Closing Bell: सप्ताह के कारोबारी सत्र के अंत में खरीदारी बढ़ने से घरेलू शेयर बाजार मजबूती के साथ बंद हुआ। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, वित्तीय और ऑटो सेक्टर के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली, जिससे प्रमुख सूचकांकों को सहारा मिला। वैश्विक स्तर पर भी निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ। अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के ईरान के साथ शांति वार्ता जारी रहने संबंधी बयान और ईरान-इजरायल के बीच हमलों में विराम से बाजार का माहौल बेहतर हुआ।
कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 394.50 अंक यानी 0.54 प्रतिशत की बढ़त के साथ 73,918.76 पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी 119.10 अंक यानी 0.52 प्रतिशत चढ़कर 23,242.10 के स्तर पर पहुंच गया।
निफ्टी 50 में इंटरग्लोब एविएशन, जियो फाइनेंशियल सर्विसेज और आयशर मोटर्स के शेयर सबसे अधिक बढ़त दर्ज करने वालों में शामिल रहे। इन कंपनियों में मजबूत खरीदारी ने बाजार की तेजी को समर्थन दिया।
व्यापक बाजार में भी निवेशकों का रुझान सकारात्मक रहा। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 1.35 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 1.69 प्रतिशत की मजबूती दर्ज की गई। इससे साफ है कि निवेशकों ने बड़े शेयरों के साथ-साथ मध्यम और छोटी कंपनियों के शेयरों में भी खरीदारी की।
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी PSU बैंक इंडेक्स ने सबसे शानदार प्रदर्शन किया और इसमें 3 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा रियल्टी, ऑटो और फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर के शेयरों में भी अच्छी बढ़त देखने को मिली।
बाजार की समग्र तेजी के बावजूद आईटी और मीडिया सेक्टर के शेयर दबाव में रहे। इन दोनों सेक्टरों के सूचकांक दिनभर कमजोर बने रहे और अंत में गिरावट के साथ बंद हुए।
हरिप्रसाद के, रिसर्च एनालिस्ट और संस्थापक, लिवलॉन्ग वेल्थ ने कहा, “निफ्टी 50 पूरे सत्र के दौरान सीमित दायरे में कारोबार करता रहा और हालिया स्विंग हाई के नीचे बना रहा, जो यह संकेत देता है कि ऊपरी स्तरों पर बिकवाली का दबाव अभी भी कायम है। बाजार में खरीदारों और विक्रेताओं दोनों की ओर से सतर्क रुख देखने को मिला, जिसके कारण इंडेक्स में कोई मजबूत दिशात्मक चाल नहीं बन सकी।
तकनीकी रूप से 23,250 से 23,300 का दायरा निफ्टी के लिए तत्काल प्रतिरोध क्षेत्र बना हुआ है। इसके ऊपर 23,450 का स्तर महत्वपूर्ण है, जो पिछले ब्रेकडाउन का स्तर रहा है। बाजार में सार्थक रिकवरी और निवेशकों के भरोसे में सुधार के लिए निफ्टी का इन स्तरों के ऊपर टिकना जरूरी होगा।
दूसरी ओर, 23,100 का स्तर फिलहाल पहला प्रमुख सपोर्ट है। यदि इंडेक्स इसके नीचे फिसलता है तो 23,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर तक बिकवाली बढ़ सकती है। इसके बाद 22,800 से 22,850 का दायरा अगला मजबूत सपोर्ट क्षेत्र होगा, जहां खरीदारी और निवेशकों की हिस्सेदारी बढ़ने की संभावना है।
मोमेंटम संकेतक भी फिलहाल कमजोरी का संकेत दे रहे हैं। दैनिक RSI करीब 39 पर बना हुआ है, जो 50 के न्यूट्रल स्तर से नीचे है। हालांकि यह मंदड़ियों की पकड़ को दर्शाता है, लेकिन इंडेक्स धीरे-धीरे ओवरसोल्ड जोन की ओर बढ़ रहा है। ऐसे में बीच-बीच में शॉर्ट कवरिंग के चलते राहत भरी तेजी देखने को मिल सकती है।
कुल मिलाकर, अल्पकालिक रुझान अभी भी नकारात्मक बना हुआ है। जब तक निफ्टी 23,300 से 23,450 के प्रतिरोध क्षेत्र के ऊपर मजबूती से टिकने में सफल नहीं होता, तब तक बाजार पर दबाव बना रह सकता है और बिकवालों का पलड़ा भारी रहने की संभावना है।”