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नकदी पर कदम से बाजार को दम, पिछले दो दिनों से आ रही गिरावट मंगलवार को थमी

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बैंकिंग व्यवस्था में नकदी के सख्त हालात से निपटने के लिए आरबीआई ने सोमवार को तितरफा कदमों का ऐलान किया था जिससे फरवरी में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद जगी।

Last Updated- January 28, 2025 | 11:15 PM IST
Indian Rupee
प्रतीकात्मक तस्वीर

बेंचमार्क सूचकांकों निफ्टी-50 और सेंसेक्स में पिछले दो दिन से आ रही गिरावट मंगलवार को थम गई। इसकी वजह बैंकिंग शेयरों में उछाल रही जो नकदी पर भारतीय रिजर्व बैंक के कदमों से चढ़े। सेंसेक्स ने 535 अंकों की बढ़त के साथ 75,901 पर कारोबार की समाप्ति की। निफ्टी 128 अंकों के इजाफे के साथ 22,957 पर टिका। कारोबारी सत्र के दौरान सूचकांकों में 1.5 फीसदी तक की उछाल देखी गई।

बैंकिंग व्यवस्था में नकदी के सख्त हालात से निपटने के लिए आरबीआई ने सोमवार को तितरफा कदमों का ऐलान किया था जिससे फरवरी में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद जगी।
एमके ग्लोबल फाइनैंशियल सर्विसेज ने एक नोट में कहा कि आरबीआई की तरफ से 60,000 करोड़ रुपये की नकदी मजबूत इरादा दर्शाता है। हालांकि इससे 2.9 लाख करोड़ रुपये की नकदी की मौजूदा किल्लत का महज 20 फीसदी हिस्सा ही कवर होता है। नकदी के चक्र में बदलाव घरेलू इक्विटी के लिए मजबूत प्रोत्साहन है और अल्पावधि के लिहाज बीएफएसआई पर दांव सबसे अच्छा तरीका है। इसके साथ ही अन्य सकारात्मक चीजें जैसे मूल्यांकन आदि अब ज्यादा उचित हैं।

मंगलवार को बजाज फाइनैंस, ऐक्सिस बैंक, बजाज फिनसर्व और एचडीएफसी बैंक निफ्टी-50 और सेंसेक्स के बढ़त वाले अग्रणी शेयर रहे। ब्लूचिप शेयरों में तेजी आई जबकि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की तरफ से शेयरों की बिकवाली जारी रही। एक्सचेंजों के अस्थायी आंकड़ों के मुताबिक एफपीआई ने 4,920 करोड़ रुपये की बिकवाली की और इस महीने उनकी बिकवाली बढ़कर 71,105 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है।

व्यापक बाजारों में हालांकि बिकवाली का दबाव जारी रहा और ​निफ्टी मिडकैप 100 में 0.5 फीसदी की गिरावट आई जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 1.8 फीसदी की कमजोरी आई। दोनों सूचकांक अब अपने-अपने सर्वोच्च स्तर से करीब 15 फीसदी नीचे हैं।

हाल के हफ्तों में बाजार को नीचे खींचने वाले कारकों मसलन अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की व्यापार नीतियों को लेकर अनिश्चितता और चैटजीपीटी प्रतिस्पर्धी चीन की डीपसीक का संभावित प्रभाव अभी बना हुआ है। एआई चालित इलेक्ट्रिॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज फर्मों मसलन डिक्सन टेक्नोलॉजिज , केयंस टेक्नोलॉजिज, नेटवेब टेक्नोलॉजिज और एमआईसी इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयर 10 फीसदी तक लुढ़क गए। विभिन्न क्षेत्रों की बात करें तो दवा क्षेत्र को सबसे ज्यादा झटका लगा। निफ्टी फार्मा इंडेक्स लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में लाल निशान में रहा और मंगलवार को इसमें 2.3 फीसदी की गिरावट आई।

विश्लेषकों को उम्मीद है कि इस सप्ताह बाजार सीमित दायरे में रहेगा। मोतीलाल ओसवाल फाइनैंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख सिद्धार्थ खेमका ने कहा कि निवेशक बुधवार को नतीजों की घोषणा करने वाली कुछ प्रमुख कंपनियों जैसे बजाज फाइनैंस, मारुति सुजूकी, टाटा मोटर्स, अदाणी पावर के तिमाही आंकड़ों और भविष्य के अनुमानों पर नज़र रखेंगे। उम्मीद है कि गुरुवार को अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दर पर संभावित फैसले और शनिवार को केंद्रीय बजट की घोषणा से पहले बाजार सीमित दायरे में कारोबार करेगा।

ताजा सुधार के बाद भी बेंचमार्क निफ्टी इस महीने अब तक 2.9 फीसदी नीचे है। रॉयटर्स के मुताबिक यह बेंचमार्क इंडेक्स का लगातार चौथा तिमाही नुकसान होगा जो 23 साल में मासिक गिरावट का सबसे लंबा सिलसिला है।

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First Published - January 28, 2025 | 11:00 PM IST

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