Stocks to Buy: मंगलवार को बाजार खुला तो तस्वीर बदल चुकी थी। कुछ दिन पहले तक जहां गिरावट ने निवेशकों को परेशान कर रखा था, वहीं अब सूचकांक बढ़त के साथ कारोबार कर रहे हैं। ऐसे माहौल में निवेशकों के मन में नया सवाल है कि ऐसे उथल पुथल वाले माहौल में अब किस स्टॉक में दांव लगाया जाए।
इसी बीच ब्रोकरेज फर्म एक्सिस डायरेक्ट की ताजा रिपोर्ट बाजार में बन रहे नए ट्रेंड की ओर इशारा करती है। रिपोर्ट बताती है कि कुछ शेयर तेजी के लिए तैयार दिख रहे हैं, जबकि एक स्टॉक में अभी भी कमजोरी का खतरा बना हुआ है।
ऑरोबिंदो फार्मा के शेयर ने हाल ही में एक अहम स्तर को पार किया है, जो पिछले कई महीनों से इसकी राह में रुकावट बना हुआ था। इस स्तर के टूटते ही शेयर में तेज खरीदारी देखने को मिली है। ब्रोकरेज का कहना है कि यह सिर्फ एक छोटी तेजी नहीं, बल्कि एक मजबूत ट्रेंड की शुरुआत हो सकती है। तकनीकी संकेतक भी इस तेजी का समर्थन कर रहे हैं और शेयर अपने अहम औसत स्तरों के ऊपर बना हुआ है।
ब्रोकरेज के मुताबिक इस स्टॉक में अगले 3 से 4 हफ्तों में 1,414 से 1,455 रुपये तक जाने की संभावना है। मौजूदा स्तर के हिसाब से इसमें करीब 12 से 15 प्रतिशत तक रिटर्न मिल सकता है।
ग्रेट ईस्टर्न शिपिंग का शेयर लगातार मजबूती दिखा रहा है। चार्ट पर यह साफ नजर आता है कि शेयर लगातार ऊंचे स्तर बना रहा है, जो एक मजबूत अपट्रेंड का संकेत है। हाल ही में इसने एक महत्वपूर्ण स्तर को पार किया है और इसके साथ ही बाजार में इसमें भरोसा भी बढ़ा है। ब्रोकरेज का मानना है कि यह शेयर आने वाले समय में और ऊपर जा सकता है और इसमें खरीदारी का मौका बन रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार यह शेयर आने वाले समय में 1,529 से 1,555 रुपये तक जा सकता है। इससे निवेशकों को करीब 10 से 12 प्रतिशत तक रिटर्न मिलने की संभावना है।
जहां कुछ शेयर तेजी दिखा रहे हैं, वहीं इंडियन बैंक में अभी भी कमजोरी के संकेत बने हुए हैं। रिपोर्ट के अनुसार इस शेयर ने हाल ही में अपना सपोर्ट स्तर तोड़ा है, जो गिरावट का संकेत माना जाता है। इसके साथ ही तकनीकी संकेतक भी कमजोरी की ओर इशारा कर रहे हैं। ऐसे में इसमें आगे भी दबाव बने रहने की आशंका जताई गई है।
ब्रोकरेज के मुताबिक इसमें 818 से 800 रुपये तक गिरावट आ सकती है। यानी मौजूदा स्तर से इसमें करीब 9 से 11 प्रतिशत तक गिरावट का जोखिम है।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।