Stocks To Watch Today, June 15: शेयर बाजार में आज यानी सोमवार को कई कंपनियों से जुड़ी अहम घोषणाओं के चलते निवेशकों का फोकस चुनिंदा शेयरों पर रहने की संभावना है। पेटेंट फाइलिंग, अधिग्रहण, नियामकीय अपडेट, प्रबंधन नियुक्तियों और खनन परियोजनाओं से जुड़े घटनाक्रम बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स ने नवाचार के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। विश्व बौद्धिक संपदा संगठन (WIPO) की ताजा पेटेंट कोऑपरेशन ट्रीटी (PCT) रैंकिंग में कंपनी दुनिया के शीर्ष 20 आवेदकों में शामिल हुई है।
मार्च 2026 तक जियो प्लेटफॉर्म्स ने कुल 6,817 पेटेंट दाखिल किए हैं। इनमें से 1,009 पेटेंट को वैश्विक स्तर पर मंजूरी मिल चुकी है, जिनमें 538 भारत और 471 विदेशी बाजारों में स्वीकृत हुए हैं।
कंपनी के निदेशक मंडल ने प्रमोटर समूह को 77.02 लाख वारंट के प्रेफरेंशियल आवंटन को मंजूरी दी है। इस निवेश का कुल मूल्य 600 करोड़ रुपये है और प्रत्येक वारंट का निर्गम मूल्य 779 रुपये तय किया गया है।
साथ ही, इस प्रस्ताव पर शेयरधारकों की मंजूरी के लिए 9 जुलाई को असाधारण आम बैठक (EGM) बुलाई जाएगी।
एनएलसी इंडिया को तेलंगाना के संगारेड्डी जिले में स्थित गोविंदपुर वैनेडियम, टाइटेनियम एवं एल्यूमिनस लेटराइट ब्लॉक के लिए पसंदीदा बोलीदाता घोषित किया गया है।
यह चयन खान मंत्रालय द्वारा आयोजित क्रिटिकल एवं स्ट्रैटेजिक मिनरल ब्लॉक्स की ई-नीलामी प्रक्रिया के तहत हुआ है। यह उपलब्धि कंपनी की खनिज संसाधन उपस्थिति को और मजबूत करेगी।
ऑरोबिंदो फार्मा की इकाई यूजिया फार्मा स्पेशलिटीज के तेलंगाना स्थित विनिर्माण संयंत्र के निरीक्षण को अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने ‘ऑफिशियल एक्शन इंडिकेटेड’ (OAI) श्रेणी में रखा है।
निरीक्षण के दौरान 11 प्रक्रियात्मक टिप्पणियां दर्ज की गई थीं। OAI वर्गीकरण का अर्थ है कि नियामक संस्था आगे प्रशासनिक या नियामकीय कार्रवाई कर सकती है।
नेस्ले इंडिया ने मैगी नूडल्स में कीड़ों की मौजूदगी से जुड़े आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। कंपनी का कहना है कि NABL मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला द्वारा जांच किए गए नमूनों में किसी प्रकार का संक्रमण नहीं पाया गया।
कंपनी ने यह भी बताया कि संबंधित बैच के रिकॉर्ड और जांच रिपोर्ट भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) को उपलब्ध करा दिए गए हैं।
जेएसडब्ल्यू एनर्जी ने मारुति क्लीन कोल एंड पावर लिमिटेड (MCCPL) के 100 प्रतिशत शेयरों के अधिग्रहण के लिए समझौता किया है। यह सौदा 1,410 करोड़ रुपये में होगा।
एमसीसीपीएल छत्तीसगढ़ में 300 मेगावाट की तापीय बिजली परियोजना संचालित करती है। सौदा पूरा होने के बाद यह कंपनी जेएसडब्ल्यू एनर्जी की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक इकाई बन जाएगी।
इसके अलावा, कंपनी ने टिडोंग पावर जेनरेशन की 150 मेगावाट जलविद्युत परियोजना का संचालन भी शुरू कर दिया है, जिससे उसकी कुल स्थापित क्षमता लगभग 13,900 मेगावाट तक पहुंच गई है।
पावर ग्रिड को आंध्र प्रदेश में एक महत्वपूर्ण ट्रांसमिशन परियोजना के लिए सफल बोलीदाता घोषित किया गया है।
इस परियोजना के तहत 765/400 केवी जीआईएस सबस्टेशन की स्थापना की जाएगी, जिससे क्षेत्रीय विद्युत ग्रिड की मजबूती और स्थिरता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
सुजलॉन एनर्जी ने अपने नवीनतम निवेशक प्रस्तुतीकरण में कहा है कि वैश्विक स्तर पर पवन ऊर्जा क्षमता में वृद्धि की रफ्तार कुल बिजली उत्पादन क्षमता वृद्धि से अधिक बनी हुई है।
कंपनी के अनुसार, अनुकूल नीतिगत माहौल इस क्षेत्र को मजबूती दे रहा है। हालांकि, उद्योग को विकास की इस गति को बनाए रखने के लिए परियोजनाओं के निष्पादन में और अधिक दक्षता लानी होगी।
आरबीएल बैंक के बोर्ड ने भाविन लाखपतवाला को मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) और प्रमुख प्रबंधकीय कार्मिक (KMP) नियुक्त करने को मंजूरी दी है। यह नियुक्ति 12 जून से प्रभावी हो चुकी है।
वहीं, दीपक रुइया अब KMP नहीं रहेंगे, हालांकि वे डिप्टी CFO के रूप में अपनी जिम्मेदारियां निभाते रहेंगे।
ई-कॉमर्स कंपनी मीशो ने कम्युनिटी आधारित बी2बी कॉमर्स प्लेटफॉर्म किराना क्लब का 202.08 करोड़ रुपये में अधिग्रहण करने की घोषणा की है।
यह सौदा तीन चरणों में पूरा होगा। अधिग्रहण के बाद किराना क्लब कंपनी की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक इकाई बन जाएगी। साथ ही, रिटेल पल्स लैब्स प्राइवेट लिमिटेड भी समूह का हिस्सा बन जाएगी।
निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड ने सनोफी इंडिया में 2.64 लाख शेयर खरीदे हैं, जो कंपनी की 1.14 प्रतिशत हिस्सेदारी के बराबर हैं। इस सौदे का मूल्य लगभग 83.19 करोड़ रुपये रहा।
दूसरी ओर, एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस ने 2.75 लाख शेयर बेचकर अपनी 1.19 प्रतिशत हिस्सेदारी घटाई है। यह लेनदेन करीब 86.62 करोड़ रुपये का रहा।
दोनों सौदे 3,150 रुपये प्रति शेयर के भाव पर संपन्न हुए। मार्च 2026 तक निप्पॉन इंडिया स्मॉल कैप फंड के पास कंपनी में 3.79 प्रतिशत हिस्सेदारी थी, जबकि एचडीएफसी लाइफ के पास 1.47 प्रतिशत हिस्सेदारी दर्ज थी।