facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

FPI बिकवाली व कमजोर रुपये से लगातार दूसरे दिन भी बाजार लुढ़का, स्मॉलकैप और मिडकैप पर बढ़ा दबाव

Advertisement

इस सप्ताह अमेरिका के आर्थिक आंकड़े जारी होने से पहले सतर्क वैश्विक जोखिम माहौल ने भी इक्विटी में निवेशकों की दिलचस्पी को और कम कर दिया

Last Updated- December 16, 2025 | 9:49 PM IST
stock market
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

मंगलवार को लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में घरेलू शेयर बाजार में गिरावट आई। कमजोर रुपये और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) की लगातार बिकवाली के कारण सेंसेक्स और निफ्टी में नुकसान बढ़ा। भारत-अमेरिका संभावित व्यापार करार को लेकर बनी अनिश्चितता का भी बाजार धारणा पर असर पड़ा। हालांकि बाजार के जानकारों का कहना है कि अमेरिकी टैरिफ से जुड़ी अनिश्चितता का घरेलू आर्थिक विकास पर अभी तक खास असर नहीं पड़ा है।

इस सप्ताह अमेरिका के आर्थिक आंकड़े जारी होने से पहले सतर्क वैश्विक जोखिम माहौल ने भी इक्विटी में निवेशकों की दिलचस्पी को और कम कर दिया। सेंसेक्स 534 अंक या 0.6 प्रतिशत गिरकर 84,680 पर बंद हुआ। निफ्टी 167 अंक या 0.6 प्रतिशत गिरकर 25,860 पर बंद हुआ। निफ्टी मिडकैप 100 में 0.83 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.92 प्रतिशत की गिरावट आई। 

विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली के बीच कारोबारी सत्र के दौरान रुपया मनोवैज्ञानिक रूप से महत्त्वपूर्ण 91 रुपये प्रति डॉलर के निशान को पार कर गया और 91.08 के नए निचले स्तर पर पहुंचने के बाद 91.03 पर बंद हुआ। विदेशी निवेशकों ने दिसंबर में अब तक 17,242 करोड़ रुपये के शेयर बेचे हैं, जिससे सालाना आधार पर शुद्ध निकासी लगभग 1.6 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गई है। 

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘एफपीआई की लगातार बिकवाली और कमजोर वैश्विक धारणा के कारण रुपये में निरंतर कमजोरी बनी रही जिससे घरेलू बाजार नकारात्मक दायरे में चले गए। स्मॉलकैप और मिडकैप शेयर लार्जकैप से पीछे रहे। आईटी, मेटल्स, बैंकिंग और रियल्टी सेक्टर में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ, जबकि खपत से जुड़े शेयरों ने सीमित सहारा दिया। मुद्रा में उतार-चढ़ाव और विदेशी निवेश को लेकर अनिश्चितता के बीच अस्थिरता अधिक रहने की उम्मीद है। अमेरिका-भारत ट्रेड डील पर प्रगति और रुपये का स्थिर होना महत्तवपूर्ण है। साथ ही, कमोडिटी की कीमतों में नरमी और कमाई में सुधार से मध्यम अवधि में सकारात्मक माहौल बन रहा है।’

मंगलवार को बाजार का रुख नकारात्मक रहा। बीएसई पर 2,578 शेयरों में गिरावट आई और 1,600 शेयरों में तेजी दर्ज की गई। सेंसेक्स में शामिल शेयरों में ऐक्सिस बैंक  ने गिरावट में सबसे ज्यादा योगदान दिया। एक ब्रोकरेज रिपोर्ट के बाद इस शेयर में 5 प्रतिशत की गिरावट आई। इस रिपोर्ट में दिसंबर तिमाही में बैंक के शुद्ध ब्याज मार्जिन पर लगातार दबाव की बात कही गई थी।

Advertisement
First Published - December 16, 2025 | 9:49 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement