Closing Bell: भारतीय शेयर बाजार गुरुवार को सीमित दायरे में कारोबार के बाद लगभग सपाट स्तर पर बंद हुआ। निवेशक रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की मौद्रिक नीति समिति (MPC) के फैसले का इंतजार करते नजर आए, जो शुक्रवार को घोषित किया जाएगा।
दिन के अंत में निफ्टी50 मामूली बढ़त के साथ 23,416.55 पर बंद हुआ। इसमें 10.95 अंकों यानी 0.05 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। वहीं, सेंसेक्स 13.84 अंकों की हल्की बढ़त के साथ 74,360.01 पर बंद हुआ।
दिग्गज शेयरों पर दबाव
निफ्टी50 के प्रमुख घटकों में इंफोसिस, बजाज फिनसर्व और हिंदाल्को इंडस्ट्रीज सबसे ज्यादा नुकसान में रहे। इन शेयरों में बिकवाली का दबाव देखने को मिला।
मिडकैप और स्मॉलकैप में मजबूती
ब्रॉडर मार्केट में बेहतर प्रदर्शन देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.46 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 0.49 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए। इससे बाजार की व्यापक हिस्सेदारी में हल्की मजबूती दिखी।
सेक्टरवार प्रदर्शन
सेक्टरों की बात करें तो निफ्टी आईटी, निफ्टी मेटल और निफ्टी केमिकल इंडेक्स दबाव में रहे। दूसरी ओर, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और निफ्टी मीडिया ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए बाजार को कुछ सहारा दिया।
मार्केट एक्सपर्ट व्यू
SBI Securities के फंडामेंटल रिसर्च प्रमुख सुनील अग्रवाल के अनुसार, भारतीय शेयर बाजार के लिए गुरुवार का कारोबारी सेशन सीमित और सतर्कता भरा रहा। निवेशकों ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की मौद्रिक नीति समिति (RBI MPC) के 5 जून 2026 को आने वाले फैसले से पहले सावधानी बरती, जिसके चलते निफ्टी और सेंसेक्स पूरे दिन एक सीमित दायरे में ही कारोबार करते नजर आए।
उन्होंने कहा कि बाजार को कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, कैपिटल गुड्स, ऑटोमोबाइल, फार्मा, बैंकिंग और एनर्जी सेक्टर से कुछ समर्थन मिला, जिससे गिरावट सीमित रही। हालांकि आईटी और मेटल शेयरों में कमजोरी ने बाजार की तेजी को रोक दिया।
सुनील अग्रवाल के अनुसार, ब्रॉडर मार्केट ने बेहतर प्रदर्शन किया, जहां निफ्टी मिडकैप 100 में 0.7 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.6 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली। यह संकेत देता है कि निवेशकों में चुनिंदा शेयरों में खरीदारी जारी है, भले ही नीतिगत अनिश्चितता बनी हुई हो।
उन्होंने आगे कहा कि वैश्विक संकेतों में सुधार दिख रहा है, क्योंकि अमेरिकी डॉव फ्यूचर्स और यूरोपीय बाजार मजबूती के साथ कारोबार कर रहे हैं।
आरबीआई की मौद्रिक नीति पर टिकी बाजार की नजर
घरेलू मोर्चे पर निवेशक भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक के नतीजों का इंतजार कर रहे हैं। आरबीआई शुक्रवार को अपने नीतिगत फैसलों की घोषणा करेगा। ब्याज दरों और आर्थिक दृष्टिकोण को लेकर आने वाले संकेतों पर बाजार की नजर बनी हुई है, जिसके चलते निवेशक फिलहाल बड़े दांव लगाने से बचते दिख रहे हैं।
अमेरिका-ईरान तनाव ने बढ़ाई चिंता
मध्य पूर्व में हालात एक बार फिर तनावपूर्ण हो गए हैं। बुधवार सुबह ईरान ने कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हमला किया। इससे एक दिन पहले अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने दावा किया था कि उसने ईरान की ओर से दागी गई कई बैलिस्टिक मिसाइलों को रोक दिया था। साथ ही फारस की खाड़ी स्थित क़ेश्म द्वीप पर जवाबी कार्रवाई भी की गई।
हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने मीडिया से बातचीत में कहा कि ईरान ने परमाणु हथियार नहीं रखने पर सहमति जताई है। वहीं अमेरिका ने यह भी कहा कि यदि हिज्बुल्लाह हमले रोकता है तो इजराइल लेबनान के साथ युद्धविराम के लिए तैयार है।