सरकार ने फेरी असल मुद्दों से नजर
एक जमाने में उर्वरक कंपनियां मोटा मुनाफा काटा करती थीं, लेकिन सरकार की कछुआ चाल की वजह से अब उनकी हालत पस्त हो चुकी है। आखिरकार सरकार ने कुछ फैसले तो लिए हैं, जिनसे उनकी हालत सुधर पाएगी। हालांकि, अब भी सरकार का ध्यान असल मुसीबत की तरफ नहीं गया है। वह अब भी उर्वरक […]
कल को महफूज बनाने में वामपंथियों का रोड़ा
मुल्क के 40 करोड़ कामगारों के लिए यह शनिवार काफी अहम होगा। ये लोग दिन-रात एक करके काम करने में जुटे रहते हैं, ताकि अपने आने वाले कल को वे महफूज बना सकें। इनमें से भी केवल 1.5 से 2 करोड़ लोग ही ऐसे हैं, जो अपनी कमाई का एक हिस्सा कर्मचारी भविष्य निधि संगठन […]
कहीं बुनियाद न हिल जाए महंगाई की मार से
इस समय एक धारणा चल रही है कि वृहद अर्थव्यवस्था के वर्तमान संकट, भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास के लिए लंबे समय के लिए खतरा नहीं हैं। यह अनुभव किया जा रहा है कि एक बार अगर हम महंगाई पर काबू पा लेंगे, तो चीजें अपने आप ही पटरी पर आ जाएंगी। इस सोच के लिए […]
…ताकि जिंदगी के कड़वे पलों में भी बनी रहे मिठास
पिछले साल जब विनोद बजाज, उम्र 62 वर्ष, एक निजी क्षेत्र की बीमा कंपनी के पास स्वास्थ्य बीमा लेने के लिए पहुंचे, उन्हें बीमा खरीदने के लिए काफी कुछ सुनाया गया। कारण, वे पिछले 19 वर्षों से मधुमेह के रोगी हैं। यहां तक कि विभाग अधिकारी ने उन्हें डांटा-फटकारा भी कि वे ऐसे में ऐसी […]
डीप डिस्काउंट बॉन्ड, लगेगा टैक्स
मैंने सरदार सरोवर नर्मदा निगम में जनवरी 1994 में डीप डिस्काउंट बॉन्ड्स (डीडीबी) में 3,600 रुपये निवेश किए थे। ये योजना इस वर्ष परिपक्व होने वाली है और मुझे लगभग 50 हजार रुपये मिलने वाले हैं। इसके साथ ही लगभग 46,400 रुपये का लाभ होने वाला है। इस पैसे पर आय पर ब्याज के रूप […]
डाक बचत पर निवेशकों का विश्वास चाहिए तो…
निवेश बाजार का ब्रांड लीडर डाक बचत पिछले 3-4 वर्षों से निवेश के लिहाज से पिछड़ता जा रहा है। हमारे देश में शुरू से ही आम निवेशकों के लिए बचत का सर्व सुलभ और बढ़िया जगह डाकघर ही रहा है। लेकिन आज यही डाकघर अपने निवेशकों की बाट जोह रहा है। और जो निवेशक डाकघर […]
थोड़ा गिरे या यहीं टिके तो करिए शेयरों में निवेश
भारतीय-अमेरिकी परमाणु समझौते को लेकर जैसी भ्रामक और बगैर ठोस जानकारी के जो बहस चल रही है वैसी कभी कभार ही होती है। किसी को सच में अंदाजा नहीं है कि इसका परिणाम अच्छा होगा या बुरा। राजनीतिक नेता और अर्थशास्त्री विज्ञान के अनुसार नहीं चलते, वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को वृहत आर्थिक और सामरिक पहलुओं […]
बीएस की क्लास
1- ………….. हाल ही में एनएसई और एनसीडीएक्स के एक संयुक्त उपक्रम के तहत गठित हुआ है। क- नैशनल स्पॉट एक्सचेंज लिमिटेड (एनएसईएल)ख- पावर एक्सचेंज ऑफ इंडिया (पीएक्सआई)ग- मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स)घ- इंडोनेक्स्ट2- वित्त वर्ष 2007-08 में राजस्व के हिसाब से ………. भारत की सबसे बड़ी कंपनी है। क- इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसी)ख- रिलायंस इंडस्ट्रीज […]
तेल की लपटों से घिरीं विमानन कंपनियां
भारत में यात्री विमानन कंपनियों का फिलहाल प्रतिकूल समय चल रहा है। पहले से ही कराह रहे इस उद्योग की हालत एविएशन टरबाइन फ्युएल (एटीएफ) की कीमतों में हुई वृध्दि से और दयनीय हो गई है। पिछले चार सालों में एटीएफ की कीमत में तीन गुना वृध्दि हुई है। पिछले पांच महीनों में ही इसमें […]
आईपीओ के जरिए विस्तार की जुगत
दलाल स्ट्रीट में इस समय खुशियों के पल कम ही दिखाई देते है। वैश्विक मंदी, राजनीतिक अनिश्चितता और बढती महंगाई से निवेशकों के चेहरे बुझे हुए हैं। भले ही कुछ कंपनियों मे आईपीओ लाने का विचार टाल दिया हो लेकिन इन हालात के बावजूद कई कंपनियां आईपीओ लाने का साहस कर रही हैं। इस कतार […]
