Closing Bell: शेयर बाजार में सोमवार को भारी गिरावट दर्ज की गई, जिसका प्रमुख कारण पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव और वैश्विक बाजारों में कमजोरी रहा। कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल और भू-राजनीतिक अनिश्चितता ने निवेशकों के सेंटीमेंट को प्रभावित किया, जिससे भारतीय बाजार दबाव में आ गया।
दिन के कारोबार के अंत में निफ्टी और सेंसेक्स दोनों ही लाल निशान में बंद हुए और व्यापक स्तर पर बिकवाली देखने को मिली।
एनएसई का निफ्टी 50 इंडेक्स 243.70 अंक यानी 1.04 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,123 पर बंद हुआ। पूरे दिन बाजार में उतार-चढ़ाव रहा, लेकिन अंततः बिकवाली हावी रही।
बीएसई सेंसेक्स भी दबाव में रहा और 719.08 अंक यानी 0.97 प्रतिशत टूटकर 73,524.26 के स्तर पर बंद हुआ। वैश्विक इक्विटी बाजारों में कमजोरी और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर घरेलू बाजार पर साफ दिखाई दिया।
बाजार में गिरावट का बड़ा कारण पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव रहा। रिपोर्ट्स के अनुसार ईरान ने इजरायल पर मिसाइल हमले किए, जिससे क्षेत्रीय शांति प्रयासों को झटका लगा है।
इस घटनाक्रम ने अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते को लेकर बनी उम्मीदों को कमजोर कर दिया है और संघर्ष बढ़ने की आशंका को बढ़ा दिया है।
बड़े इंडेक्स के साथ-साथ व्यापक बाजारों पर भी दबाव देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 1.66 प्रतिशत गिरा, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 2.88 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की गई।
इससे साफ है कि बाजार में केवल बड़ी कंपनियों ही नहीं, बल्कि छोटे और मध्यम आकार के शेयरों में भी भारी बिकवाली रही।
सेक्टोरल फ्रंट पर लगभग सभी इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। निफ्टी रियल्टी, मेटल और ऑटो सेक्टर में सबसे ज्यादा दबाव देखा गया, जहां 2 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई।
एकमात्र सेक्टर जिसने मजबूती दिखाई वह निफ्टी हेल्थकेयर रहा, जो पूरे बाजार के विपरीत हरे निशान में बंद हुआ।
Hitesh Tailor, Technical Research Analyst, Choice Broking के अनुसार, निफ्टी ने आज कमजोर शुरुआत की और लगभग 286 अंकों के गैप-डाउन के साथ 23,080.70 पर ओपनिंग की। शुरुआती कारोबार में यह गिरकर 23,070.15 के इंट्राडे लो तक पहुंच गया, जहां वैश्विक बाजारों से मिले नकारात्मक संकेतों के बीच सतर्कता देखी गई।
हालांकि, निचले स्तरों पर लगातार खरीदारी देखने को मिली, जिससे इंडेक्स में लगभग 130 अंकों की रिकवरी हुई और यह 23,200 के आसपास कारोबार करता नजर आया।
उनका कहना है कि FMCG, IT, फार्मा और PSU बैंक जैसे सेक्टर्स में मजबूती देखने को मिली, जिससे यह संकेत मिलता है कि डिफेंसिव और रेट-सेंसिटिव शेयरों में चुनिंदा खरीदारी हो रही है। निफ्टी का 23,000 के स्तर के ऊपर टिके रहना यह दर्शाता है कि बाजार में फिलहाल निचले स्तरों पर वैल्यू बाइंग मौजूद है और निकट अवधि का सेंटीमेंट बेहतर हो रहा है।
डेरिवेटिव्स डेटा के अनुसार, 23,500 पर सबसे अधिक कॉल ओपन इंटरेस्ट है, इसके बाद 23,400 का स्तर आता है। 23,300–23,200 के आसपास नई पोजीशन बनने से यहां रेजिस्टेंस मजबूत दिख रहा है। वहीं, पुट साइड पर 23,000 और 23,100 पर भारी ओपन इंटरेस्ट मौजूद है, जो मजबूत सपोर्ट को दर्शाता है और आज की खरीदारी भी इन्हीं स्तरों के आसपास देखी गई।
तकनीकी रूप से, निफ्टी के निकट अवधि में 23,000 से 23,500 के दायरे में सीमित रहने की संभावना है। यदि यह 23,000 के स्तर के नीचे निर्णायक रूप से टूटता है, तो बाजार में फिर से बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है।