Stock Market Closing Bell: सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त हलचल देखने को मिली। कमजोर वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की बढ़ती कीमतों और भारतीय रुपये में लगातार आ रही कमजोरी की वजह से बाजार में भारी उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया। दिनभर के उतार-चढ़ाव के बाद आखिरकार बाजार लगभग सपाट स्तर पर ही बंद हुआ। IT सेक्टर के शेयरों में आई तेजी ने बाजार को संभाला, लेकिन दूसरी तरफ ऑटो, PSU बैंक और मेटल शेयरों में आई गिरावट ने इस बढ़त को दबा दिया।
आंकड़ों की बात करें तो BSE का सेंसेक्स 77.05 अंक या 0.10 फीसदी की मामूली बढ़त के साथ 75,315.04 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 50 महज 6.45 अंक या 0.03 फीसदी की बढ़त के साथ 23,649.95 के स्तर पर रुका। अलग-अलग सेक्टरों में अलग दिशा देखने को मिली, जिसके चलते बाजार अंत में थका हुआ सा बंद हुआ।
सोमवार को बाजार की शुरुआत ही कमजोरी के साथ हुई थी। सेंसेक्स पिछले बंद स्तर 75,237.99 के मुकाबले गिरकर 74,807.97 पर खुला। कारोबार के दौरान इसने 75,466.60 का ऊपरी स्तर भी छुआ, जो पिछले बंद से करीब 228.61 अंक यानी 0.30 फीसदी ज्यादा था। लेकिन इसके बाद बाजार में अचानक तेज गिरावट आई और सेंसेक्स फिसलकर 74,180.26 के निचले स्तर पर चला गया। यह पिछले बंद स्तर से 1,057.73 अंक या 1.41 फीसदी की बड़ी गिरावट थी।
निफ्टी 50 में भी कुछ ऐसा ही नजारा दिखा। निफ्टी पिछले बंद स्तर 23,643.50 के मुकाबले 23,482.20 पर खुला। दिन के दौरान इसने 23,695.65 का ऊपरी स्तर छुआ, जो करीब 52.15 अंक या 0.22 फीसदी की बढ़त दिखाता है। लेकिन बाद में बिकवाली के दबाव में यह पिछले बंद से 326.40 अंक या 1.38 फीसदी टूटकर 23,317.10 के निचले स्तर तक आ गया था।
Also Read: तेल और सोने ने बिगाड़ा भारत का हिसाब, एक महीने में 8 अरब डॉलर बढ़ा घाटा
इस उतार-चढ़ाव वाले बाजार में IT सेक्टर के शेयरों ने सबसे शानदार प्रदर्शन किया। निफ्टी IT इंडेक्स 2.43 फीसदी की बढ़त के साथ बंद हुआ। टेक महिंद्रा के शेयरों में 4.97 फीसदी की बड़ी तेजी देखी गई, जबकि इंफोसिस भी 2.47 फीसदी मजबूत हुआ। इनके अलावा HCL टेक और TCS के शेयर भी हरे निशान में बंद हुए। अन्य बड़े दिग्गजों में भारती एयरटेल, बजाज फाइनेंस, सन फार्मा, कोटक बैंक, टाइटन, ICICI बैंक और HDFC बैंक भी बढ़त बनाने में कामयाब रहे।
इसके उलट, कई दिग्गज शेयरों पर बिकवाली का भारी दबाव रहा। टाटा स्टील का शेयर 3.09 फीसदी टूट गया, जबकि पावर ग्रिड में 2.89 फीसदी की गिरावट आई। SBI और NTPC के शेयर भी 2-2 फीसदी से ज्यादा फिसल गए। इसके अलावा मारुति सुजुकी, ट्रेंट, महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) और अदाणी पोर्ट्स के शेयरों में भी गिरावट दर्ज की गई।
दिग्गज शेयरों के साथ-साथ छोटे और मझोले शेयरों (ब्रॉडर मार्केट) पर भी दबाव साफ नजर आया। निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 1.21 फीसदी से लेकर 1.49 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई, जबकि निफ्टी मिडकैप इंडेक्स भी मामूली कमजोरी के साथ बंद हुए।
सेक्टरों की बात करें तो जहां IT सेक्टर सबसे ज्यादा फायदे में रहा, वहीं मीडिया, PSU बैंक, ऑटो, मेटल और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए। बैंकिंग सेक्टर के प्रमुख इंडेक्स निफ्टी बैंक में 0.32 फीसदी की गिरावट रही, जबकि निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज लगभग बिना किसी बदलाव के सपाट बंद हुआ।
सोमवार को बाजार में जो शुरुआती गिरावट आई, उसकी मुख्य वजह वैश्विक बाजारों से मिले खराब संकेत थे। अमेरिकी बाजारों में पिछले शुक्रवार को भारी गिरावट आई थी, जिससे डाओ जोंस (Dow) करीब 550 अंक टूट गया था। इसके साथ ही डाओ फ्यूचर्स पर भी दबाव बना हुआ था, जिसने घरेलू बाजार के सेंटिमेंट को बिगाड़ने का काम किया। सुबह के वक्त एशियाई बाजारों में भी कमजोरी थी, जिससे शुरुआती दौर में बिकवाली बढ़ गई।
कच्चे तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, जो भारतीय बाजार के लिए चिंता की बात है। क्रूड ऑयल धीरे-धीरे ऊपर की तरफ कदम बढ़ा रहा है और डर है कि यदि यही ट्रेंड रहा तो यह और ऊंचे स्तरों पर जा सकता है। इसके अलावा भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 96.25 के नए रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया, जिसने बाजार के मूड को और खराब करने का काम किया। हालांकि, अच्छी बात यह रही कि निचले स्तरों पर आने के बाद बाजार रिकवर करने में कामयाब रहा।
बाजार को निचले स्तरों से उबारने में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की बड़ी भूमिका रही। पिछले दो सत्रों से FII निचले स्तरों पर खरीदारी कर बाजार को सपोर्ट दे रहे हैं। इसके साथ ही IT सेक्टर संकट के समय सबसे मजबूत बनकर उभरा और उसने बाजार की वापसी में सबसे अहम रोल निभाया। बड़े शेयरों में भारी उतार-चढ़ाव के बीच मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर अपेक्षाकृत स्थिर बने रहे।
बैंक निफ्टी इंडेक्स में जोरदार एक्शन दिखा और इसने अप्रैल के महीने में बने अपने एक पुराने ‘गैप’ को भर दिया है। बैंक निफ्टी कारोबार के दौरान 52,780–52,800 के जोन में आ गया, जो रिकवरी के लिहाज से एक जरूरी तकनीकी क्षेत्र था। अब बैंक निफ्टी के लिए 52,600 से 52,800 की रेंज में मजबूत सपोर्ट है। बाजार में नया मंदी का दौर तभी शुरू होगा जब यह 52,500 के स्तर से नीचे बंद हो। ऊपर की तरफ बैंक निफ्टी को 53,700 और उसके बाद 54,150 के स्तर पर रुकावट का सामना करना पड़ सकता है, जहां लोग मुनाफावसूली (प्रॉफिट बुकिंग) कर सकते हैं।