facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

Budget 2023: मध्यम वर्ग के लाभ के लिये टैक्स स्लैब में बदलाव, नई टैक्स रिजीम अब अधिक आकर्षक- सीतारमण

Advertisement
Last Updated- February 01, 2023 | 10:45 PM IST
Direct tax collection will be more than expected
BS

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को कहा कि सरकार ने नई कर व्यवस्था को करदाताओं के लिए और आकर्षक बनाया है और मध्यम वर्ग के लाभ के लिए इसके ढांचे में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। वित्त वर्ष 2023-24 के बजट में वैकल्पिक कर प्रणाली में बदलाव का प्रस्ताव किया गया है। यह कर प्रणाली 2020-21 में पेश की गई थी।

बजट पेश करने के बाद संवाददाताओं से बात करते हुए सीतारमण ने कहा कि देश अनुपालन में सरल और आसान प्रत्यक्ष कर प्रणाली का इंतजार करता रहा है। वित्त मंत्री ने कहा, ‘बजट में व्यक्तिगत आयकर में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है, जिससे मध्यम वर्ग लाभान्वित होगा। नई कर प्रणाली को अब अधिक आकर्षक बनाया गया है, जिससे लोग पुरानी प्रणाली से नई प्रणाली में बिना संकोच के आ सकें।’

बजट में प्रस्तावित बदलाव के अनुसार, नई कर प्रणाली के तहत सात लाख रुपये की वार्षिक आय वाले व्यक्ति पर कोई कर नहीं लगाया जाएगा। लेकिन इसमें पुरानी कर प्रणाली में ही रहने वाले व्यक्ति के लिए कोई बदलाव नहीं किया गया है। पुरानी कर प्रणाली किराया भत्ता (HRA) जैसे निवेश और व्यय पर कर छूट और कटौती प्रदान करती है। सरकार के इस फैसले को वेतनकर्मियों को नई प्रणाली अपनाने के लिए प्रेरित करने के लिए उठाया गया कदम माना जा रहा है।

इस प्रणाली में निवेश पर कोई छूट प्रदान नहीं की गई है। हालांकि इसमें 50,000 रुपये की मानक कटौती (standard deduction) की अनुमति दे दी गई है। पुरानी कर प्रणाली में समान कटौती और पांच लाख रुपये तक की वार्षिक आय पर कोई कर नहीं है। सीतारमण ने कहा कि सरकार नई कर प्रणाली को इतना आकर्षक और सहज बनाना चाहती है कि करदाताओं को इसका अनुपालन बोझ नहीं लगना चाहिए। हालांकि अगर किसी को पुरानी प्रणाली ज्यादा लाभदायक लगती है तो वह उसी के तहत जारी रह सकता है।

यह भी पढ़ें: Budget 2023: वित्त मंत्री ने महिलाओं को दिया तोहफा! नई बचत योजना में 7.5 फीसदी मिलेगा ब्याज

उन्होंने कहा, ‘हमारा अंतिम लक्ष्य पहले से सरल (नई) प्रणाली को और आकर्षक बनाना है।’ राजस्व सचिव संजय मल्होत्रा ने कहा कि ज्यादातर करदाता नई प्रणाली को ज्यादा आकर्षक महसूस करेंगे। मल्होत्रा ने हालांकि यह जानकारी नहीं दी कि 2020-21 के बाद से नई कर प्रणाली कितने करदाताओं ने अपनाई है।

Advertisement
First Published - February 1, 2023 | 7:01 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement