Stock Market Closing Bell, Thursday, February 19, 2026: एशियाई बाजारों में तेजी के बावजूद भारतीय शेयर बाजार गुरुवार (19 फरवरी) को सपाट शुरुआत के बाद बड़ी गिरावट में बंद हुए। भूराजनीतिक चिंताओं के कारण निवेशकों के सेंटीमेंट्स पर नेगेटिव असर पड़ने से बाजार में दो सप्ताह से अधिक समय में सबसे तेज गिरावट दर्ज की गई। लगातार तीन ट्रेडिंग सेशन में बढ़त के बाद मुनाफावसूली की वजह से बाजार में चौतरफा बिकवाली देखी गई। साथ ही रिलायंस इंडस्ट्रीज और आईसीआईसीआई बैंक जैसे इंडेक्स हैवीवेट शेयरों में बिकवाली ने गिरावट को और बढ़ा दिया।
तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) मजबूती के साथ 83,979 अंक पर खुला। लेकिन खुलने के कुछ देर में ही बढ़त गंवा दी। दोपहर के कारोबार में गिरावट बढ़ गई। अंत में यह 1236.11 अंक या 1.48 प्रतिशत की गिरावट लेकर 82,498.14 पर बंद हुआ।
इसी तरह, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी-50 (Nifty-50) भी मजबूती के साथ 25,873 पर खुला लेकिन कुछ ही देर में सपाट स्तर पर आ गया। बाद में बिकवाली हावी हो गई। अंत में 365 अंक या 1.41 फीसदी की गिरावट के साथ 25,454.35 पर बंद हुआ।
एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा, ”निफ्टी 50 में आज का कारोबार सुस्त से नकारात्मक रहा। कल की तेजी को यह बरकरार नहीं रख पाया और दिन भर धीरे-धीरे नीचे खिसकता गया। इंडेक्स की शुरुआत ठीक-ठाक हुई, लेकिन 25,900 के स्तर के आसपास लगातार बिकवाली का दबाव बना रहा। इससे बाजार में हर बार ऊंचा स्तर पिछले से नीचे और निचला स्तर भी पहले से नीचे बनता गया। इसका मतलब है कि दिन के दौरान खरीदारी से ज्यादा बिकवाली हावी रही।”
उन्होंने कहा, ”तकनीकी रूप से देखें तो इंडेक्स 25,645–25,660 के छोटे समय के सपोर्ट स्तर से नीचे चला गया। यही स्तर 20-दिन के EMA (मूविंग एवरेज) के आसपास था। जैसे ही यह सपोर्ट टूटा, बिकवाली थोड़ी तेज हो गई और निफ्टी 25,350–25,400 के सपोर्ट क्षेत्र की ओर गिर गया। इस दौरान पहले के छोटे समय के मांग स्तर भी टूट गए।”
जियोजित इंवेस्टमेंस में रिसाच विनोद नायर ने कहा, ”भारतीय बाजार में बिकवाली हावी रही। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव से वैश्विक माहौल खराब हुआ। इससे बाजार में चौतरफा बिकवाली देखी गई। ब्रेंट क्रूड की कीमत इस साल के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई। इससे महंगाई बढ़ने की चिंता तेज हो गई। साथ ही, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में रुकावट की आशंका से बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ गया।
उन्होंने बताया कि इसके अलावा, अमेरिका के फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती को लेकर अनिश्चितता और रुपये की कमजोरी ने भी घरेलू बाजार पर दबाव डाला। बिकवाली इसलिए भी ज्यादा बढ़ी क्योंकि लूनर न्यू ईयर की छुट्टी के कारण एशिया के कई बाजार बंद थे। इससे विदेशी निवेशकों (FII) की भागीदारी कम रही। वहीं, भारत में क्षेत्रीय बैंक हॉलिडे के कारण सेटलमेंट नहीं होने से भी कारोबार पर असर पड़ा।
सेंसेक्स की कंपनियों में सभी 30 शेयर लाल निशान में बंद हुए। इंडिगो, एमएंडएम, अल्ट्राटेक सीमेंट, ट्रेंट और बीईएल सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयरों में रहे। इन शेयरों में करीब 3.2% तक की गिरावट दर्ज हुई। वहीं, ब्रोडर मार्केट में भी कमजोरी दिखी। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1.59% और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 1.27% गिरकर बंद हुआ।
सेक्टर के हिसाब से देखें तो निफ्टी रियल्टी, निफ्टी मीडिया और निफ्टी ऑटो सबसे ज्यादा टूटे और करीब 2% गिर गए। इसके बाद निफ्टी एफएमसीजी और निफ्टी प्राइवेट व पीएसयू बैंक इंडेक्स रहे, जो 1% से ज्यादा गिरकर बंद हुए।
इस बीच, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने फरवरी के पहले आधे हिस्से में आईटी शेयरों में 10,956 करोड़ रुपये की बिकवाली की। इसी अवधि में दलाल स्ट्रीट में कुल 29,709 करोड़ रुपये का निवेश आया, लेकिन सबसे ज्यादा बिकवाली आईटी शेयरों में ही देखने को मिली।
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एशिया के शेयर बाजार गुरुवार सुबह की ट्रेडिंग में बढ़त के साथ खुले। दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) इंडेक्स नए ऊंचे स्तर पर पहुंच गया। जापान का निक्केई 225 करीब 1 प्रतिशत और दक्षिण कोरिया का कोस्पी करीब 3 प्रतिशत तक चढ़ गया। चीन और हांगकांग के बाजार लूनर न्यू ईयर (नए साल) की छुट्टियों की वजह से बंद रहे।
वहीं, अमेरिका के शेयर बाजार बुधवार को बढ़त के साथ बंद हुए। बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों के शेयरों में तेजी से बाजार को सहारा मिला। एसएंडपी 500 करीब 0.56 प्रतिशत और डाउ जोंस 0.26 प्रतिशत ऊपर बंद हुआ। नैस्डैक 0.78 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ।