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Budget 2024: फिनटेक फर्मों ने जताई उम्मीद, छोटे शहरों तक पहुंच बढ़ाने में मददगार होगा बजट

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CAFRAL ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि 2016 से 2021 के दौरान 14,000 नए स्टार्टअप की स्थापना हुई जिनमें से आधे फिनटेक उद्योग से थे।

Last Updated- January 07, 2024 | 10:23 PM IST
Fintech Budget expectations: Focus on women-led enterprises, regions beyond tier 2

Budget 2024: भारत की फिनटेक और उनसे जुड़ी कंपनियों को ऐसे बजट की अपेक्षा है, जिससे मझोले शहरों से अब छोटे शहरों में भी कंपनियां अपना कारोबार बढ़ा सकें और इसमें महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यमों पर विशेष ध्यान हो।

फिनटेक कंपनियों को बीते एक साल से नियमाकीय सुधारों का सामना करना पड़ा है। इन कंपनियों को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से उम्मीद है कि वे बजट में सूक्ष्म, लघु, मध्यम उद्यमों को ऋण समाधानों के साथ सशक्त बनाएंगी। इससे देश के युवा कार्यबल के कौशल को भी बढ़ावा मिलेगा।

Budget 2024 के फरवरी में लेखानुदान पेश किया जाएगा। इसलिए कई लोगों को लगता कि इस बजट में कोई बड़ी घोषणा नहीं होगी।

डिजिटल उधारी देने वालों की निकाय ‘द डिजिटल लैंडिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया’ (डीएलएआई) को उम्मीद है कि फिनटेक कंपनियों को किफायती वित्त प्रदान करने के लिए समर्पित इंडिया फिनटेक क्रेडिट फंड (आईएफसीएफ) के गठन की उम्मीद है।

डीएलएआई के मुख्य कार्याधिकारी जितेंद्र हांडू ने कहा, ‘छोटे और मध्यम आकार के फिनटेक एक समर्पित भारत फिनटेक क्रेडिट फंड (आईएफसीएफ) के गठन के रूप में सहयोग की उम्मीद कर रहे हैं। इससे डिजिटल उधारी देने वालों को व्यापक स्तर में वित्त मिल पाएगा। नए दौर के उधारी देने वाले टियर 4 व उससे आगे भी अपना कारोबार फैला रहे हैं और विभिन्न तरह के उपभोक्ताओं को सेवाएं मुहैया करवा रहे हैं।’

यह भी पढ़ें: Budget 2024: अगले वित्त वर्ष 10 फीसदी Nominal GDP ग्रोथ का हो सकता है अनुमान

हांडू को विश्वास है कि आईएफसीएफ जैसे क्रेडिट फंड स्थापित होने से उधारी देने वाले फिनटेक की पहुंच देश भर में हो पाएगी और वे महिलाओं को पर्याप्त मात्रा में उधारी मुहैया करा पाएंगे। उन्होंने कहा कि आईएफसीए का गठन फिनटेक के ईकोसिस्टम के लिए मील का पत्थर साबित होगा। कंपनियां ऐसे इंतजामों की उम्मीद कर रही हैं, जिससे उनका वित्तीय बोझ कम होगा।

कैश फ्री पेमेंट के मुख्य कर्याधिकारी व सह संस्थापक आकाश सिन्हा ने कहा, ‘बजट में फिनटेक कंपनियों पर आर्थिक बोझ कम किए जाने के लिए कुछ घोषणाएं की जानी चाहिए। इस क्षेत्र के स्टार्टअप को कर में छूट मुहैया मिलनी चाहिए। ऐसी नीतियां होनी चाहिए कि वे फिनटेक कंपनियों को फलने-फूलने के लिए उचित माहौल मुहैया करवाएं। इससे फिनटेक कंपनियां ऐसे उत्पाद व सोल्यूशन मुहैया करा पाएंगी कि जो उपभोक्ताओं और कारोबार के लिए अधिक अनुकूल हों।’

देश में फिनटेक का मार्केट तेजी से बढ़ रहा है। सेंटर फॉर एडवांस फाइनैंशियल रिसर्च ऐंड लर्निंग (सीएएफआरएएल) ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि 2016 से 2021 के दौरान 14,000 नए स्टार्टअप की स्थापना हुई जिनमें से आधे फिनटेक उद्योग से थे। रिपोर्ट के अनुसार 2030 तक फिनटेक की उधारी बैंक से अधिक होने का अनुमान है।

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First Published - January 7, 2024 | 10:23 PM IST

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