Stock Market Today, June 3: शेयर बाजार में आज दिनभर उतार-चढ़ाव देखने को मिला। कारोबार के दौरान निचले स्तर से रिकवरी के बावजूद बाजार लाल निशान में बंद हुआ। PSU बैंक और वित्तीय शेयरों में मजबूती ने बाजार को बड़ी गिरावट से बचाने में अहम भूमिका निभाई।
निफ्टी50 आज 77.95 अंक या 0.33 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,405.60 पर बंद हुआ। वहीं सेंसेक्स 303.67 अंक या 0.41 प्रतिशत टूटकर 74,346.17 के स्तर पर बंद हुआ। हालांकि, दोनों प्रमुख इंडेक्स दिन के निचले स्तर से कुछ हद तक संभलने में सफल रहे।
SBI Securities के टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च हेड सुधीप शाह के अनुसार, आने वाले समय में निफ्टी के लिए तुरंत रेजिस्टेंस (बाधा स्तर) 23530 से 23550 के बीच रहेगा। अगर निफ्टी इस स्तर के ऊपर मजबूती से बना रहता है, तो इसमें और तेजी देखने को मिल सकती है और यह 23700 तक जा सकता है। इसके बाद शॉर्ट टर्म में निफ्टी 23950 तक भी पहुंच सकता है।
वहीं दूसरी तरफ, अगर बाजार में गिरावट आती है तो निफ्टी के लिए 23270 से 23250 का स्तर तुरंत सपोर्ट (सहारा स्तर) माना जाएगा। इस स्तर पर बाजार को सपोर्ट मिलने की संभावना है।
वहीं, Livelong Wealth के संस्थापक और शोध विश्लेषक Hariprasad K के अनुसार, शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच निफ्टी ने दिन के दौरान 23,150–23,200 के महत्वपूर्ण सपोर्ट ज़ोन की ओर गिरावट दिखाई, लेकिन निचले स्तरों से मजबूत खरीदारी देखने को मिली। इसके चलते इंडेक्स में रिकवरी तो आई, लेकिन यह 23,500 के अहम स्तर के ऊपर टिक नहीं सका और करीब 23,400 के आसपास बंद हुआ। इससे साफ संकेत मिलता है कि हर उछाल पर बाजार में बिकवाली का दबाव बना हुआ है।
तकनीकी संकेतकों के अनुसार 23,500 निफ्टी के लिए सबसे महत्वपूर्ण स्तर बना हुआ है। यदि इंडेक्स इस स्तर के ऊपर लगातार बना रहता है, तो बाजार में सुधार की संभावना बढ़ सकती है और निफ्टी 23,600 तक पहुंच सकता है। इसके बाद 23,800 का स्तर अहम रेजिस्टेंस के रूप में सामने है, जहां कॉल ऑप्शंस आधारित मजबूत दबाव देखा जा रहा है। वहीं, 24,000 का स्तर अब भी प्रमुख मनोवैज्ञानिक बाधा बना हुआ है।
नीचे की ओर देखें तो 23,300–23,350 का क्षेत्र तत्काल सपोर्ट के रूप में काम कर रहा है। इसके बाद 23,150–23,200 का मजबूत डिमांड जोन है, जो पिछले कई सत्रों से बाजार को सहारा देता आ रहा है। यदि यह स्तर टूटता है तो बिकवाली और तेज हो सकती है और निफ्टी 23,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर तक फिसल सकता है।
मोमेंटम इंडिकेटर्स भी सतर्कता का संकेत दे रहे हैं। RSI फिलहाल 41 के आसपास है और 50 के न्यूट्रल स्तर से नीचे बना हुआ है। यह दर्शाता है कि बाजार में कमजोरी अभी बनी हुई है, हालांकि निचले स्तरों से रिकवरी यह भी दिखाती है कि सपोर्ट मजबूत है।
निफ्टी50 में आज कुछ स्टॉक्स ने बाजार को सपोर्ट किया। अपोलो हॉस्पिटल्स एंटरप्राइज, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स, इंटरग्लोब एविएशन और मैक्स हेल्थकेयर इंस्टीट्यूट टॉप गेनर्स में शामिल रहे।
ब्रॉडर मार्केट में भी हल्की गिरावट देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.42 प्रतिशत जबकि निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 0.11 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए।
