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SEBI की नई फीस नीति से एएमसी शेयरों में जबरदस्त तेजी, HDFC AMC का शेयर 7% तक चढ़ा

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सेबी ने बेस एक्सपेंस रेश्यो (बीईआर) के आधार पर नए एक्सपेंस रेशियो स्लैब जारी किए हैं। यह देखते हुए कि स्टैच्युअरी लेवी बीईआर से बाहर हैं, सभी स्लैब में सीमा को कम कर दिया गया

Last Updated- December 18, 2025 | 11:18 PM IST
SEBI
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) द्वारा म्युचुअल फंड (एमएफ) फीस और ब्रोकरेज खर्च की सीमा में शुरुआती प्रस्ताव के मुकाबले कम कटौती की घोषणा के बाद गुरुवार को परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनियों (एएमसी) के शेयरों में 7 प्रतिशत तक की तेजी आई।

अक्टूबर में जारी परामर्श पत्र की तुलना में बुधवार को नियामक ने जिस संशोधित शुल्क ढांचे को मंजूरी दी, उसे दो मोर्चों पर कम सख्त माना गया- ब्रोकरेज लागत सीमा और 2,000 करोड़ रुपये से अधिक की परिसंपत्ति वाली इक्विटी योजनाओं द्वारा अधिकतम एक्सपेंस रेशियो। 

नए एक्सपेंस रेश्यिो स्लैब काफी हद तक मौजूदा स्लैब जैसे ही हैं और सिर्फ स्ट्रक्चरल नजरिए से अलग हैं। ज्यादा पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सेबी ने फंड हाउसों के लिए यह जरूरी कर दिया है कि वे निवेशकों द्वारा दिए जाने वाले शुल्क का पूरा ब्यौरा दें। टोटल एक्सपेंस रेश्यो (टीईआर) के दो मुख्य हिस्सा होंगे- बेस एक्सपेंस रेश्यो (अधिकतर फंड मैनेजमेंट फीस) और स्टैच्युअरी लेवी (एसटीटी/सीटीटी, जीएसटी, स्टैंप ड्यूटी, सेबी फीस, एक्सचेंज फीस, वगैरह)।

सेबी ने बेस एक्सपेंस रेश्यो (बीईआर) के आधार पर नए एक्सपेंस रेशियो स्लैब जारी किए हैं। यह देखते हुए कि स्टैच्युअरी लेवी बीईआर से बाहर हैं, सभी स्लैब में सीमा को कम कर दिया गया है। शुल्क सीमा में कमी पहले प्रस्तावित योजना से कम है। पीएल कैपिटल के एक विश्लेषण के अनुसार अलग-अलग स्लैब में एक्सपेंस रेश्यो को प्रस्तावित 15 आधार अंक की तुलना में 10 आधार अंक कम कर दिया गया है। 

ब्रोकरेज लागत के मामले में कैश मार्केट ट्रांजैक्शन के लिए इस सीमा को 8.59 आधार अंक से घटाकर 6 आधार अंक और डेरिवेटिव ट्रांजैक्शन के लिए 3.89 आधार अंक से घटाकर 2 आधार अंक कर दिया गया है। कंसल्टेशन पेपर में शुल्कों को क्रमशः 5 आधार अंक और 1 आधार अंक पर सीमित करने का प्रस्ताव था।

पीएल कैपिटल ने एक रिपोर्ट में कहा, ‘यह ब्रोकरों के लिए नकारात्मक होगा, लेकिन इसका असर पिछले चर्चा पत्र में बताए गए प्रस्ताव से काफी कम होगा। एक मोटे अनुमान के मुताबिक कैश ट्रांजैक्शन से राजस्व 15-20 फीसदी और डेरिवेटिव ट्रांजैक्शन से 3-5 प्रतिशत तक प्रभावित हो सकता है।’

फंड हाउसों को एग्जिट लोड वाली योजनाओं पर अतिरिक्त 5 आधार अंक वसूलने की छूट खत्म करने का प्रस्ताव बिना किसी बदलाव के मंजूर कर लिया गया।

अनुमान से कम कटौती और पिछले दो साल से शुल्क ढांचे में होने वाले बदलावों के गतिरोध को हटाने से एएमसी और उनसे जुड़े क्षेत्रों के शेयरों में तेजी आई। एचडीएफसी एएमसी को सबसे ज्यादा 7.2 फीसदी का फायदा हुआ। निप्पॉन लाइफ इंडिया एएमसी भी 5.8 फीसदी चढ़ गया। आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एएमसी (जो शुक्रवार को एक्सचेंज पर सूचीबद्ध होने वाला है) में भी ग्रे मार्केट प्रीमियम में करीब 20 परसेंट की बढ़ोतरी देखी गई है।

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First Published - December 18, 2025 | 11:18 PM IST

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