एमसीएक्स ने हटाया मेंथा से स्पेशल मार्जिन
मेंथा वायदा पर उफान को देखते हुए मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ने इसकी खरीद पर जो स्पेशल मार्जिन लगाया था, उसे अब पूरी तरह हटा लिया है। एक अगस्त को एमसीएक्स ने इस पर लगे 7.5 फीसदी के स्पेशल मार्जिन को हटा लिया। इससे पहले 23 जुलाई को 10 फीसदी का स्पेशल मार्जिन हटा लिया गया […]
रबर का उत्पादन बढ़ने की उम्मीद
इस साल प्राकृतिक रबर के उत्पादन में 6 फीसदी की बढ़ोतरी होने का अनुमान है। रबर बोर्ड के मुताबिक, रबर की ऊंची उत्पादकता वाले और अच्छे किस्म के पेड़ लगाए जाने से अनुमान है कि इस साल रबर का कुल उत्पादन 8.75 लाख टन तक पहुंच जाएगा। पिछले साल कई वजहों से प्राकृतिक रबर के […]
उड़ी रंगत दिल्ली के नाशपाती कारोबार की
प्रमुख नाशपाती उत्पादक राज्य पंजाब में अच्छी पैदावार के बावजूद दिल्ली की मंडियों में इसकी आवक पिछले वर्ष के मुकाबले लगभग 25 फीसदी कम है। आजादपुर मंडी में नाशपाती के थोक विक्रेताओं ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया कि इस साल दूसरे राज्यों में नाशपाती की ज्यादा आपूर्ति हुई है। यही कारण है कि दिल्ली की […]
निर्यात से चाय की कीमतों में 25 फीसदी का इजाफा
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय चाय की बढ़ती मांग और देश में उत्पादन कम होने से पिछले कुछ महीनों में चाय की कीमतों में 25 प्रतिशत से अधिक का इजाफा हुआ है। हालांकि, चाय की मांग साल दर साल बढ़ी ही जा रही है। महंगाई के बढ़ने में इसकी भी भूमिका है। कारोबारियों के अनुसार, चार […]
केंद्र बिहार से खरीद सकता है मक्का
केंद्र सरकार 620 रुपये प्रति क्विंटल के एमएसपी पर बिहार से मक्के की खरीदारी करने पर विचार कर रही है। मक्के के निर्यात पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद इसकी कीमत न्यनतम समर्थन मूल्य से भी कम हो गई है। एक सरकारी अधिकारी ने बताया, ‘खाद्य मंत्रालय बिहार से मक्के की खरीदारी करने पर सहमत […]
हम हैं नये तो अंदाज क्यूं हो पुराना?
दुनिया में ऐसे लोग भी हैं जो बने बनाए रास्ते के बजाए अपने लिए एक अनोखा रास्ता बनाते हैं। ऐसे लोग लीक से हटकर चलने वाले लोग कहे जाते हैं, जो अपने विचारों के मुताबिक सपने को पूरा करने में यकीन रखते हैं। आनंद प्रकाशहैंडमेड पेपर से बने डिजाइनदार सामान के जरिए बने सफल कारोबारीआनंद […]
सपनों को कैसे पूरा करे डीटीसी?
दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) के बेड़े में करीब 3,600 बसें हैं। मौजूदा बसों में से तकरीबन आधे को बाहर करने के बाद भी अगले दो सालों में इस काफिले में 80 फीसदी बसें और शामिल हो जाएंगी। ऐसा नहीं है कि जिन बसों को अलविदा कहा जा रहा है वे पुरानी हो चुकी हैं, बल्कि […]
दिलफेंक कमलनाथ की राजनीतिक अदा है जुदा
कमलनाथ दूसरे नेताओं की तरह नहीं हैं। जहां मध्यप्रदेश के दूसरे दिग्गज नेता, अर्जुन सिंह शब्दों की मितव्ययिता के लिए प्रसिद्ध हैं, कमलनाथ शब्दों को लुटाते हैं। स्टाइल है- दिलफेंक, तपाक से जवाब देते हैं और हाजिरजवाब माने जाते हैं। ऐसे में विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) की वार्ता में कमलनाथ की भूमिका एकदम सटीक रही […]
निकम्मेपन का चोला ओढतीं निजी कंपनियां
आजकल एक अजीब सी बात हो रही है। इसने अब तक एक बड़े बदलाव की शक्ल अख्तियार नहीं की है, और न ही यह इतने बड़े पैमाने पर हो रहा है कि माकपा की बांछें खिल जाएं। लेकिन आज आपको एक अजीब सा बदलाव देखने को मिल रहा है। कभी खून चूसने वाले और निकम्मे […]
बढ़ सकते हैं बैंकों के बैड लोन: क्रिसिल
रेटिंग एजेंसी क्रिसिल के मुताबिक असुरक्षित कर्जों यानी अनसेक्योर्ड लोन के बढ़ते अनुपात, ज्यादा जोखिम वाले ग्राहकों के प्रति बढ़ते एक्सपोजर, आसमान छूते ब्याज दर और क्रेडिट स्टैंडर्ड में 2004 से 2007 के दौरान आई गिरावट के कारण बैंकों के बैड लोनों में इजाफा देखने को मिल सकता है। खुदरा परिसंपत्तियां सावधानी का सूचक न […]