सेक्टरवार देखें तो PSU बैंक इंडेक्स में सबसे ज्यादा तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा बैंकिंग, प्राइवेट बैंक और हेल्थकेयर सेक्टर ने भी बेहतर प्रदर्शन किया।
वहीं दूसरी ओर IT सेक्टर पर सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला और यह दिन के दौरान 6 प्रतिशत से अधिक की गिरावट में रहा, जिससे यह सबसे कमजोर सेक्टोरल इंडेक्स बन गया।
घरेलू स्तर पर निवेशकों का फोकस भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की तीन दिवसीय बैठक पर रहेगा, जिसकी शुरुआत बुधवार से हो रही है। बाजार को ब्याज दरों और केंद्रीय बैंक के रुख से जुड़े संकेतों का इंतजार है।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने सीनेट की विदेश संबंध समिति के समक्ष कहा कि ईरान ने होरमुज जलडमरूमध्य के बड़े हिस्से में बारूदी सुरंगें बिछाई हैं और वाणिज्यिक जहाजों पर भी हमला किया है। उनके इस बयान के बाद निवेशकों की चिंता बढ़ गई है कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव जल्द खत्म नहीं होगा और पश्चिम एशिया में संघर्ष लंबा खिंच सकता है।
चॉइस ब्रोकिंग के टेक्निकल रिसर्च विभाग में टेक्निकल एनालिस्ट आकाश शाह के अनुसार, भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को भी कमजोरी का माहौल बना रहा। निफ्टी और सेंसेक्स दोनों प्रमुख सूचकांकों में व्यापक बिकवाली देखने को मिली और बाजार अपने प्रमुख शॉर्ट टर्म मूविंग एवरेज के नीचे कारोबार करता रहा।
उन्होंने कहा कि तकनीकी रूप से बाजार की संरचना फिलहाल कमजोर बनी हुई है। डेली चार्ट पर ‘लोअर हाई-लोअर लो’ का पैटर्न देखने को मिल रहा है, जो यह संकेत देता है कि ऊंचे स्तरों पर बिकवाली का दबाव अभी भी कायम है।
आकाश शाह के मुताबिक, निफ्टी इस समय 23,150 से 23,000 के महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन के आसपास बना हुआ है। यदि सूचकांक इस दायरे के ऊपर टिकने में सफल रहता है तो बाजार में राहत भरी तेजी देखने को मिल सकती है। हालांकि, इस स्तर के नीचे निर्णायक गिरावट आने पर बाजार में और कमजोरी बढ़ने की आशंका है।
उन्होंने बताया कि निफ्टी के लिए 23,700 से 23,830 का दायरा निकटतम रेजिस्टेंस जोन है। इस स्तर के ऊपर क्लोजिंग मिलने पर ही बाजार की निकट अवधि की तस्वीर में सुधार देखने को मिलेगा।
आकाश शाह ने कहा कि बाजार की चौड़ाई (मार्केट ब्रेड्थ) भी कमजोर रही है। खासकर आईटी सेक्टर और व्यापक बाजार सूचकांकों में अधिक दबाव देखने को मिला, जो निवेशकों के सतर्क रुख को दर्शाता है। डेरिवेटिव्स आंकड़ों के अनुसार, गिरावट के दौरान ओपन इंटरेस्ट में बढ़ोतरी हुई है, जिससे नए शॉर्ट पोजिशन बनने के संकेत मिलते हैं। इसके चलते आने वाले समय में बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ा रह सकता है।
निवेशकों और ट्रेडर्स को सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि फिलहाल स्टॉक-विशिष्ट रणनीति अपनाना बेहतर रहेगा। जब तक निफ्टी 23,700 से 23,830 के रेजिस्टेंस दायरे को पार नहीं कर लेता, तब तक आक्रामक खरीदारी से बचना चाहिए। वहीं, यदि यह स्तर पार हो जाता है तो बाजार में मजबूत रिकवरी की संभावना बन सकती है, जबकि प्रमुख सपोर्ट स्तर टूटने पर करेक्शन का दौर जारी रह सकता है।