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IPO से जुटाई रकम 20 फीसदी बढ़कर 62,000 करोड़ रुपये रही

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वित्त वर्ष के दौरान 76 भारतीय कंपनियों ने IPO के मुख्य प्लेटफॉर्म के जरिये कुल 61,915 करोड़ रुपये जुटाए जबकि 2022-23 में 37 आईपीओ के जरिये 52,116 करोड़ रुपये जुटाए गए थे।

Last Updated- March 27, 2024 | 10:19 AM IST
Vikram Solar IPO

आरंभिक सार्वजनिक निर्गमों (आईपीओ) के जरिये जुटाई गई रकम वित्त वर्ष 2023-24 में 20 फीसदी बढ़ी। वित्त वर्ष के दौरान 76 भारतीय कंपनियों ने आईपीओ के मुख्य प्लेटफॉर्म के जरिये कुल 61,915 करोड़ रुपये जुटाए जबकि 2022-23 में 37 आईपीओ के जरिये 52,116 करोड़ रुपये जुटाए गए थे।

प्राइम डेटाबेस के आंकड़ों के अनुसार साल 2022-23 में एलआईसी के आईपीओ को अलग रखें तो पिछले साल के मुकाबले आईपीओ के जरिये 58 फीसदी ज्यादा रकम जुटाई गई। एलआईसी का 21,008 करोड़ रुपये का आईपीओ मई 2022 में आया था।

मुख्य बाजार के आईपीओ में मैनकाइंड फार्मा ने 4,326 करोड़ रुपये जुटाए जो सबसे ज्यादा थे। इसके बाद जेएसडब्ल्यू इन्फ्रा के 2,800 करोड़ रुपये के आईपीओ का स्थान है। सबसे छोटा आईपीओ प्लाजा वायर्स का था जिसने 71 करोड़ रुपये जुटाए। कंपनियों के आईपीओ का औसत आकार वित्त वर्ष 23 के 1,409 करोड़ रुपये के मुकाबले काफी ज्यादा घटकर वित्त वर्ष 24 में 815 करोड़ रुपये का रह गया।

कुल मिलाकर सभी तरह की इक्विटी के जरिये जुटाई गई रकम वित्त वर्ष 24 में 2.4 गुना उछलकर 1.86 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गई जो इससे पिछले वित्त वर्ष में 76,911 करोड़ रुपये थी। इसमें तीव्र बढ़ोतरी व्यापक बाजारों के शेयरों की कीमतों में आई तेजी के कारण आई।

विभिन्न क्षेत्रों की कंपनियां वित्त वर्ष 2024 में आईपीओ बाजार से रकम जुटाने में सक्षम रहीं। पारंपरिक रूप से वित्तीय क्षेत्र के वर्चस्व वाले इस बाजार में उसकी मौजूदगी 9,655 करोड़ रुपये जुटाने के साथ सीमित रही जो कुल रकम का महज पांचवां हिस्सा है। नई पीढ़ी की तकनीकी कंपनियां भी काफी कम थीं और महज तीन ही आईपीओ बाजार में आए। प्राइम डेटाबेस के प्रबंध निदेशक प्रणव हल्दिया ने कहा कि ज्यादातर आईपीओ को निवेशकों की उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली।

75 आईपीओ के आंकड़े उपलब्ध हैं। इनमें से 54 को 10 गुना से ज्यादा बोलियां मिलीं और इसमें भी 22 को 50 गुना से ज्यादा आवेदन मिले जबकि 11 आईपीओ को तीन गुना से ज्यादा बोलियां मिलीं। बाकी 10 आईपीओ को 1 से 3 गुना आवेदन मिले।

खुदरा निवेशकों की प्रतिक्रिया भी पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले ज्यादा रही। खुदरा आवेदन की औसत संख्या पिछले वित्त वर्ष के 6 लाख के मुकाबले 13 लाख पर पहुंच गई। सबसे ज्यादा खुदरा आवेदन (52 लाख) टाटा टेक्नोलॉजिज के आईपीओ को मिले। इसके बाद डोम्स इंडस्ट्रीज (41 लाख) और आईनॉक्स (37 लाख) का स्थान रहा। यह प्रतिक्रिया सूचीबद्धता के बाद मजबूत प्रदर्शन के कारण थी। सूचीबद्धता पर औसत लाभ वित्त वर्ष 24 में बढ़कर 29 फीसदी हो गया जो पिछले वित्त वर्ष में 9 फीसदी था।

75 आईपीओ में से 48 ने 10 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न दिया। विभोर स्टील में सबसे ज्यादा लाभ एक दिन में 193 फीसदी मिला जिसके बाद बीएलएस ई-सर्विसेज (175 फीसदी) और टाटा टेक्नोलॉजिज (163 फीसदी) का स्थान रहा। 75 में से 50 से ज्यादा आईपीओ औसतन 65 फीसदी रिटर्न के साथ इश्यू प्राइस से ऊपर कारोबार कर रहे हैं।

वित्त वर्ष 24 में 96 कंपनियों ने बाजार नियामक सेबी के पास विवरणिका मसौदा (डीआरएचपी) जमा कराया जबकि इससे पिछले वित्त वर्ष में 75 कंपनियों ने डीआरएचपी जमा कराया था। हालांकि 59,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही 37 कंपनियों ने मंजूरी के बाद भी आईपीओ नहीं उतारा वहीं 1,000 करोड़ रुपये जुटाने जा रही दो कंपनियों ने अपने दस्तावेज वापस ले लिए। सेबी ने 2,500 करोड़ रुपये जुटाने पर विचार कर रही पांच कंपनियों के पेशकश दस्तावेज लौटा दिए।

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First Published - March 26, 2024 | 10:43 PM IST

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