Closing Bell: भारतीय शेयर बाजार मंगलवार को गिरावट लेकर लाल निशान पर बंद हुए। बेंचमार्क इंडेक्स BSE Sensex और Nifty 50 ने पिछले सत्र की बढ़त गंवा दी, क्योंकि पश्चिम एशिया में हालात बिगड़ने की आशंका के बीच बैंकिंग, रियल्टी, ऑयल और गैस शेयरों पर दबाव बना रहा।
30 शेयरों वाला BSE Sensex 77,103.72 पर खुला। दिन के कारोबार के दौरान इंडेक्स ने 77,151.33 के हाई और 76,515.03 के लो रेंज में ट्रेड किया। अंत में, सेंसेक्स 251.61 अंक यानी 0.33% की गिरावट लेकर 77,017.79 अंक पर बंद हुआ।
इसी तरह, निफ्टी-50 24,052.60 पर खुला। दिन के कारोबार के दौरान इंडेक्स ने 24,081.70 के हाई और 23,882.05 के लो रेंज में ट्रेड किया। अंत में, निफ्टी-50 86.50 अंक यानी 0.36% टूटकर 24,032.80 अंक पर बंद हुआ।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड में हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर ने कहा, “घरेलू इक्विटी बाजारों में उतार-चढ़ाव भरा सत्र देखने को मिला और अंततः गिरावट के साथ बंद हुए, क्योंकि चुनाव के बाद की आशावादिता कम हो गई और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच वैश्विक कमजोरी के अनुरूप बाजार की धारणा फिर से समायोजित हो गई। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने रुपये पर दबाव बनाए रखा, जिससे यह रिकॉर्ड निचले स्तर पर फिसल गया। इन चुनौतियों के बावजूद, जारी नतीजों के सीजन में उम्मीद से थोड़ा बेहतर परिणामों ने कुछ सहारा दिया और चुनिंदा शेयरों में निचले स्तर पर खरीदारी (बॉटम-फिशिंग) देखने को मिली।”
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व्यापक बाजार में, निफ्टी मिडकैप और निफ्टी स्मॉलकैप क्रमशः 0.17% और 0.28% की बढ़त के साथ बंद हुए। सेक्टरवार देखें तो, निफ्टी बैंक, निफ्टी रियल्टी और निफ्टी ऑयल एंड गैस का प्रदर्शन कमजोर रहा। वहीं, निफ्टी ऑटो और निफ्टी एफएमसीजी का प्रदर्शन बेहतर रहा।
नायर ने बताया कि सेक्टोरल ट्रेंड्स मिश्रित रहे। FMCG, आईटी, फार्मा, ऑटो और मेटल्स में खरीदारी दिखी, जबकि रियल्टी और वित्तीय शेयरों पर दबाव बना रहा। आगे चलकर, बाजार की दिशा भू-राजनीतिक घटनाक्रम और आने वाले कॉरपोरेट नतीजों से मिलने वाले संकेतों के प्रति संवेदनशील बनी रह सकती है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फिर से बढ़ गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों देशों के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास संघर्ष जैसी स्थिति बनी हुई है। इस इलाके में हाल के दिनों में गोलीबारी और ड्रोन हमलों की खबरें सामने आई हैं, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है।
ईरान पर आरोप है कि उसने यूएई पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया और एक दक्षिण कोरियाई कार्गो जहाज को भी निशाना बनाया। इस घटनाक्रम ने वैश्विक आपूर्ति और ऊर्जा बाजार को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा है कि अमेरिका यह सुनिश्चित करेगा कि होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाज सुरक्षित रहें। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर ईरान अमेरिकी जहाजों को निशाना बनाता है, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
तनाव बढ़ने का सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा है। Brent crude पिछले सत्र में करीब 6.5 प्रतिशत उछलकर 115.30 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था। हालांकि एशियाई सत्र में थोड़ी गिरावट देखने को मिली, लेकिन कीमतें अभी भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं।
दूसरी ओर, सोने में हल्की मजबूती देखी गई है, जबकि चांदी में मामूली गिरावट दर्ज की गई।
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एशिया पैसिफिक बाजारों में मिला-जुला कारोबार देखने को मिला। South Korea का Kospi इंडेक्स लगभग 5 प्रतिशत की तेजी के साथ नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। वहीं Hong Kong का Hang Seng करीब 1.56 प्रतिशत गिर गया।
अमेरिकी बाजारों में भी कमजोरी रही। Dow Jones 1.13 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ, S&P 500 में 0.41 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि Nasdaq में 0.19 प्रतिशत की हल्की कमजोरी दर्ज की गई।
आज बाजार में कई बड़ी कंपनियों के तिमाही नतीजे भी जारी होने वाले हैं, जिन पर निवेशकों की नजर रहेगी। इनमें Aadhar Housing Finance, AAVAS Financiers, Ajanta Pharma, Coforge, Dalmia Bharat Sugar, Emcure Pharmaceuticals, Hero MotoCorp, Jammu & Kashmir Bank, Larsen & Toubro, Mahindra & Mahindra, Marico, Punjab National Bank, Raymond, SRF और United Breweries जैसी कंपनियां शामिल हैं।
प्राइमरी मार्केट में भी हलचल जारी है। OnEMI Technology Solutions का IPO अंतिम दिन में प्रवेश कर चुका है, जिसे अब तक सीमित सब्सक्रिप्शन मिला है। वहीं Bagmane Prime Office IPO दूसरे दिन में पहुंच गया है। इसके साथ ही Recode Studios IPO भी सब्सक्रिप्शन के दूसरे दिन में है।