कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव कम होने और हालिया गिरावट के बाद खरीदारी बढ़ने से भारतीय शेयर बाजार में आज भी उछाल आई और लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में बाजार ने बढ़त बनाई। सेंसेक्स 633 अंक यानी 0.8 फीसदी चढ़कर 76,704 पर बंद हुआ। निफ्टी 197 अंक यानी 0.8 फीसदी के इजाफे के साथ 23,778 पर टिका। पिछले तीन सत्रों में सेंसेक्स में 2.9 फीसदी और निफ्टी में 2.7 फीसदी का इजाफा हुआ है।
बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण 5.7 लाख करोड़ रुपये बढ़कर 439 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। लेकिन इस ताजा उछाल के बावजूद ईरान युद्ध की शुरुआत के बाद से बेंचमार्क 5.6 फीसदी नीचे हैं और इस दौरान कुल बाजार पूंजीकरण में 24.5 लाख करोड़ रुपये की गिरावट आई है।
ब्रेंट क्रूड की कीमत 1.8 फीसदी बढ़कर 102.5 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई, लेकिन यह युद्ध के बाद के उच्चतम स्तर 116.8 डॉलर से नीचे रही। उतार-चढ़ाव में यह कमी ऐसे समय आई है जब ईरान, अमेरिका और इज़रायल के बीच चल रहा संघर्ष तीसरे सप्ताह में पहुंच चुका है और वैश्विक तेल आपूर्ति के प्रमुख मार्ग होर्मुज स्ट्रेट में बाधा बरकरार है। युद्ध शुरू होने के बाद से ब्रेंट की कीमतों में 38.7 फीसदी की वृद्धि हुई है।
ईरान ने इज़रायल और अरब देशों पर अपने हमले जारी रखे और अपने सुरक्षा प्रमुख अली लरजानी की मौत का बदला लेने की कसम खाई। विश्लेषकों का मानना है कि लड़ाई लंबी चली तो ऊर्जा की कीमतें और उछल सकती हैं, जिससे भारत में मुद्रास्फीति बढ़ सकती है, जो अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए आयात पर बहुत ज्यादा निर्भर है।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के अनुसंधान प्रमुख विनोद नायर ने कहा, हालिया बिकवाली के बाद खरीद का मौका मिलने से घरेलू बाजारों में सुधार जारी रहा। यह उछाल व्यापक थी, जो शॉर्ट कवरिंग और वैल्यू बाइंग दोनों के कारण आई। आईटी, रियल एस्टेट और ऑटो सेक्टरों ने इसकी अगुआई की।
साथ ही, मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों में भी मजबूती देखी गई। हालांकि, दीर्घकालिक मूल्य में सुधार बरकरार है, लेकिन मौजूदा भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और रुपये के लगातार अवमूल्यन के कारण निकट भविष्य में तेजी सीमित बनी हुई है।
विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) की बिकवाली भी नरम पड़ी। बुधवार को उन्होंने कुल मिलाकर 2,714 करोड़ रुपये के शेयर बेचे जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 3,253 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। व्यापक बाजारों का प्रदर्शन बेहतर रहा और निफ्टी मिडकैप 100 में 2.02 फीसदी व निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 1.7 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई।
एसबीआई सिक्योरिटीज के तकनीकी और डेरिवेटिव अनुसंधान प्रमुख सुदीप शाह ने कहा, आगे चलकर निफ्टी के लिए प्रतिरोध का तात्कालिक स्तर 23,900-23,950 है। इससे ऊपर लगातार बढ़त रहने पर अल्पावधि में तेजी आ सकती है और यह 24,100 और फिर 24,300 तक जा सकता है। दूसरी ओर, 23,600-23,550 का स्तर मजबूत समर्थन दे सकता है।
सेंसेक्स के शेयरों में इन्फोसिस ने 2.8 फीसदी की बढ़त दर्ज की और बढ़त में सबसे ज्यादा योगदान दिया। इसके बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज का स्थान रहा, जिसमें 0.9 फीसदी की वृद्धि हुई। बाजार में चढ़ने व गिरने वाले शेयरों का अनुपात मजबूत बना रहा, जहां 3,169 शेयरों में बढ़त और 1,130 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।