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512 रुपये की रिकॉर्ड ऊंचाई से 15 फीसदी फिसली Vedanta, अस्थायी गिरावट या ट्रेंड में बदलाव?

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अनिल अग्रवाल की अगुआई वाली फर्म के शेयर में हालिया गिरावट पिछले एक साल में इसका शेयर दोगुना होने के बाद आई है।

Last Updated- November 14, 2024 | 11:04 PM IST
vedanta demerger

सितंबर के आखिर में 512 रुपये की रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद कमोडिटी दिग्गज वेदांत का शेयर बाजारों में गिरावट के बीच 15 फीसदी से ज्यादा फिसल गया है। अनिल अग्रवाल की अगुआई वाली फर्म के शेयर में हालिया गिरावट पिछले एक साल में इसका शेयर दोगुना होने के बाद आई है।

अस्थायी गिरावट या ट्रेंड में बदलाव?

ज्यादातर विश्लेषकों का नजरिया इस शेयर पर तेजी का है, जिसे सितंबर 2024 में समाप्त दूसरी तिमाही के मजबूत नतीजे से बल मिला है और इसने मध्यम अवधि के लिहाज से कंपनी की आय की संभावना को लेकर स्पष्टता में सुधार किया है। इसके अलावा परिचालन दक्षता, क्षमता विस्तार, कर्ज में कमी, लाभांश का आकर्षक भुगतान और कारोबार अलग करने की मौजूदा पहल विश्लेषकों के आशावाद में इजाफा कर रहे हैं।

वेदांत के शेयर के लिए 12 महीने का कीमत लक्ष्य 470 रुपये से लेकर 663 रुपये के बीच है, जो मौजूदा स्तर से 8 फीसदी से लेकर 50 फीसदी की बढ़ोतरी दर्शाता है।

नुवामा ने एक नोट में कहा, एल्युमिना की उच्च कीमत समाहित करने के बाद हम वित्त वर्ष 25 के लिए एबिटा अनुमान बरकरार रखे हुए हैं और वित्त वर्ष 26 के लिए एबिटा अनुमान में 3 फीसदी का इजाफा कर रहे हैं ताकि चांदी की उच्च कीमतों और एल्युमीनियम की उत्पादन लागत को समाहित किया जा सके।

साल 2023 में खनन दिग्गज ने कारोबार अलग करने और एल्युमीनियम, तेल व गैस और स्टील समेत पांच अहम कारोबार को अलग-अलग सूचीबद्ध कराने की योजना का ऐलान किया था। कारोबार अलग करने से छह स्वतंत्र वर्टिकल का सृजन हो सकता है : वेदांत एल्युमीनियम, वेदांत तेल व गैस, वेदांत पावर, वेदांत स्टील ऐंड फेरस मैटीरियल्स, वेदांत बेस मेटल्स और वेदांत।

वेदांत के प्रबंधन ने कहा है कि कारोबार अलग करने की प्रक्रिया मार्च 2025 तक पूरा होने का अनुमान है। हालांकि उसने यह भी संकेत दिया है कि अलग की जाने वाली इकाइयां अलग-अलग समय में सूचीबद्ध होंगी, जब मंजूरी हासिल होगी।

सीएलएसए ने वित्त वर्ष 25-27 के लिए एबिटा अनुमान 2 से 9 फीसदी घटाया है और इसके लिए तेल व लौह अयस्क की कीमतों में नरमी को वजह बताया है। लेकिन लक्षित कीमतें 520 रुपये मौजूदा स्तर से करीब 20 फीसदी की बढ़ोतरी की पेशकश करती है।

सीएलएसए ने एक नोट में कहा, मौजूदा विस्तार परियोजनाएं वॉल्यूम में वृद्धि व मार्जिन विस्तार के लिए सही है। इन परियोजनाओं का क्रियान्वयन उम्दा प्रदर्शन के लिहाज से अहम होगा। साथ ही लाभांश यील्ड उच्चस्तर पर बने रहने की संभावना है। वेदांत ने दूसरी तिमाही में 9,820 करोड़ रुपये का एबिटा अर्जित किया है, जो ज्यादातर अनुमान से आगे है।

आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज ने एक नोट में कहा, शुद्ध कर्ज 56,900 करोड़ रुपये और शुद्ध कर्ज व एबिटा अनुपात 1.49 गुना रहना छह तिमाही में सबसे अच्छा है, जिसे पात्र संस्थागत नियोजन से मिली रकम से फायदा मिला है।

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First Published - November 14, 2024 | 10:51 PM IST

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