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Closing Bell: बाजार में हाहाकार! सेंसेक्स 1636 अंक गिरकर 71,948 पर बंद, निफ्टी 22335 के नीचे

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अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रहे युद्ध के कारण ग्रोथ (विकास) और महंगाई (Inflation) को लेकर चिंता बढ़ गई है, जिसका असर आज शेयर बाजार पर भी देखने को मिला

Last Updated- March 30, 2026 | 4:10 PM IST
Stock Market Crash
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

Stock Market Closing Bell, March 30: सोमवार को शेयर बाजार में जोरदार गिरावट देखने को मिली। बीते शुक्रवार के बाद यह लगातार दूसरा दिन था जब बेंचमार्क इंडेक्स काफी नीचे बंद हुए। पूरे बाजार में बिकवाली का माहौल रहा और हर सेक्टर में बिकवाली नजर आई। आज निफ्टी 50 2.14% यानी 488.20 अंक गिरकर 22,331.40 पर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स 2.22% यानी 1,635.67 अंक टूटकर 71,947.55 पर आ गया। बाजार में बिकवाली इतनी तेज थी कि सेंसेक्स के ज्यादातर शेयर लाल निशान में बंद हुए। सिर्फ पावर ग्रिड ही हरे रंग में रहा। NSE पर एडवांस-डिक्लाइन रेशियो 1:6 रहा, यानी गिरने वाले शेयरों की संख्या बढ़ने वालों से कहीं ज्यादा थी।

बैंकिंग सेक्टर पर सबसे ज्यादा असर

बैंकिंग स्टॉक्स में सबसे ज्यादा दबाव दिखा। RBI ने फॉरेक्स नियमों को सख्त किया है, इसके बाद HDFC बैंक, ICICI बैंक, SBI और एक्सिस बैंक जैसे बड़े बैंक 5 फीसदी तक गिर गए। निफ्टी बैंक इंडेक्स 1,999 अंक टूटकर 50,275 पर बंद हुआ। ये दिन के सबसे ज्यादा प्रभावित इंडेक्स में शामिल रहा। बजाज फाइनेंस और इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो) भी निफ्टी के टॉप लूजर्स में रहे।

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मिडकैप इंडेक्स भी काफी नीचे आया। ये 1,448 अंक गिरकर 52,650 पर बंद हुआ। SBI कार्ड, टाटा टेक्नोलॉजीज, अशोक लीलैंड, RVNL और आदित्य बिरला फैशन जैसे मिडकैप स्टॉक्स में भारी गिरावट दर्ज की गई। कुल मिलाकर BSE पर लिस्टेड कंपनियों की मार्केट कैपिटलाइजेशन में करीब 10 लाख करोड़ रुपये की कमी आई। इससे निवेशकों की संपत्ति पर बड़ा असर पड़ा।

रुपये ने बनाया नया रिकॉर्ड

दूसरी तरफ, रुपये ने भी नया रिकॉर्ड बनाया। डॉलर के मुकाबले रुपये 95 के स्तर को पार करते हुए 95.22 पर पहुंच गया। ये अब तक का सबसे कम स्तर है। साथ ही क्रूड ऑयल की कीमतें भी बढ़ती रहीं। ब्रेंट क्रूड 115 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर चला गया। इससे HPCL जैसे ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के शेयर करीब 2 फीसदी गिर गए।

कुछ कंपनियों पर खास असर भी दिखा। जुबिलेंट फूडवर्क्स 4 फीसदी से ज्यादा गिरा क्योंकि कुछ आउटलेट्स में LPG की कमी हो गई थी। आर्टी फार्मालैब्स 3 फीसदी टूटा, क्योंकि US FDA ने उसके तारापुर यूनिट-IV को फॉर्म 483 जारी किया है, जिसमें एक ऑब्जर्वेशन था। NSDL भी IPO प्राइस से नीचे बना रहा और लिस्टिंग के बाद से हर महीने नकारात्मक रिटर्न दे रहा है।

हालांकि, बाजार के कमजोर रुख के बीच कुछ सेक्टरों में हल्की चमक भी नजर आई। ईरान के बहरीन की सुविधाओं पर हमले के बाद भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने से एल्युमिनियम स्टॉक्स में खरीदारी हुई। नाल्को करीब 4 फीसदी चढ़ गया। क्रूड ऑयल की तेजी के चलते शुगर स्टॉक्स भी 11 फीसदी तक उछल गए।

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First Published - March 30, 2026 | 8:09 AM IST

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