facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

तेल की नरमी और वैल्यू बाइंग से बाजार में तीसरे दिन तेजी, सेंसेक्स 633 अंक उछला

Advertisement

बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण 5.7 लाख करोड़ रुपये बढ़कर 439 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया

Last Updated- March 18, 2026 | 9:13 PM IST
Stocks Trading strategy

कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव कम होने और हालिया गिरावट के बाद खरीदारी बढ़ने से भारतीय शेयर बाजार में आज भी उछाल आई और लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में बाजार ने बढ़त बनाई। सेंसेक्स 633 अंक यानी 0.8 फीसदी चढ़कर 76,704 पर बंद हुआ। निफ्टी 197 अंक यानी 0.8 फीसदी के इजाफे के साथ 23,778 पर टिका। पिछले तीन सत्रों में सेंसेक्स में 2.9 फीसदी और निफ्टी में 2.7 फीसदी का इजाफा हुआ है।

बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण 5.7 लाख करोड़ रुपये बढ़कर 439 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। लेकिन इस ताजा उछाल के बावजूद ईरान युद्ध की शुरुआत के बाद से बेंचमार्क 5.6 फीसदी नीचे हैं और इस दौरान कुल बाजार पूंजीकरण में 24.5 लाख करोड़ रुपये की गिरावट आई है।

ब्रेंट क्रूड की कीमत 1.8 फीसदी बढ़कर 102.5 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई, लेकिन यह युद्ध के बाद के उच्चतम स्तर 116.8 डॉलर से नीचे रही। उतार-चढ़ाव में यह कमी ऐसे समय आई है जब ईरान, अमेरिका और इज़रायल के बीच चल रहा संघर्ष तीसरे सप्ताह में पहुंच चुका है और वैश्विक तेल आपूर्ति के प्रमुख मार्ग होर्मुज स्ट्रेट में बाधा बरकरार है। युद्ध शुरू होने के बाद से ब्रेंट की कीमतों में 38.7 फीसदी की वृद्धि हुई है।

ईरान ने इज़रायल और अरब देशों पर अपने हमले जारी रखे और अपने सुरक्षा प्रमुख अली लरजानी की मौत का बदला लेने की कसम खाई। विश्लेषकों का मानना ​​है कि लड़ाई लंबी चली तो ऊर्जा की कीमतें और उछल सकती हैं, जिससे भारत में मुद्रास्फीति बढ़ सकती है, जो अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए आयात पर बहुत ज्यादा निर्भर है।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के अनुसंधान प्रमुख विनोद नायर ने कहा, हालिया बिकवाली के बाद खरीद का मौका मिलने से घरेलू बाजारों में सुधार जारी रहा। यह उछाल व्यापक थी, जो शॉर्ट कवरिंग और वैल्यू बाइंग दोनों के कारण आई। आईटी, रियल एस्टेट और ऑटो सेक्टरों ने इसकी अगुआई की।

साथ ही, मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों में भी मजबूती देखी गई। हालांकि, दीर्घकालिक मूल्य में सुधार बरकरार है, लेकिन मौजूदा भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और रुपये के लगातार अवमूल्यन के कारण निकट भविष्य में तेजी सीमित बनी हुई है।

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) की बिकवाली भी नरम पड़ी। बुधवार को उन्होंने कुल मिलाकर 2,714 करोड़ रुपये के शेयर बेचे जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 3,253 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। व्यापक बाजारों का प्रदर्शन बेहतर रहा और निफ्टी मिडकैप 100 में 2.02 फीसदी व निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 1.7 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई।

एसबीआई सिक्योरिटीज के तकनीकी और डेरिवेटिव अनुसंधान प्रमुख सुदीप शाह ने कहा, आगे चलकर निफ्टी के लिए प्रतिरोध का तात्कालिक स्तर 23,900-23,950 है। इससे ऊपर लगातार बढ़त रहने पर अल्पावधि में तेजी आ सकती है और यह 24,100 और फिर 24,300 तक जा सकता है। दूसरी ओर, 23,600-23,550 का स्तर मजबूत समर्थन दे सकता है।

सेंसेक्स के शेयरों में इन्फोसिस ने 2.8 फीसदी की बढ़त दर्ज की और बढ़त में सबसे ज्यादा योगदान दिया। इसके बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज का स्थान रहा, जिसमें 0.9 फीसदी की वृद्धि हुई। बाजार में चढ़ने व गिरने वाले शेयरों का अनुपात मजबूत बना रहा, जहां 3,169 शेयरों में बढ़त और 1,130 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।

Advertisement
First Published - March 18, 2026 | 9:08 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement