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GST कट के बाद ₹9,000 तक जा सकता है भाव, मोतीलाल ओसवाल ने इन दो शेयरों पर दी BUY रेटिंग

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जीएसटी कट और बढ़ती खपत से इन शेयरों में बढ़ोतरी की संभावना, निवेशकों के लिए बना मौका

Last Updated- September 09, 2025 | 9:04 AM IST
Power Stocks

GST काउंसिल ने टैक्स स्ट्रक्चर में सुधार किया है, जो भारतीय रिटेल सेक्टर के लिए एक पॉजिटिव मोमेंटम पैदा कर सकता है। 22 सितंबर से लागू होने वाले नए ढांचे के तहत अब ज्यादातर प्रोडक्ट्स पर दो मुख्य स्लैब होंगे – 5% और 18%। वहीं, शराब, सिगरेट और लक्जरी आइटम पर 40% टैक्स पहले की तरह ही रहेगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि इससे खासकर कपड़ा, जूते, इलेक्ट्रॉनिक सामान और रोजमर्रा की जरूरतों के सामान की कीमतों में कमी आएगी, जिससे खपत में तेजी आ सकती है।

कपड़े और जूते की खपत बढ़ेगी

मोतीलाल ओसवाल का मानना है कि मिड-प्रिमियम और मास मार्केट पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा। ₹2,500 तक के जूते अब केवल 5% जीएसटी में उपलब्ध होंगे, जबकि पहले इन पर 12% टैक्स लगता था। इसी तरह ₹1,000 से ₹2,500 तक के कपड़े अब 5% स्लैब में आए हैं। इसका सीधा फायदा Trent और Zudio जैसे ब्रांडेड रिटेलर्स को होगा। इससे इन कंपनियों की बिक्री और कंपटीटिव स्थिति मजबूत होगी।

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इलेक्ट्रॉनिक्स की डिमांड को मिलेगा बूस्ट

रिपोर्ट में कहा गया है कि टीवी, एयर कंडीशनर और अन्य कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स पर जीएसटी 28% से घटाकर 18% कर दिया गया है। इससे इन उत्पादों की कीमतें कम होंगी और खरीदारी में तेजी आने की संभावना है। हालांकि, त्योहारों के समय थोड़ी देरी हो सकती है, लेकिन इसके बाद डिमांड बढ़ने की उम्मीद है।

रोजमर्रा के सामान पर भी फायदा

जरूरी सामान और डेली उपयोग की चीजों पर टैक्स अब 5% या कुछ मामलों में जीरो पर आ गया है। इससे ब्रांडेड प्रोडक्ट्स की खपत बढ़ेगी और कंपनियों को बिक्री में फायदा मिलेगा। रिपोर्ट के अनुसार, यह बदलाव मास और मिड-प्रिमियम दोनों मार्केट सेगमेंट के लिए पॉजिटिव है।

चुनौतियां अभी भी बनी हैं

मोतीलाल ओसवाल की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कुछ इनपुट मटेरियल पर टैक्स अभी भी ज्यादा है। जूते बनाने में लगने वाले रबर सोल, सिंथेटिक लेदर और मैनमेड फाइबर पर 12-18% टैक्स है। इससे कंपनियों की लागत बढ़ती है और मार्जिन पर असर पड़ता है। हालांकि सरकार ने इसे माना है, लेकिन फिलहाल कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है।

कंपनियों के लिए अवसर

रिपोर्ट में खासकर एम्बर एंटरप्राइजेज और ट्रेंट को इस सुधार से फायदा होने की संभावना जताई गई है। एम्बर एसी पार्ट्स सप्लाई करती है और एसी पर टैक्स घटने से इसकी डिमांड बढ़ सकती है। मोतीलाल ओसवाल ने इस कंपनी का टारगेट प्राइस ₹9,000 रखा है। इसका मतलब है कि स्टॉक की कीमत (₹7466) में अभी से लगभग 21% बढ़ोतरी हो सकती है। वहीं, Trent को कपड़े और जूते पर टैक्स कटौती से मिड-प्राइस मार्केट में फायदा मिलेगा। मोतीलाल ओसवाल ने इन कंपनियों को निवेश के लिए अच्छा माना है। मोतीलाल ओसवाल ने ट्रेंट का टारगेट प्राइस ₹6,400 रखा है। इसका मतलब है कि स्टॉक की कीमत में अभी से (₹5313) लगभग 20% बढ़ने की संभावना है।

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First Published - September 9, 2025 | 9:04 AM IST

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