facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

Economic Survey 2023: गति शक्ति, लॉजिस्टिक पॉलिसी से इकोनॉमिक ग्रोथ को मिलेगा समर्थन

Advertisement
Last Updated- January 31, 2023 | 3:53 PM IST
Cathay Cargo

पीएम गति शक्ति, राष्ट्रीय लॉजिस्टिक नीति और उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (PLI) योजनाओं जैसे पथ-प्रवर्तक कदमों से भारत की आर्थिक वृद्धि (Economic Growth) को समर्थन मिलेगा।

वित्त वर्ष 2022-23 की आर्थिक समीक्षा में यह अनुमान जताया गया है। मंगलवार को संसद में पेश आर्थिक समीक्षा के मुताबिक, पिछले आठ वर्षों में सड़कों, रेल मार्गों एवं जलमार्गों में अप्रत्याशित विस्तार देखने को मिला है। इस दौरान बंदरगाहों और हवाई अड्डों को भी उन्नत किया गया है।

आर्थिक समीक्षा कहती है कि भारत में लॉजिस्टिक लागत सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के 14-18 प्रतिशत के दायरे में रही है जबकि इसका वैश्विक मानक आठ प्रतिशत का है।

सरकार वर्ष 2021 में पीएम गति शक्ति- राष्ट्रीय मास्टर प्लान लेकर आई थी। इसके जरिये ढांचागत परियोजनाओं से संबंधित विभागीय जकड़नों को खत्म कर उनका समग्र एवं एकीकृत नियोजन करने के साथ क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का लक्ष्य है। इस तरह मल्टी-मॉडल और अंतिम गंतव्य तक पहुंच सुविधा बहाल करने का इरादा है।

राष्ट्रीय मास्टर प्लान (एनआईपी) में सड़क, रेल, हवाई अड्डा, बंदरगाह, सार्वजनिक परिवहन, जलमार्ग एवं लॉजिस्टिक ढांचे को सात ‘इंजन’ बताते हुए उन्हें पीएम गति शक्ति पहल में समायोजित किया जाना है।

आर्थिक समीक्षा के मुताबिक, विभिन्न ढांचागत परियोजनाओं का नियोजन केंद्र एवं राज्यों के स्तर पर अधिक समग्रता और सम्मिलन के साथ करने में सितंबर, 2022 में घोषित राष्ट्रीय लॉजिस्टिक नीति से मदद मिलेगी।

समीक्षा कहती है, ‘‘इन सभी प्रयासों से ढांचागत क्षेत्र के मुश्किल सफर से जुड़ी खामियों को दूर किए जाने की उम्मीद है। इस सफर में केंद्र, राज्य, स्थानीय निकाय और निजी क्षेत्र सभी की भागीदारी है।’’

Advertisement
First Published - January 31, 2023 | 3:53 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement