Vodafone Idea का शेयर अप्रैल में अब तक करीब 12 प्रतिशत तक चढ़ चुका है, जबकि बाजार में इस दौरान गिरावट का माहौल रहा है। कंपनी के AGR बकाया को लेकर राहत मिलने की उम्मीद से भी शेयर को सपोर्ट मिला है। हालांकि, इस तेजी के बावजूद शेयर अभी भी इस साल की शुरुआत से अब तक करीब 11 प्रतिशत नीचे है।
बजाज ब्रोकिंग के टेक्निकल एनालिस्ट का मानना है कि आने वाले समय में यह शेयर और ऊपर जा सकता है। उनके मुताबिक, Vodafone Idea का शेयर करीब 11.60 रुपये तक पहुंच सकता है, यानी मौजूदा स्तर से करीब 21.5 प्रतिशत की तेजी संभव है।
रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 3-4 महीनों में शेयर में गिरावट देखने को मिली थी, लेकिन अब यह एक मजबूत सपोर्ट जोन से उभर रहा है। 8 से 8.50 रुपये का स्तर इसके लिए अहम सपोर्ट रहा है, जहां से शेयर ने वापसी की है। इसके अलावा, यह शेयर अपने 200 दिन के औसत स्तर के ऊपर बना हुआ है, जो आमतौर पर मजबूती का संकेत माना जाता है। चार्ट पर भी यह गिरते हुए ट्रेंड से बाहर निकल चुका है, जो आगे तेजी का संकेत देता है।
यह पढ़ें: विजय केडिया की एंट्री से चमका Smallcap Stock, 10% का अपर सर्किट; ₹100 से कम है भाव
टेक्निकल इंडिकेटर RSI भी ऊपर की ओर इशारा कर रहा है, जिससे शेयर में पॉजिटिव रुझान बना हुआ है।
Vodafone Idea का शेयर इस समय इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि सरकार ने कंपनी को AGR बकाया में राहत दी है। कैबिनेट ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आधार पर करीब 87,695 करोड़ रुपये के बकाया को फिलहाल रोक दिया है। इस मामले का दोबारा आकलन जून तक पूरा होने की उम्मीद है।
मोतीलाल ओसवाल के एनालिस्ट्स का मानना है कि टेलीकॉम कंपनियां जुलाई तिमाही में कम से कम 15 प्रतिशत तक टैरिफ बढ़ा सकती हैं। ऐसा इसलिए किया जाएगा ताकि प्रति यूजर औसत कमाई यानी ARPU में करीब 10 रुपये की गिरावट को रोका जा सके।
हालांकि, इसके बावजूद सभी कंपनियों के मुनाफे पर थोड़ा दबाव आ सकता है। अनुमान है कि वित्त वर्ष 2027 में EBITDA में करीब 2 से 5 प्रतिशत तक की कमी देखने को मिल सकती है।
यह पढ़ें: Nestle India Share: नतीजों के बाद तेजी, शेयर 5% चढ़ा; ब्रोकरेज ने बढ़ाए अनुमान, पर चेतावनी भी
ब्रोकरेज का कहना है कि Vodafone Idea पर इसका असर बाकी कंपनियों के मुकाबले ज्यादा हो सकता है। कंपनी के EBITDA में करीब 15 प्रतिशत तक की गिरावट आ सकती है। साथ ही अगर टैरिफ बढ़ाने में देरी होती है, तो अगली बढ़ोतरी का चक्र जुलाई 2029 के बाद तक खिसक सकता है।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 2019 के बाद से टेलीकॉम कंपनियां हर दो साल में 10 से 20 प्रतिशत तक टैरिफ बढ़ाती रही हैं। ऐसे में टैरिफ बढ़ाने का सही समय कंपनियों के लिए काफी अहम हो जाता है।
(डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।)