कमजोर बाजार के बीच सोमवार को फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स कंपनी स्विगी के शेयर में बड़ी गिरावट देखने को मिली। जहां बीएसई सेंसेक्स करीब 1.3 प्रतिशत गिरकर 76,348 अंक के आसपास कारोबार कर रहा था, वहीं स्विगी का शेयर इससे कहीं ज्यादा करीब 4.6 प्रतिशत टूटकर 268 रुपये पर पहुंच गया। दिन के कारोबार में शेयर 261.20 रुपये तक फिसल गया।
बाजार में यह गिरावट ऐसे समय आई है जब कई ब्रोकरेज फर्मों ने कंपनी के नतीजों के बाद क्विक कॉमर्स कारोबार को लेकर चिंता जताई है। हालांकि ज्यादातर ब्रोकरेज अब भी लंबी अवधि में स्विगी के बिजनेस मॉडल पर भरोसा बनाए हुए हैं और शेयर पर ‘BUY’ रेटिंग बरकरार रखी है।
आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज की रिपोर्ट के मुताबिक स्विगी के क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म इंस्टामार्ट का योगदान मार्जिन सुधरकर -1.8 प्रतिशत पर पहुंच गया है। कंपनी का अनुमान है कि यह कारोबार वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही तक ब्रेक-ईवन तक पहुंच सकता है।
हालांकि ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी अब तेजी से ग्रोथ बढ़ाने पर ज्यादा फोकस कर रही है। ऐसे में EBITDA स्तर पर मुनाफे तक पहुंचने में पहले के अनुमान से ज्यादा समय लग सकता है। ब्रोकरेज अब FY29 तक EBITDA ब्रेक-ईवन की उम्मीद कर रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक स्विगी का फूड डिलीवरी कारोबार लगातार मजबूत बना हुआ है। कंपनी के फूड डिलीवरी बिजनेस का GOV सालाना आधार पर 22.6 प्रतिशत बढ़ा, जबकि एडजस्टेड EBITDA में 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। ब्रोकरेज का कहना है कि नए फीचर, बेहतर सर्विस और मजबूत एक्सिक्यूशन की वजह से कंपनी बाजार में अपनी पकड़ बनाए हुए है। आउट-ऑफ-होम कंजम्प्शन कारोबार भी पूरे साल के आधार पर मुनाफे में आ गया है।
मोतीलाल ओसवाल की रिपोर्ट के मुताबिक क्विक कॉमर्स सेगमेंट में बढ़ती प्रतिस्पर्धा का असर कंपनी की कमाई पर पड़ रहा है। ब्रोकरेज ने FY27 और FY28 के अनुमान घटा दिए हैं। रिपोर्ट के अनुसार इंस्टामार्ट का GOV सालाना आधार पर करीब 69 प्रतिशत बढ़कर 78.8 अरब रुपये रहा, लेकिन यह अनुमान से थोड़ा कमजोर रहा। कंपनी का कुल घाटा भी सालाना आधार पर 26 प्रतिशत घटकर 8 अरब रुपये पर आ गया। ब्रोकरेज ने कहा कि फूड डिलीवरी कारोबार मजबूत बना हुआ है, लेकिन इंस्टामार्ट में ग्राहकों की धीमी बढ़ोतरी और डार्क स्टोर्स के कम इस्तेमाल पर नजर रखने की जरूरत होगी।
आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज ने स्विगी पर ‘BUY’ रेटिंग बरकरार रखते हुए 520 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है, जो मौजूदा 268 रुपये के स्तर से करीब 94 प्रतिशत ऊपर है। वहीं मोतीलाल ओसवाल ने 320 रुपये का लक्ष्य रखा है, जो करीब 19 प्रतिशत की संभावित तेजी दिखाता है। नुवामा ने भी शेयर पर ‘BUY’ रेटिंग बरकरार रखी है और 12 महीने का लक्ष्य 477 रुपये रखा है, जो मौजूदा भाव से करीब 78 प्रतिशत ज्यादा है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी का फूड डिलीवरी बिजनेस और मजबूत ब्रांड आने वाले समय में बड़ी वैल्यू बना सकते हैं, लेकिन क्विक कॉमर्स कारोबार को मुनाफे में लाना सबसे बड़ी चुनौती रहेगी।
(डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।)