टाटा मोटर्स के ताजा नतीजों के बाद बाजार में कंपनी को लेकर तस्वीर थोड़ी मिली-जुली नजर आ रही है। कंपनी ने मार्च तिमाही में कमाई और मार्जिन के मोर्चे पर अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन बढ़ती लागत और कमर्शियल व्हीकल बाजार की धीमी मांग ने चिंता बढ़ा दी है। यही वजह है कि ब्रोकरेज हाउस भी कंपनी को लेकर अलग-अलग राय दे रहे हैं। मोतीलाल ओसवाल को आने वाले समय में दबाव बढ़ने की आशंका दिख रही है, जबकि नुवामा अब भी कंपनी की लंबी अवधि की ग्रोथ स्टोरी पर भरोसा जता रहा है। इस बीच गुरुवार को टाटा मोटर्स का शेयर करीब 2% टूटकर 377 रुपये के आसपास कारोबार करता दिखा।
मोतीलाल ओसवाल का कहना है कि घरेलू कमर्शियल व्हीकल बाजार में अब पहले जैसी तेजी नहीं दिख रही। ब्रोकरेज के मुताबिक, वैश्विक तनाव और आर्थिक अनिश्चितता का असर मांग पर पड़ सकता है। इसके अलावा कंपनियों की लागत भी बढ़ रही है, जिसका सीधा असर मार्जिन पर दिखाई दे सकता है।
इसी वजह से मोतीलाल ओसवाल ने टाटा मोटर्स के लिए अपने ग्रोथ अनुमान घटा दिए हैं। ब्रोकरेज का मानना है कि आने वाले दो-तीन साल में कंपनी की कमर्शियल व्हीकल बिक्री पहले के अनुमान जितनी तेजी से नहीं बढ़ पाएगी।
रिपोर्ट में कहा गया है कि FY26 से FY28 के दौरान कंपनी की वॉल्यूम ग्रोथ का अनुमान अब 8% से घटाकर 6% कर दिया गया है। ब्रोकरेज का मानना है कि शेयर अभी काफी हद तक सही वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रहा है। इसी वजह से उसने शेयर पर ‘Neutral’ रेटिंग बरकरार रखते हुए 414 रुपये का टारगेट दिया है।
मार्च तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। कंपनी की आमदनी में अच्छी बढ़त देखने को मिली और ऑपरेटिंग स्तर पर भी मजबूती दिखी। EBITDA मार्जिन बढ़कर 13.9% पहुंच गया, जो पिछले साल के मुकाबले बेहतर है।
हालांकि मोतीलाल ओसवाल और नुवामा दोनों का कहना है कि कंपनी की कमाई बाजार के अनुमान से थोड़ी कमजोर रही। खासतौर पर दूसरे खर्च बढ़ने की वजह से दबाव देखने को मिला। इसके बावजूद कंपनी की कुल तस्वीर बहुत कमजोर नहीं मानी जा रही। कई विश्लेषकों का कहना है कि ऑपरेटिंग स्तर पर कंपनी अब भी मजबूत स्थिति में है।
घरेलू बाजार में सुस्ती की चिंता के बीच एक्सपोर्ट बिजनेस कंपनी के लिए राहत की खबर लेकर आया है। खासकर इंडोनेशिया से मिले करीब 70 हजार यूनिट के बड़े ऑर्डर को नुवामा ने काफी पॉजिटिव माना है।
नुवामा का कहना है कि आने वाले समय में कंपनी का एक्सपोर्ट कारोबार तेजी से बढ़ सकता है। ब्रोकरेज के मुताबिक FY26 से FY28 के दौरान एक्सपोर्ट वॉल्यूम में मजबूत ग्रोथ देखने को मिल सकती है।
इसी भरोसे के दम पर नुवामा ने शेयर पर ‘BUY’ रेटिंग बनाए रखी है। हालांकि उसने भी अपना टारगेट 500 रुपये से घटाकर 480 रुपये कर दिया है। ब्रोकरेज का कहना है कि लागत का दबाव जरूर है, लेकिन लंबी अवधि में कंपनी की ग्रोथ कहानी अब भी मजबूत बनी हुई है।
टाटा मोटर्स इस समय ऐसे मोड़ पर खड़ी है जहां चुनौतियां भी हैं और मौके भी। घरेलू बाजार में मांग कमजोर पड़ती दिख रही है और लागत बढ़ने का असर भी साफ नजर आ रहा है। लेकिन दूसरी तरफ कंपनी का एक्सपोर्ट कारोबार और ऑपरेटिंग सुधार उम्मीद बनाए हुए हैं।
यही वजह है कि बाजार में शेयर को लेकर राय बंटी हुई है। मोतीलाल ओसवाल फिलहाल सतर्क रहने की सलाह दे रहा है, जबकि नुवामा को लगता है कि लंबी अवधि में यह शेयर अच्छा प्रदर्शन कर सकता है।
(डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।)