Vodafone Idea यानी Vi के शेयर में मंगलवार को अच्छी तेजी देखने को मिली। शेयर 3 प्रतिशत से ज्यादा चढ़कर 52 हफ्ते के हाई पर पहुंच गया। वहीं दूसरी तरफ Sensex भी करीब आधा फीसदी उछल गया। बाजार की तेजी के बीच Vi के शेयर में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिल रही है। इससे पहले कंपनी ने मार्च तिमाही में छह साल में पहली बार मुनाफा दर्ज किया। कंपनी के फंडिंग प्लान के बाद ब्रोकरेज हाउस ने स्टॉक पर अपनी इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजी जारी की है। ज्यादातर ब्रोकरेज ने स्टॉक पर फ्रेश खरीदारी की बजाय बने रहने की सलाह दी है। ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी की बड़ी योजनाएं तभी सफल होंगी जब लगातार टैरिफ बढ़ें, ग्राहक टिके रहें और मुकाबला थोड़ा कम हो।
मोतीलाल ओसवाल ने Vodafone Idea पर Neutral रेटिंग बरकरार रखी है और 10 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी की बड़ी योजनाएं तभी सफल होंगी जब लगातार टैरिफ बढ़ें, ग्राहक टिके रहें और मुकाबला थोड़ा कम हो।
वहीं नुवामा ने HOLD रेटिंग के साथ 13.5 रुपये का टारगेट दिया है। ब्रोकरेज का कहना है कि ARPU और सब्सक्राइबर ट्रेंड्स में सुधार जरूर दिख रहा है, लेकिन Vi को मजबूत निवेश विकल्प बनने में अभी काफी वक्त लग सकता है।
ब्रोकरेज का यह भी मानना है कि अगर Vodafone Idea दोबारा मजबूत प्लेयर बनने की कोशिश करती है, तो Jio और Airtel भी मुकाबला और तेज कर सकते हैं। यही वजह है कि फिलहाल एक्सपर्ट्स शेयर को लेकर पूरी तरह बुलिश नजर नहीं आ रहे।
कंपनी मैनेजमेंट का कहना है कि SBI के नेतृत्व वाले बैंकों के समूह के साथ बातचीत तेजी से आगे बढ़ रही है। Vodafone Idea करीब 35,000 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है, ताकि 5G नेटवर्क विस्तार और बिजनेस को मजबूत किया जा सके। कंपनी के CEO अक्षय मूंदड़ा ने कहा कि प्रमोटर्स लगातार कंपनी को सपोर्ट कर रहे हैं और फंडिंग को लेकर उन्हें भरोसा है कि जल्द अच्छा नतीजा सामने आएगा।
हाल ही में आदित्य बिड़ला ग्रुप ने भी कंपनी में नया निवेश करने का फैसला किया है। इसके अलावा Vodafone Plc से भी कंपनी को CLAM समझौते के तहत हजारों करोड़ रुपये मिलने वाले हैं। कंपनी को उम्मीद है कि इन पैसों से नेटवर्क विस्तार और कर्ज के दबाव को संभालने में मदद मिलेगी।
मार्च तिमाही में Vodafone Idea ने करीब 51,970 करोड़ रुपये का मुनाफा दिखाया। पहली नजर में यह आंकड़ा काफी बड़ा लगता है, लेकिन असल में यह फायदा AGR राहत की वजह से आया। सरकार ने कंपनी के AGR बकाये में बड़ी राहत दी, जिसके बाद अकाउंटिंग में एक बार का बड़ा फायदा दिखा।
अगर कंपनी के असली बिजनेस की बात करें तो तस्वीर अभी भी पूरी तरह मजबूत नहीं दिखती। हालांकि कुछ चीजों में सुधार जरूर देखने को मिला है। कंपनी का ARPU यानी हर ग्राहक से होने वाली औसत कमाई बढ़कर 190 रुपये पहुंच गई। ग्राहक कम होने की रफ्तार भी पहले से थोड़ी धीमी हुई है और EBITDA मार्जिन में भी हल्का सुधार आया है।
मैनेजमेंट का कहना है कि कंपनी के पास अभी भी बड़ी संख्या में 2G यूजर्स हैं, जिन्हें आने वाले समय में 4G और 5G नेटवर्क पर लाया जा सकता है। इसी को कंपनी अपनी बड़ी ग्रोथ का मौका मान रही है।
Vodafone Idea के सामने सबसे बड़ी चुनौती अब भी पैसों की है। अगले तीन साल में कंपनी को स्पेक्ट्रम पेमेंट, कर्ज चुकाने और 5G नेटवर्क विस्तार के लिए करीब 1 लाख करोड़ रुपये की जरूरत होगी। कंपनी का दावा है कि बैंक फंडिंग, प्रमोटर निवेश, टैक्स रिफंड और अपने कैश फ्लो के जरिए वह यह जरूरत पूरी कर सकती है।
लेकिन बाजार और ब्रोकरेज हाउस अभी भी पूरी तरह आश्वस्त नहीं हैं। उनका मानना है कि Vi की वापसी आसान नहीं होगी। कंपनी को लगातार टैरिफ बढ़ोतरी, ग्राहकों की संख्या में सुधार और Jio-Airtel से कड़ी प्रतिस्पर्धा जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।
Vodafone Idea का शेयर मंगलवार सुबह करीब 11 बजे 13.3 रुपये के आसपास 3 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी के साथ कारोबार करता दिखा। खास बात ये रही कि शेयर ने आज 13.39 रुपये का नया 52 हफ्ते का हाई भी छू लिया। पिछले एक महीने में शेयर करीब 38 प्रतिशत चढ़ चुका है, जबकि बीते एक साल में इसमें लगभग 98 प्रतिशत की जोरदार तेजी देखने को मिली है। वहीं दूसरी तरफ Sensex भी करीब 337 अंक मजबूत होकर 75,650 के ऊपर ट्रेड करता नजर आया। यानी बाजार में आई तेजी का असर Vi के शेयर पर भी साफ दिखा, लेकिन Vi में तेजी बाजार से कहीं ज्यादा मजबूत रही।
(डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।)