Closing Bell: घरेलू शेयर बाजार मंगलवार को बढ़त के साथ बंद हुए। आईटी, मेटल और कंज्यूमर ड्यूरेबल शेयरों में खरीदारी से बाजार को समर्थन मिला। हालांकि निवेशकों की नजर भारत-अमेरिका ट्रेड डील के पहले चरण से जुड़ी अहम जानकारियों पर बनी हुई है।
निफ्टी 50 100.95 अंक या 0.43 प्रतिशत की तेजी के साथ 23,483.55 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं सेंसेक्स 382.50 अंक या 0.52 प्रतिशत चढ़कर 74,649.84 पर बंद हुआ।
निफ्टी 50 के टॉप गेनर्स में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, इंफोसिस और एचसीएल टेक्नोलॉजीज शामिल रहे। आईटी सेक्टर में मजबूत खरीदारी देखने को मिली, जिससे पूरे बाजार की धारणा सकारात्मक रही।
ब्रॉडर मार्केट में भी हल्की तेजी दर्ज की गई। निफ्टी मिडकैप 0.18 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 0.40 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए। इससे संकेत मिला कि व्यापक स्तर पर भी निवेशकों का भरोसा बना हुआ है।
सेक्टरल इंडेक्स में निफ्टी आईटी सबसे आगे रहा और इसमें सबसे ज्यादा बढ़त दर्ज की गई। इसके अलावा निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल, निफ्टी ऑटो और निफ्टी एफएमसीजी ने भी अच्छा प्रदर्शन किया।
वहीं निफ्टी फार्मा और निफ्टी हेल्थकेयर में कमजोरी देखने को मिली और ये सेक्टर दबाव में रहे।
बाजार की नजरें अब भारत और अमेरिका के बीच होने वाली व्यापार वार्ता पर टिकी हैं। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल, जिसका नेतृत्व साउथ और सेंट्रल एशिया के लिए असिस्टेंट यूएस ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव ब्रेंडन लिंच कर रहे हैं, मंगलवार से नई दिल्ली में भारतीय प्रतिनिधियों के साथ तीन दिन की बातचीत करेगा। इस बातचीत का उद्देश्य ट्रेड डील के पहले चरण को अंतिम रूप देना है।
इसी बीच ईरान ने संकेत दिया है कि वह अमेरिका के साथ जारी बातचीत रोक सकता है और इजरायल-लेबनान संघर्ष के चलते स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह बंद करने पर विचार कर रहा है। तेहरान ने यह भी कहा है कि जब तक इजरायल लेबनान से पीछे नहीं हटता, तब तक कोई वार्ता नहीं होगी।
उधर अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने एक इंटरव्यू में कहा कि उन्हें ईरान के साथ चल रही बातचीत की ज्यादा परवाह नहीं है और यह प्रक्रिया अब उन्हें उबाऊ लगने लगी है।