरू कर दी, जिससे आज बाजार में तेज गिरावट आई। दोपहर करीब 12:30 बजे बीएसई सेंसेक्स 1,777 अंक यानी 2.38 प्रतिशत गिरकर 72,755 पर आ गया, वहीं निफ्टी 580 अंक यानी 2.51 प्रतिशत टूटकर 22,534 के स्तर पर कारोबार कर रहा था।

बाजार में चौतरफा बिकवाली

बाजार की हालत इस बात से समझी जा सकती है कि ज्यादातर शेयरों में गिरावट रही। बीएसई में एडवांस-डिक्लाइन रेशियो 1:6.6 रहा, यानी हर एक बढ़ने वाले शेयर के मुकाबले करीब 6 से 7 शेयर गिर रहे थे। कुल 555 शेयरों में बढ़त रही, जबकि 3,649 शेयरों में गिरावट आई और 106 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

एनएसई में भी यही तस्वीर देखने को मिली। यहां एडवांस-डिक्लाइन रेशियो 1:12 रहा, यानी हर 12 गिरने वाले शेयरों के मुकाबले सिर्फ 1 शेयर बढ़ा। कुल 241 शेयर चढ़े, जबकि 2,927 शेयर गिरे और 92 शेयर स्थिर रहे।

बड़े शेयरों में भारी गिरावट

सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से 27 शेयर गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। सबसे ज्यादा गिरावट इंडिगो के शेयर में रही, जो करीब 6 प्रतिशत टूट गया। इसके अलावा अल्ट्राटेक सीमेंट, टाइटन, ट्रेंट, बीईएल, टाटा स्टील, अदाणी पोर्ट्स और एचडीएफसी बैंक जैसे बड़े शेयरों में 4 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट देखी गई।

वहीं, केवल एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा और पावर ग्रिड के शेयर ही बढ़त में रहे।

क्यों गिर रहा है बाजार

विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार की यह गिरावट वैश्विक हालात के बिगड़ने की वजह से है। पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ रहा है, जिससे निवेशकों का भरोसा कमजोर हो गया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने को लेकर कड़ा रुख अपनाया है और आगे कार्रवाई के संकेत दिए हैं। वहीं ईरान ने भी कड़ा जवाब देने की बात कही है। इस तनाव ने वैश्विक बाजारों में डर का माहौल बना दिया है।

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के रिसर्च प्रमुख देवर्ष वकील के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और इजरायल की ओर से लंबे समय तक लड़ाई जारी रहने की संभावना के कारण बाजार दबाव में है। साथ ही अमेरिका के बॉन्ड यील्ड भी 8 महीने के हाई पर पहुंच गए हैं, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ी है।

मौजूदा हालात में कच्चे तेल की कीमतों में भी तेज उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। इससे बाजार में अनिश्चितता और बढ़ गई है। निवेशक अब पश्चिम एशिया की स्थिति और तेल की दिशा पर नजर बनाए हुए हैं, क्योंकि इससे आगे बाजार की चाल तय होगी।

निवेशकों को बड़ा नुकसान

आज की इस गिरावट से निवेशकों को भारी नुकसान हुआ है। बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल बाजार मूल्य करीब ₹12 लाख करोड़ घट गया। कुल मार्केट कैप घटकर ₹416.30 लाख करोड़ रह गया, जो शुक्रवार को ₹428.76 लाख करोड़ था।

निवेशकों को क्या करना चाहिए

विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे समय में निवेशकों को घबराने के बजाय सावधानी बरतनी चाहिए। चॉइस इक्विटी ब्रोकिंग के विश्लेषक हितेश टेलर के मुताबिक, निवेशकों को अनुशासन के साथ निवेश करना चाहिए और गिरावट के समय मजबूत कंपनियों के शेयर धीरे-धीरे खरीदने पर ध्यान देना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि नए निवेश (नई खरीदारी) तभी करनी चाहिए, जब निफ्टी मजबूत होकर 24,500 से 25,000 के ऊपर टिके। इससे यह संकेत मिलेगा कि बाजार में सुधार आ रहा है और आगे स्थिति स्थिर हो सकती है।

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First Published - March 23, 2026 | 2:47 PM IST

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