TCS Share: आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के शेयर शुक्रवार (10 अप्रैल) को बाजार खुलते ही करीब 3 फीसदी तक गिर गए। यह गिरावट ऐसे समय आई है जब कंपनी ने एक दिन पहले ही अपने तिमाही नतीजे जारी किए थे। कंपनी ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में उसका मुनाफा 12.2 फीसदी बढ़कर 13,718 करोड़ रुपये रहा, जो अनुमान के आसपास है। हालांकि, अच्छे नतीजों के बावजूद शेयर में दबाव बना रहा, जिससे निवेशकों के मन में सवाल उठ रहा है—क्या यह गिरावट खरीदारी का मौका है या अभी इंतजार करना बेहतर होगा?
इसी बीच ब्रोकरेज फर्म्स ने भी टीसीएस को लेकर अपनी राय दी है। ज्यादातर ब्रोकरेज ने अपने रुख में बदलाव नहीं किया है। उनका कहना है कि कंपनी के नतीजे भले ही अनुमानों के अनुरूप रहे हो लेकिन मांग को लेकर सतर्क रुख बना हुआ है।
मोतीलाल ओसवाल ने टीसीएस (TCS) पर अपनी ‘BUY’ रेटिंग को बरकरार रखा है। ब्रोकरेज ने स्टॉक पर 3,000 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। इस तरह, शेयर निवेशकन को 16 प्रतिशत का रिटर्न दे सकता है। ब्रोकरेज ने कंपनी के प्रदर्शन पर कहा कि तिमाही नतीजे न तो बहुत खराब रहे और न ही बहुत बेहतर। वैल्यूएशन भले ही सस्ते हो लेकिन शॉर्ट टर्म में बड़े ट्रिगर सीमित हैं।
ब्रोकरेज के अनुसार, कंपनी के मार्जिन में कुछ सुधार हुआ, लेकिन उत्पादकता में बढ़ोतरी और रुपये की मजबूती से मिले लाभ को बड़े पैमाने पर दोबारा निवेश किया गया या ग्राहकों को पास कर दिया गया। ऐसे में हमें उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2027 में मार्जिन लगभग स्थिर रहेंगे।
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एंटिक स्टॉक ब्रोकिंग ने टीसीएस पर अपनी ‘HOLD’ रेटिंग को बरकरार रखा है। साथ ही स्टॉक पर 2900 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। यह शेयर के पिछले बंद भाव के मुकाबले 12 फीसदी ज्यादा है।
ब्रोकरजे ने कहा टीसीएस प्रबंधन को भरोसा है कि डील्स के बढ़ने और नई सेवाओं से बढ़ते योगदान के सहारे यह गति वित्त वर्ष 2027 में भी बनी रहेगी। हालांकि, कमजोर वैश्विक माहौल के कारण कंपनियां खर्च को लेकर सतर्क हैं और फैसले लेने में ज्यादा समय लग रहा है। आने वाली तिमाहियों में मांग धीरे-धीरे बेहतर होने की उम्मीद है, लेकिन हमारा मानना है कि इस सुधार का बड़ा हिस्सा पहले ही शेयर की कीमत में शामिल हो चुका है।
नुवामा ने टीसीएस पर ‘BUY’ की रेटिंग ही रखी है। हालांकि, उसने स्टॉक पर टारगेट प्राइस 3,300 रुपये से बढ़ाकर 3,350 रुपये कर दिया है। यह शेयर के मौजूदा भाव से 30 प्रतिशत का रिटर्न दर्शाता है।
ब्रोकरेज ने कहा वित्त वर्ष 2025-26 ग्रोथ के लिहाज से टीसीएस के लिए काफी कमजोर रहा। हालांकि कंपनी ने मजबूत मार्जिन बनाए रखे और डील जीतने का प्रदर्शन स्थिर रहा। पिछले 12 महीनों में शेयर में तेज गिरावट आई है और अब यह 16.5 गुना FY27E पी/ई के आकर्षक वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रहा है—जो इसके ऐतिहासिक औसत से 1 स्टैंडर्ड डिविएशन नीचे है (साथ ही करीब 5% डिविडेंड यील्ड भी दे रहा है)।
ब्रोकरेज ने कहा हमें उम्मीद है कि आने वाली कुछ तिमाहियों में टीसीएस की ग्रोथ में सुधार होगा। कंपनी पिछला नुकसान कवर करेगी और मैक्रो माहौल तथा जेन एआई दोनों धीरे-धीरे अनुकूल होते जाएंगे।
वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में टीसीएस का शुद्ध मुनाफा 12.2 फीसदी बढ़कर 13,718 करोड़ रुपये रहा। इस दौरान कंपनी की आय वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही के मुकाबले 9.6 फीसदी बढ़कर 70,698 करोड़ रुपये रही। वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही की तुलना में कंपनी की आय 5.4 फीसदी बढ़ी है।
चौथी तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन आय और मुनाफे के मामले में ब्लूमबर्ग के अनुमानों से बेहतर रहा। ब्लूमबर्ग के विश्लेषकों ने 69,019 करोड़ रुपये आय और 13,551 करोड़ रुपये मुनाफे का अनुमान लगाया था। टीसीएस ने वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में 12 अरब डॉलर का अब तक का अपना सबसे ज्यादा कुल अनुबंध मूल्य (टीसीवी) हासिल किया। इस तिमाही में कंपनी को तीन बड़े सौदे मिले।
अलग-अलग आकर के सौदों में ग्राहकों की संख्या भी बढ़ी है। उदाहरण के लिए 10 करोड़ डॉलर वाले ग्राहकों की संख्या 2 से बढ़कर 66 हो गई जबकि 5 करोड़ डॉलर वाले ग्राहकों की संख्या बढ़कर 9 से 139 हो गई।
(डिस्क्लमेर: यहां शेयर में सलाह ब्रोकरेज ने दी है। बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। निवेश संबंधी फैसला करने से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)