पाम ऑयल में उछाल
मलयेशिया में पाम ऑयल का वायदा लगातार दूसरे दिन बढ़कर एक हफ्ते के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया और सोयाबीन की कीमतों में भी इजाफा हुआ। मौसमी मांग में बढ़ोतरी और कच्चे तेल में एवं सोयाबीन तेल की कीमतों में हुए क्रमश: 2.2 प्रतिशत और 2.5 प्रतिशत के इजाफे से पाम ऑयल की कीमतों में […]
अगस्त में सोने की खपत तीन गुना बढ़ने की उम्मीद
पर्व-त्योहार का मौसम के करीब होने के कारण उद्योग को उम्मीद है कि हाल में सोने की कीमतों में हुई गिरावट के मद्देनजर पिछले महीने के मुकाबले खपत तीन गुनी बढेग़ी। अखिल भारतीय रत्न एवं आभूषण संघ के अध्यक्ष अशोक मीनावाला ने कहा कि इसके अलावा सोने के मूल्य में हुई भारी गिरावट के कारण […]
महंगे न्यूजप्रिंट से अखबार हुए बेहाल
दुनिया में भारतीय अखबार सबसे सस्ते हैं, लेकिन अब ऐसी स्थिति बरकरार नहीं रह सकती। इसकी वजह यह है कि महंगाई का असर अखबारी कागज यानी न्यूज प्रिंट की कीमतों पर भी पड़ा है। न्यूज प्रिंट की कीमतों के असर को कम करने के लिहाज से और इस बढ़ोतरी के मद्देनजर अखबारों के प्रकाशक कीमतों […]
अब क्षेत्रीय विज्ञापनों के लिए छिड़ेगी महाभारत
मीडिया मुगल के नाम से मशहूर न्यूज कॉर्पोरेशन के मुखिया रूपर्ट मर्डोक ने कुछ हफ्ते पहले अपनी भारत यात्रा के दौरान एक बड़ी घोषणा की थी। मर्डोक ने घोषणा की थी कि उनकी कंपनी अगले एक साल में 6 भारतीय भाषाओं के चैनलों में 10 करोड़ डॉलर निवेश करेगी। अब ऐसी कौन सी बात है […]
इंटरनेट की दुनिया से आई सस्ती कॉल की घंटी
इंटरनेट टेलीफोनी को लेकर आज कल मुल्क के कारोबारी और तकनीकी हलकों में हंगामा मचा हुआ है। वजह है, भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) की इंटरनेट टेलीफोनी को कानूनी जामा पहनाने की सिफारिश। अगर सरकार ने ट्राई की सिफारिश मान ली, तो इससे आप इंटरनेट के सहारे काफी कम कीमतों में ही कॉल कर पाएंगे। […]
पेश है हितोपदेश का मॉडर्न और रीमिक्स वर्जन
रेजर का खयाल आते ही एक तेज धार वाली चीज की शक्ल ध्यान में आती है जिसको अपने फायदे के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है तो उसकी तेज धार नुकसान पहुंचाने में भी कम नहीं है। बस जरा सी चूक किसी की जिंदगी और मौत के बीच की बेहद बारीक रेखा को तय […]
कंपनियों को परवाह नहीं उपभोक्ताओं की
बड़ी कंपनियां अक्सर दावा करती है कि वे सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर)को बखूबी निभा रही हैं लेकिन उनकी बात हमेशा सच हो ऐसा भी नहीं कहा जा सकता। इस सच्चाई को कुछ आंकड़े भी बयां कर सकते हैं। इन आंकड़ों के मुताबिक देश की केवल 120 कंपनियों ने ही अपने ग्राहकों की मदद के लिए ‘राष्ट्रीय […]
कारगर नहीं है दोहरी मूल्य प्रणाली
भारत में सीमेंट सहित कई जिंसों पर दोहरी मूल्य प्रणाली लागू करने का प्रयोग हो चुका है और चीनी में अभी भी यह जारी है। पर जैसा कि हर मामले में देखने को मिलता है कि दोहरी मूल्य प्रणाली लागू किए जाने से वितरण व्यवस्था में कुछ खामियां उजागर होती हैं और कई रैकेट भी […]
सरकारी विभागों के बीच बेकार की कानूनी लड़ाई
भारत का संविधान सबसे लंबे संविधानों में से एक है, जिसमें विस्तृत व्याख्याएं दी गई हैं। लेकिन इसके बावजूद संविधान निर्माता एक बड़ी खामी छोड़ गए हैं। उन्हें यह उम्मीद तो नहीं रही होगी कि सरकार का एक विभाग, दूसरे के खिलाफ अदालत में जा सकता है। सरकार और उसकी एजेंसियों ने बड़ी संख्या में […]
मनोरंजन जगत में आ रहे खतरों के खिलाड़ी
हिंदी मनोरंजन चैनलों की फौज में कलर्स ने बड़े दमदार तरीके से कदम रखा है और आते ही वह तीसरे पायदान पर कब्जा जमाने में सफल रहा है। भले ही एनडीटीवी इमैजिन और 9एक्स इस श्रेणी में कुछ बड़े नाम हैं लेकिन कलर्स ने लॉन्च के दूसरे हफ्ते में 116 अंकों की रेटिंग हासिल की […]
