Stock Market Update, May 18: घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार को आईटी और एफएमसीजी शेयरों में दबाव के कारण गिरावट दर्ज की गई, जबकि वेस्ट एशिया की स्थिति पर ट्रेडर्स की नजर बनी रही।
निफ्टी50 में दिन के अंत में 4.30 अंक या 0.02 प्रतिशत की गिरावट रही और यह 23,654.70 पर बंद हुआ। सेंसेक्स 135.03 अंक या 0.18 प्रतिशत गिरकर 75,183.36 पर बंद हुआ।
निफ्टी50 में बजाज फाइनेंशियल, टेक महिंद्रा और हिंदुस्तान यूनिलीवर सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयर रहे।
ब्रॉडर मार्केट में निफ्टी मिडकैप 0.04 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 0.63 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ।
सेक्टरवार बात करें तो निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी आईटी और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली। वहीं निफ्टी रियल्टी और निफ्टी सीमेंट ने बेहतर प्रदर्शन किया।
लिवलॉन्ग वेल्थ के रिसर्च एनालिस्ट और फाउंडर हरिप्रसाद के अनुसार, निफ्टी 50 ने 23,800 के अहम रेजिस्टेंस स्तर के ऊपर मजबूत गैप-अप के साथ शुरुआत की, जिससे शुरुआती तेजी का संकेत मिला। हालांकि, इंडेक्स ऊंचे स्तरों पर टिक नहीं सका और पूरे सत्र में मुनाफावसूली और बिकवाली के दबाव के कारण नीचे आता गया। अंत में निफ्टी करीब 23,650 के स्तर पर बंद हुआ, जो दिखाता है कि ऊपरी स्तरों पर सेलर्स सक्रिय बने हुए हैं।
टेक्निकल नजरिए से 23,700 और उसके बाद 23,800 तत्काल रेजिस्टेंस जोन बने हुए हैं, जहां सप्लाई प्रेशर बना रह सकता है। इसके ऊपर 24,000 प्रमुख साइकोलॉजिकल रेजिस्टेंस और पिछले स्विंग हाई के साथ जुड़ा बड़ा कॉल ओआई वॉल है।
नीचे की ओर 23,500 से 23,600 का क्षेत्र अहम सपोर्ट जोन बना हुआ है। इसके नीचे 23,300 एक महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल है, जो मजबूत पुट ओआई और पिछली खरीदारी से समर्थित है। 23,600 के नीचे निर्णायक गिरावट आने पर बाजार में फिर से बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है।
मोमेंटम इंडिकेटर्स अभी रेंज-बाउंड और कमजोर ढांचे को दिखा रहे हैं। आरएसआई (14) करीब 44 के स्तर पर है, जो बताता है कि अल्पकालिक रूप से मजबूत तेजी की कमी बनी हुई है।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर के अनुसार, घरेलू इक्विटी बाजार शुरुआती बढ़त गंवा बैठे। संभावित आरबीआई रेट हाइक की आशंका और कमजोर मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई डेटा ने बाजार पर दबाव डाला, जबकि कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से मिली सकारात्मकता भी फीकी पड़ गई।
उन्होंने कहा कि अमेरिका-ईरान वार्ता को लेकर अनिश्चितता, घरेलू मौद्रिक नीति में सख्ती के संकेत और ग्रोथ आउटलुक कमजोर होने से मैक्रो चिंताएं बढ़ी हैं।
हालांकि स्मॉलकैप में मजबूती और रियल्टी व हेल्थकेयर में चुनिंदा खरीदारी देखने को मिली, लेकिन मुनाफावसूली के कारण बाजार दिन के अंत में लगभग स्थिर बंद हुआ। आगे की दिशा आरबीआई की जून पॉलिसी, अमेरिका-ईरान वार्ता की प्रगति और ग्रोथ संकेतकों तथा रुपये की स्थिरता पर निर्भर करेगी।