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Economic Survey 2026: मनरेगा का अस्तित्व खत्म, VB-G RAM G से ग्रामीण रोजगार को मिलेगा बूस्ट

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इकोनॉमिक सर्वे में केंद्र सरकार ने कहा है कि मनरेगा के स्थान पर नया वीबी-ग्राम जी एक्ट लागू होगा जिससे ग्रामीण बुनियादी ढांचे और रोजगार में पारदर्शिता को मजबूत किया जाएगा

Last Updated- January 29, 2026 | 3:11 PM IST
labour
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

इकोनॉमिक सर्वे 2025-26 में केंद्र सरकार ने मनरेगा को पूरी तरह बदलने का ऐलान किया है। गुरुवार को संसद में पेश इस सर्वे में कहा गया है कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) अब अपनी सीमाओं पर पहुंच चुकी है। इसलिए सरकार ने इसे विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) एक्ट, 2025 यानी VB-G RAM G एक्ट से बदल दिया है।

मनरेगा की पुरानी ताकत और नई चुनौतियां

2005 से चल रही मनरेगा ने गांवों में मजदूरी का काम दिया, ग्रामीण आय को स्थिर रखा और बुनियादी ढांचा बनवाया। हर ग्रामीण परिवार को साल में कम से कम 100 दिन का अकुशल काम गारंटी से मिलता था। सालों में इसमें कई सुधार हुए। महिलाओं की भागीदारी वित्त वर्ष14 में 48 प्रतिशत से बढ़कर वित्त वर्ष25 में 58.1 प्रतिशत हो गई। आधार सीडिंग बढ़ी, आधार आधारित पेमेंट सिस्टम चल पड़ा और इलेक्ट्रॉनिक तरीके से मजदूरी का भुगतान लगभग हर जगह हो जाता है। जियो-टैगिंग से काम की निगरानी बेहतर हुई और घर-घर पर संपत्तियां बनाने का हिस्सा बढ़ा। डिजिटल गवर्नेंस और पारदर्शिता में सुधार हुआ।

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लेकिन सर्वे में साफ कहा गया है कि समय के साथ कई गहरी समस्याएं आ गईं। कई जगह काम जमीन पर नहीं होता, खर्च और फिजिकल प्रोग्रेस मैच नहीं करते। डिजिटल अटेंडेंस सिस्टम को बायपास किया जाता है। समय के साथ गड़बड़ियां बढ़ती गईं। पोस्ट-पैंडेमिक समय में बहुत कम परिवारों ने पूरे 100 दिन का काम लिया। गांवों में आय बढ़ी, कनेक्टिविटी सुधरी, डिजिटल इस्तेमाल बढ़ा और रोजगार के तरीके बदल गए। इसलिए अब पुरानी स्कीम की डिजाइन को दोबारा देखने की जरूरत है।

नया एक्ट क्या लाया है?

सर्वे के मुताबिक VB-G RAM G एक्ट, 2025 मनरेगा का व्यापक बदलाव है। यह विकसित भारत@2047 के विजन से जुड़ता है। नई व्यवस्था में जवाबदेही मजबूत होगी, इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस बढ़ेगा और आय की सुरक्षा बेहतर होगी। पुराने सुधारों को बनाए रखते हुए कमजोरियों को दूर किया जाएगा। यह ग्रामीण रोजगार को ज्यादा आधुनिक, जिम्मेदार और इंफ्रास्ट्रक्चर पर केंद्रित बनाएगा।

सरकार का कहना है कि मनरेगा ने भागीदारी, डिजिटाइजेशन और पारदर्शिता में अच्छा काम किया, लेकिन संरचनात्मक कमजोरियां बनी रहीं। नया फ्रेमवर्क इन्हें ठीक करने की कोशिश है। यह ग्रामीण भारत की बदलती जरूरतों के हिसाब से रोजगार नीति को नया रूप देगा।

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First Published - January 29, 2026 | 2:55 PM IST

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